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Bihar Board Topper: औरंगाबाद के शिव ने हासिल किया 10वां स्थान, पिता बेचते हैं ताड़ी; अब बेटे की नजर IAS पर

Sun, 29 Mar 2026 05:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 29 Mar 2026 05:01 PM IST
सार

औरंगाबाद के शिव कुमार ने ननिहाल में रहकर 481 अंक व 96.2% के साथ बिहार बोर्ड मैट्रिक 2026 में राज्य में 10वां स्थान पाया। नीरा बेचने वाले पिता के इस बेटे का सपना IAS बनना है।

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Aurangabad Shiv Secures 10th Rank in Bihar Board
नीरा बेचने वाले के पुत्र शिव कुमार ने ननिहाल में रहकर पाई सफलता - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

बिहार बोर्ड मैट्रिक 2026 का परिणाम आते ही औरंगाबाद जिले के देव में खुशी की लहर दौड़ गई। राजकीय राजा जगन्नाथ हाई स्कूल देव के छात्र शिव कुमार ने 481 अंक यानी 96.2 प्रतिशत हासिल कर पूरे राज्य में 10वां स्थान हासिल किया है । एक साधारण परिवार से आने वाले इस होनहार छात्र की कामयाबी ने यह साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे भी हों सच्ची लगन से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।
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ननिहाल में रहकर पूरी की पढ़ाई
शिव कुमार मूल रूप से झारखंड के पलामू जिले के हरिहरगंज प्रखंड के अररूआ खुर्द गांव के रहने वाले हैं। बचपन में तबियत खराब रहने के कारण नाना तिलेश्वर चौधरी और नानी कांति देवी उन्हें अपने पास देव में रख लिया और तब से शिव कुमार यहीं रहकर पढ़ाई करते रहे। नाना हलवाई का काम करते हैं। नाना-नानी ने बताया कि उन्हें अपने नाती की इस कामयाबी पर बेहद गर्व है और उन्हें पहले से ही उम्मीद थी कि शिव जरूर कुछ बड़ा करेगा।
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नीरा बेचते हैं पिता, गृहिणी हैं मां
शिव कुमार अनुसूचित जाति के चौधरी पासी समुदाय से आते हैं। उनके पिता मनोज चौधरी गांव में रहकर नीरा यानी ताड़ी बेचने का काम करते हैं और इसी से परिवार का गुजारा चलता है। मां सुमन देवी गृहिणी हैं। शिव कुमार दो भाई और एक बहन में सबसे बड़े हैं। इतनी कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने पढ़ाई का दामन कभी नहीं छोड़ा।
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दिल से की पढ़ाई तो मिली सफलता
शिव कुमार ने अपनी सफलता का राज बताते हुए कहा कि दिखावे की पढ़ाई से नहीं बल्कि दिल लगाकर पढ़ने से ही असली कामयाबी मिलती है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, नाना-नानी, मामा-मामी के आशीर्वाद और गुरुजनों की प्रेरणा को दिया।


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आईएएस बनना है सपना
शिव कुमार का अगला सपना सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनना है। उन्होंने दृढ़ संकल्प के साथ कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वह पूरी जान लगा देंगे और एक दिन जरूर सफल होंगे। शिव कुमार की यह प्रेरणादायक कहानी समाज के उन तमाम बच्चों के लिए एक मिसाल है जो विपरीत परिस्थितियों में भी बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं।

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