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Samrat Ashok Controversy: दया प्रकाश सिन्हा पर पटना में एफआईआर, सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से करने का आरोप
Thu, 13 Jan 2022 08:47 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 13 Jan 2022 08:47 PM IST
सार
उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी ट्वीट कर कहा कि हम अहिंसा और बौद्ध धर्म के प्रवर्तक सम्राट अशोक की कोई भी तुलना औरंगजेब जैसे क्रूर शासक से करने की कड़ी निंदा करते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
साहित्य अकादमी और पद्मश्री पुरस्कारों से सम्मानित दया प्रकाश सिन्हा की किताब पर बवाल बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि किताब में चक्रवर्ती सम्राट अशोक की तुलना क्रूर शासक औरंगजेब से किए जाने के मामले में पटना में मामला दर्ज हो गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने मामले में पटना के कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया है। मामले में नफरत फैलाने के आरोप के तहत केस दर्ज किया गया है।
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इससे पहले दया प्रकाश के बयान पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने आपत्ति जाहिर की थी। ललन सिंह ने कहा था कि प्रियदर्शी सम्राट अशोक मौर्य बृहत और अखंड भारत के निर्माता थे। उनके बारे में अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल असहनीय है। इसके माफी भी नहीं दी जा सकती। इसके बाद जदयू नेता उपेन्द्र कुशवाहा ने भी मुद्दे को उठाया।
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उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी ट्वीट कर कहा कि हम अहिंसा और बौद्ध धर्म के प्रवर्तक सम्राट अशोक की कोई भी तुलना औरंगजेब जैसे क्रूर शासक से करने की कड़ी निंदा करते हैं। सम्राट अशोक पर जिस लेखक ने आपत्तिजनक टिप्पणी की, उनका आज न भाजपा से कोई संबंध है और न उनके बयान को बेवजह तूल देने की जरूरत है।
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इस बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी गुरुवार को मामले में कूद पड़े। मांझी ने ट्वीट किया कि कुछ लोग सम्राट अशोक का अपमान सिर्फ इसलिए कर रहें है कि वह पिछडी जाति से थे। ऐसे सामंती लोग नहीं चाहतें हैं कि कोई दलित, आदिवासी और पिछड़ों का बच्चा सत्ता के शीर्ष पर बैठे। राष्ट्रपति से आग्रह है कि हमारे शौर्य के प्रतीक सम्राट अशोक पर टिप्पणी करने वालों का पद्म सम्मान वापस लें।