Bihar News: पीएचडी छात्रों की मांगों पर सरकार गंभीर, प्रेम कुमार बोले- पोर्टल के जरिए सुनी जा रही शिकायतें
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि पीएचडी छात्रों की समस्याओं के समाधान को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर छात्रों की शिकायतों के लिए पोर्टल शुरू किया गया है। साथ ही उन्होंने तीन नए आपराधिक कानूनों को समय की जरूरत बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल की सराहना की।
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बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा है कि पीएचडी छात्रों की समस्याओं को लेकर राज्य सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए पोर्टल शुरू किया गया है और सरकार हर उचित मांग पर सकारात्मक विचार कर रही है। वहीं, देश में लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों को उन्होंने समय की जरूरत बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल की सराहना की।
शनिवार को गयाजी में आयोजित कृषि जन कल्याण संवाद कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने पीएचडी छात्रों के प्रदर्शन और उनकी मांगों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में छात्रों से जुड़े मामलों के लिए एक पोर्टल शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों की शिकायतें और समस्याएं सरकार तक पहुंच रही हैं। इन मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है और जो भी मांगें व्यावहारिक एवं संभव हैं, उन पर सरकार कार्रवाई कर रही है।
बिहार छात्रों की बात सुनने वाला पहला राज्य
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार ऐसा राज्य बन रहा है, जहां सरकार छात्रों की समस्याओं को केवल सुन ही नहीं रही है, बल्कि उनके समाधान की दिशा में भी ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन मुद्दों को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं, सरकार उन सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करेगी और उचित समाधान निकाला जाएगा।
नए आपराधिक कानूनों का किया स्वागत
देश में लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों पर पूछे गए सवाल के जवाब में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह एक सकारात्मक और ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि आजादी के दशकों बाद भी कई कानून अंग्रेजों के शासनकाल के बने हुए थे, जिन्हें अब बदलकर वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप नए कानून लागू किए जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ न्याय व्यवस्था को भी आधुनिक बनाने की आवश्यकता थी। नए कानून इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिससे न्याय प्रणाली अधिक प्रभावी और समयानुकूल बनेगी।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुराने औपनिवेशिक कानूनों को समाप्त कर नए कानून लागू करने की जो पहल की है, वह स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि यह देश की न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा सुधार है और इसके लिए गृह मंत्री बधाई के पात्र हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि नए कानूनों से न्याय प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, प्रभावी तथा जनता के हितों के अनुरूप होगी।