Bihar: जदयू में बगावत के सुर, प्रदेश सचिव ने जिलाध्यक्ष पर लगाए गंभीर आरोप, सीएम से की शिकायत
गयाजी में जनता दल (यूनाइटेड) के संगठन के भीतर अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आया है। जदयू के प्रदेश सचिव डॉ. चंदन कुमार यादव ने पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी का आरोप लगाते हुए जिलाध्यक्ष पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
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गयाजी में जनता दल (यूनाइटेड) संगठन के भीतर अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। वर्षों से पार्टी के लिए निष्ठा और समर्पण के साथ काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जदयू के प्रदेश सचिव ने जिलाध्यक्ष पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस पूरे मामले की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक पहुंचाई गई है, जिसके बाद सत्ताधारी दल के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है।
सत्ताधारी दल से लंबे समय से जुड़े निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा को लेकर असंतोष अब खुलकर सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री बिहार को संबोधित एक पत्र में पार्टी संगठन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि बिहार के विभिन्न जिलों में 20 से 25 वर्षों से आदरणीय नेतृत्व की विचारधारा को बिना किसी लोभ-लालच के जन-जन तक पहुंचाने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं को लगातार दरकिनार किया जा रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर जदयू के प्रदेश सचिव डॉ. चंदन कुमार यादव ने गयाजी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जदयू जिलाध्यक्ष द्वारिका प्रसाद पर कई गंभीर आरोप लगाए। डॉ. चंदन कुमार यादव ने कहा कि पार्टी के निष्ठावान और समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में गया शहर में जदयू द्वारा आयोजित कार्यकर्ताओं के आभार सह सम्मान कार्यक्रम की जानकारी तक कई कार्यकर्ताओं को नहीं दी गई। यहां तक कि जो समर्पित कार्यकर्ता वर्षों से संगठन के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें भी न तो आमंत्रित किया गया और न ही उचित मान-सम्मान दिया गया।
प्रदेश सचिव ने बताया कि इन सभी बातों की जानकारी उन्होंने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी मुख्यालय में बैठे कुछ लोग एक साथ सरकार और संगठन के कई पदों पर काबिज हैं और वे अपने चहेतों को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं, जबकि पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था तक नहीं की जाती। पंचायत अध्यक्ष से लेकर प्रखंड कमिटी तक को कार्यक्रमों की सूचना नहीं दी जाती और जो कार्यकर्ता किसी तरह पहुंच भी जाते हैं, उन्हें सम्मानजनक स्थान नहीं मिलता। डॉ. चंदन कुमार यादव ने कहा कि जिन लोगों ने पहले अन्य दलों का प्रचार किया था, सरकार बनते ही उन्हें बिना किसी ठोस आधार के पार्टी में शामिल कर लिया गया, जबकि वर्षों से निःस्वार्थ भाव से काम करने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है।
प्रदेश सचिव ने इसे कार्यकर्ताओं के अधिकारों का खुला हनन बताते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इससे संगठन को गंभीर नुकसान हो सकता है।