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बिहार में 'कंप्यूटर बेबेज' के नाम से बना फर्जी आधार कार्ड: पिता का नाम 'चार्ल्स बेबेज’ दर्ज; अब जांच हुई शुरू

Thu, 07 Aug 2025 01:04 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नवादा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नवादा Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 07 Aug 2025 01:04 PM IST
सार

 Bihar: राजस्व अधिकारी अनीश कुमार ने बताया कि प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित कार्यपालक सहायक पिंटू कुमार ने आवेदन की जांच के दौरान फर्जीवाड़े की पहचान की। संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन करते ही मामला सामने आ गया और आवेदन को तत्काल रिजेक्ट कर दिया गया।

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Kauakol Fraud Case Fake Residential Certificate Application in Nawada’s Kauakol Under ‘Computer Babbage’ Name
फर्जी आधार कार्ड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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नवादा जिले के कौआकोल प्रखंड में फर्जी आधार कार्ड बनाने की एक अजीबोगरीब कोशिश का मामला सामने आया है। 27 जुलाई को किए गए एक ऑनलाइन आवेदन की जांच के दौरान यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। आवेदन संख्या BRCCO/2025/17640783 में आवेदक का नाम ‘कंप्यूटर बेबेज’ दर्ज था। माता-पिता के नाम क्रमश ‘चार्ल्स बेबेज’ और ‘एलन ट्यूरिंग’ लिखे गए थे, जो कि कंप्यूटर विज्ञान के क्षेत्र में ऐतिहासिक नाम हैं। यही नहीं, आवेदन में एक कंप्यूटर सिस्टम की तस्वीर भी अपलोड की गई थी। पता ग्राम- कुतुबचक, वार्ड नंबर-01, पोस्ट- चंद्रदीप, थाना कौआकोल दर्ज किया गया था।

राजस्व अधिकारी अनीश कुमार ने बताया कि प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित कार्यपालक सहायक पिंटू कुमार ने आवेदन की जांच के दौरान फर्जीवाड़े की पहचान की। संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन करते ही मामला सामने आ गया और आवेदन को तत्काल रिजेक्ट कर दिया गया। कौआकोल के अंचल अधिकारी मनीष कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह एक स्पष्ट रूप से फर्जी आवेदन था, जो ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से प्रमाण पत्र प्राप्त करने की असफल कोशिश थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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गौरतलब है कि इससे पहले भी बिहार में फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने के कई हास्यास्पद मामले सामने आ चुके हैं। कभी कुत्ते के नाम पर तो कभी फिल्मी हस्तियों और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम से आवेदनों की प्रविष्टि की जा चुकी है। इस तरह की घटनाओं ने राज्य की प्रमाण पत्र प्रणाली की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए अब प्रमाण पत्र आवेदनों की जांच प्रक्रिया को और अधिक कड़ा कर दिया है।

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