फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Gaya News ›   Bihar News: Chaos throughout the day over death of prisoner in Aurangabad, police resorted to lathicharge

Bihar News: औरंगाबाद में कैदी की मौत पर दिनभर बवाल, पुलिस ने किया लाठीचार्ज; विधायक रहे मूकदर्शक

Sat, 30 Aug 2025 07:08 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: शबाहत हुसैन Updated Sat, 30 Aug 2025 07:08 PM IST
सार

Bihar: धर्मेंद्र की मौत और मौत के बाद भी हथकड़ी नहीं खोले जाने को लेकर ग्रामीण और परिजन रमेश चौक पर जुट गए। जमकर नारेबाजी हुई और जेल प्रशासन पर कार्रवाई की मांग उठी। सूचना पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन उलझ गए।

विज्ञापन
Bihar News: Chaos throughout the day over death of prisoner in Aurangabad, police resorted to lathicharge
परिजनों का हंगामा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

औरंगाबाद मंडल कारा के एक बंदी की इलाज के दौरान शनिवार को हुई मौत पर शहर में दिनभर हंगामा होता रहा। स्थिति तब और बिगड़ गई जब मृतक कैदी के हाथों में मौत के बाद भी हथकड़ी लगी मिली, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने जेल प्रशासन पर आरोपों को अनसुना करने का विरोध किया और शव को पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया। परिजन और ग्रामीण शव को लेकर सदर अस्पताल से रमेश चौक पहुंचे और सड़क को चारों ओर से जाम कर दिया। इससे शहर का यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

विज्ञापन

परिजनों का आरोप– जेल में पिटाई से हुई मौत
मृतक धर्मेंद्र राम, बारूण थाना क्षेत्र के उर्दीना गांव का निवासी था। परिजनों का आरोप है कि जेल में पुलिस पिटाई के कारण उसकी मौत हुई। उनका कहना है कि धर्मेंद्र पर शराब बेचने का आरोप झूठा था। वह दिल्ली में काम करता था और 15 दिन पहले ही गांव आया था। परिजनों का आरोप है कि साजिशन उसे फंसाकर जेल भेजा गया और वहीं उसकी पिटाई से मौत हुई। धर्मेंद्र के पीछे उसकी पत्नी और दो मासूम बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) हैं। परिवार का कहना है कि घर में अब कोई कमाने वाला सदस्य नहीं बचा।

विज्ञापन

रमेश चौक पर बवाल, पुलिस से उलझे परिजन
धर्मेंद्र की मौत और मौत के बाद भी हथकड़ी नहीं खोले जाने को लेकर ग्रामीण और परिजन रमेश चौक पर जुट गए। जमकर नारेबाजी हुई और जेल प्रशासन पर कार्रवाई की मांग उठी। सूचना पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन उलझ गए। इसी दौरान कुछ लोगों ने नगर थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह को घेरकर मारपीट की। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे अफरातफरी मच गई और कई लोग चोटिल हुए। बाद में वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम हटवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें: मधुबनी में मेजर ध्यानचंद की जयंती पर खेलों का महाकुंभ, खिलाड़ियों का दिखा उत्साह

विधायक बने रहे मूकदर्शक
घटना की जानकारी मिलने पर नबीनगर के राजद विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डबल्यू सिंह भी मौके पर पहुंचे। हालांकि वे स्थिति देखकर मूकदर्शक बने रहे। बाद में उन्होंने कहा कि यह घटना नीतीश सरकार के सुशासन की पोल खोलती है। पहले निर्दोष को झूठे आरोप में जेल भेजा गया और फिर जेल में पिटाई कर मार डाला गया। यदि समय पर कार्रवाई होती तो यह नौबत नहीं आती।

पुलिस का पक्ष
नगर थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि परिजन और ग्रामीण पुलिस से बदसलूकी करने लगे थे, जिसके कारण हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। लाठीचार्ज में किसी को गंभीर चोट नहीं आई। वहीं एसडीपीओ-1 संजय कुमार पांडेय ने कहा कि उपद्रवियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed