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बिहार: मेडिकल कॉलेज के ब्लड सेंटर से बी-पॉजिटिव प्लेटलेट की यूनिट गायब, 10 कर्मियों से मांगा लिखित जवाब
Sat, 05 Sep 2026 10:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 10:21 AM IST
सार
अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ब्लड सेंटर से 1 सितंबर को बी पॉजिटिव प्लेटलेट की एक यूनिट का रिकॉर्ड नहीं मिलने का मामला सामने आया है। अस्पताल प्रशासन ने इवनिंग और नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर तैनात 10 कर्मियों से 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
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अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एएनएमएमसीएच) के ब्लड सेंटर से बी पॉजिटिव प्लेटलेट की एक यूनिट गायब होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया है। संबंधित इवनिंग और नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर तैनात 10 कर्मियों से 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
शिफ्ट बदलने के दौरान गायब हुई प्लेटलेट यूनिट
गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ब्लड सेंटर से प्लेटलेट की एक यूनिट गायब होने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। ब्लड सेंटर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को इवनिंग शिफ्ट से नाइट शिफ्ट के बीच बी पॉजिटिव प्लेटलेट की एक यूनिट का रिकॉर्ड नहीं मिला। गायब यूनिट का बैग नंबर 4609 और सेगमेंट नंबर 24G/516120 दर्ज है।
10 कर्मियों से मांगा गया जवाब
मामले को गंभीर मानते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने दोनों शिफ्टों में ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों से 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। इवनिंग शिफ्ट (दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे) में ड्यूटी पर इन्तेखाब आलम, अनिता कुमारी, अजय कुमार, आलोक कुमार और कुमारीतुर तैनात थे। वहीं, नाइट शिफ्ट (रात 9 बजे से सुबह 8 बजे) में वीरेंद्र कुमार, मो. शमीर अंसारी, दिलीप कुमार शर्मा और अभिनव मिश्रा समेत संबंधित कर्मियों से भी जवाब मांगा गया है।
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जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि घटना के संबंध में सभी संबंधित कर्मियों को अपना पक्ष लिखित रूप से प्रस्तुत करना होगा। पत्र की प्रतिलिपि अस्पताल के उपाधीक्षक और अधीक्षक को भी भेजी गई है, ताकि आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जा सके। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी कर्मियों के जवाब मिलने के बाद विभागीय जांच आगे बढ़ाई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि प्लेटलेट यूनिट किस परिस्थिति में गायब हुई और इसके लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है।
व्यवस्था पर उठे सवाल
प्लेटलेट जैसी जीवनरक्षक रक्त सामग्री का गायब होना ब्लड सेंटर की भंडारण, रिकॉर्डिंग और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सामान्य तौर पर प्लेटलेट की हर यूनिट का रिकॉर्ड, स्टोरेज और वितरण पूरी निगरानी में होता है। ऐसे में एक यूनिट का गायब होना अस्पताल प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और सभी की नजर अब कर्मियों के जवाब तथा जांच रिपोर्ट पर टिकी है।
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शिफ्ट बदलने के दौरान गायब हुई प्लेटलेट यूनिट
गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ब्लड सेंटर से प्लेटलेट की एक यूनिट गायब होने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। ब्लड सेंटर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को इवनिंग शिफ्ट से नाइट शिफ्ट के बीच बी पॉजिटिव प्लेटलेट की एक यूनिट का रिकॉर्ड नहीं मिला। गायब यूनिट का बैग नंबर 4609 और सेगमेंट नंबर 24G/516120 दर्ज है।
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10 कर्मियों से मांगा गया जवाब
मामले को गंभीर मानते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने दोनों शिफ्टों में ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों से 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। इवनिंग शिफ्ट (दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे) में ड्यूटी पर इन्तेखाब आलम, अनिता कुमारी, अजय कुमार, आलोक कुमार और कुमारीतुर तैनात थे। वहीं, नाइट शिफ्ट (रात 9 बजे से सुबह 8 बजे) में वीरेंद्र कुमार, मो. शमीर अंसारी, दिलीप कुमार शर्मा और अभिनव मिश्रा समेत संबंधित कर्मियों से भी जवाब मांगा गया है।
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जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि घटना के संबंध में सभी संबंधित कर्मियों को अपना पक्ष लिखित रूप से प्रस्तुत करना होगा। पत्र की प्रतिलिपि अस्पताल के उपाधीक्षक और अधीक्षक को भी भेजी गई है, ताकि आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जा सके। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी कर्मियों के जवाब मिलने के बाद विभागीय जांच आगे बढ़ाई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि प्लेटलेट यूनिट किस परिस्थिति में गायब हुई और इसके लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है।
व्यवस्था पर उठे सवाल
प्लेटलेट जैसी जीवनरक्षक रक्त सामग्री का गायब होना ब्लड सेंटर की भंडारण, रिकॉर्डिंग और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सामान्य तौर पर प्लेटलेट की हर यूनिट का रिकॉर्ड, स्टोरेज और वितरण पूरी निगरानी में होता है। ऐसे में एक यूनिट का गायब होना अस्पताल प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और सभी की नजर अब कर्मियों के जवाब तथा जांच रिपोर्ट पर टिकी है।