Bihar News: भाकपा माले विधायक बोले- मोदी सरकार के 10 साल ‘आपातकाल’ बन कर सब के सामने आए
Jehanabad Hindi News: भाकपा माले विधायक रामबली सिंह ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि मजदूरों के आंदोलन के बल पर हासिल श्रम कानून को मोदी सरकार द्वारा बदलकर पूंजीपतियों और मालिकों के गुलामी का कानून बनाकर चार श्रम कोड में तब्दील कर उनके तमाम अधिकारों को रौंदा जा रहा है।
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बिहार के जहानाबाद जिला मुख्यालय में भाकपा (माले) विधायक रामबली सिंह यादव के नेतृत्व में सड़क पर रोष पूर्ण प्रदर्शन किया गया। इस दौरान वाहनों के परिचालन को भी रोक दिया गया। इस मौके पर प्रदर्शनकारी केंद्र की नरेंद्र मोदी और बिहार की नीतीश सरकार के खिलाफ लगा नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारी नेताओं के मुताबिक मोदी सरकार की मजदूर किसान और देश विरोधी विनाशकारी नीतियों के खिलाफ मजदूर, किसानों और संगठनों के संयुक्त आह्वान पर देश व्यापी हड़ताल बुलाई गई है। इसका जहानाबाद जिले में असर देखा जा रहा है। ग्रामीण इलाके में भी मजदूर कार्य बंद कर दिए गए हैं।
प्रदर्शन के दौरान विधायक रामबली सिंह यादव ने कहा कि मोदी सरकार की मजदूर, किसान और देश के खिलाफ विनाशकारी नीतियां हैं। उन नीतियों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा और संयुक्त ट्रेड यूनियन के आह्वान पर मजदूर किसान संगठनों की ओर से देशव्यापी हड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय किसान महासभा, अखिल भारतीय खेत और ग्रामीण मजदूर सभा तथा ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन, रसोइया संघ, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और निर्माण मजदूर इसे सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
विधायक रामबली सिंह ने कहा कि विभिन्न गांवों और चट्टी बाजारों पर नुक्कड़ सभाएं की गईं। हम धर्म के नाम पर नहीं बटेंगे, मोदी राज को खत्म करेंगे, नफरत व हिंसा की राजनीति को ध्वस्त करो, स्कीम वर्करों के मानदेय को बढ़ाना होगा, मजदूरों किसानों के अधिकारों पर हमला, दमन करना बंद करो, सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी करो, प्रस्तावित बिजली बिल 2020 वापस लो, किसानों से किए गए तमाम समझौतों को अविलंब लागू करो, चार श्रम कोड को रद्द करो, 12 घंटे काम करने की गुलामी पूर्ण कार्रवाई वापस लो और संपूर्ण मजदूरों के अधिकारों व कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने आदि मांग पर आंदोलन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘मोदी सरकार के 10 साल आपातकाल’ के रूप में मजदूर किसानों के लिए याद किए जाएंगे। मोदी सरकार मजदूर-किसानों के अधिकारों पर लगातार हमले कर कॉरपोरेट घराने की सेवा कर रही है। इसीलिए तीन कृषि कानून को लाकर मोदी सरकार खेती को पूंजीपतियों के हवाले कर और यहां तक कि एमएसपी की सरकारी खरीद की गारंटी बनाने से भाग रही है। बिजली को महंगी करके प्रस्तावित बिजली बिल 2020 लाकर बिजली कंपनियों को मुनाफा पहुंचाना चाहती है और किसानों के तमाम तरह की सुविधा-रियायतों को खत्म कर पूंजीपतियों को बड़े पैमाने पर सब्सिडी और छूट दे रही है और किसानों के कर्ज माफ करने से भाग रही है।
विधायक रामबली सिंह ने कहा कि मजदूरों के आंदोलन के बल पर हासिल श्रम कानून को सरकार द्वारा बदलकर पूंजीपतियों और मालिकों के गुलामी का कानून बनाकर चार श्रम कोड में तब्दील कर उनके तमाम अधिकारों को रौंदा जा रहा है। काम के घंटों को बढ़ाकर 12 घंटे कर गुलामीपूर्ण जिंदगी करने, निजीकरण आउटसोर्सिंग के जरिए मजदूरों की छंटनी करने और देश की सभी संपदा को बेचकर पूंजीपतियों के हाथ में गिरवी रखी जा रही है। एक तरफ मजदूर-किसानों पर महंगाई की मार और दूसरी तरफ निजीकरण के जरिए लोगों को महंगी शिक्षा, स्वास्थ्य और तमाम जनता की जरूरत की चीजें महंगी मुहैया कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि इन विनाशकारी नीतियों के खिलाफ मजदूर और किसानों का यह महा मिलन मोदी सरकार के ताबूत में आखिरी कील ठोक कर 2024 में मोदी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकेगा। धर्म के नाम पर नहीं बटेंगे, मोदी राज को खत्म करेंगे। मोदी सरकार के 10 साल ‘आपातकाल’ बनकर सब के सामने हैं।