Bihar Crime: चर्चित भूमिहार नेता सुशील पांडेय की हत्या में शामिल हार्डकोर नक्सली गिरफ्तार, 12 साल से था फरार
Bihar: एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली के अन्य आपराधिक मामलों में संलिप्तता का पता लगाने के लिए विभिन्न थानों से संपर्क किया गया है। औरंगाबाद पुलिस नक्सलियों की गतिविधियों पर लगातार अंकुश लगाने के लिए सघन छापेमारी अभियान चला रही है।
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औरंगाबाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2013 में हुए चर्चित पिसाय ब्लास्ट कांड में वांछित हार्डकोर नक्सली कमलेश यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह वही कांड है जिसमें भूमिहार समुदाय के चर्चित नेता सुशील पांडेय समेत सात लोगों की मौत हो गई थी। विस्फोट इतना भयानक था कि मृतकों के शवों की पहचान कर पाना मुश्किल हो गया था। गिरफ्तार नक्सली कमलेश यादव रफीगंज प्रखंड के पड़राही गांव का निवासी है। पुलिस पिछले 12 वर्षों से उसे पकड़ने के लिए सक्रिय थी। बुधवार को उसे रफीगंज थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
दाउदनगर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार ऋषिराज ने बताया कि औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल के नेतृत्व में जिले को नक्सल और अपराध मुक्त बनाने को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में खुफिया सूचना मिली थी कि कमलेश यादव रफीगंज इलाके में देखा गया है। सूचना मिलते ही विशेष टीम का गठन कर घेराबंदी की गई और सघन तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके दौरान कमलेश को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कमलेश यादव ने पिसाय ब्लास्ट सहित कई नक्सली वारदातों में अपनी संलिप्तता कबूल की है। पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पिसाय ब्लास्ट में हुआ था सुशील पांडेय का अंत
एसडीपीओ के मुताबिक, वर्ष 2013 में कमलेश यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर पथरा से पिसाय जाने वाली सड़क पर बारूदी सुरंग बिछाई थी। विस्फोट में सुशील पांडेय समेत सात लोग मौके पर ही मारे गए थे। इस वीभत्स घटना के बाद पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी। शवों की हालत ऐसी थी कि उन्हें पहचानने में भी पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।
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कमलेश यादव पर गोह थाना में दर्ज प्राथमिकी संख्या 140/13 के तहत आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 324, 337, 307, 326, 435, 427, 302, आर्म्स एक्ट की धारा 27, विस्फोटक अधिनियम की धारा 3/4, CLA एक्ट की धारा 17 तथा यूएपीए एक्ट की धारा 10 के तहत गंभीर आरोप दर्ज हैं।
अन्य मामलों में संलिप्तता की भी हो रही जांच
एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली के अन्य आपराधिक मामलों में संलिप्तता का पता लगाने के लिए विभिन्न थानों से संपर्क किया गया है। औरंगाबाद पुलिस नक्सलियों की गतिविधियों पर लगातार अंकुश लगाने के लिए सघन छापेमारी अभियान चला रही है।