Bihar: खाकी 'द बिहार चैप्टर' के फेर में फंसे चर्चित आईपीएस अमित लोढ़ा, कई धाराओं में दर्ज किया गया केस
बिहार की विशेष निगरानी इकाई ने चर्चित आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा पर केस दर्ज करा दिया है। 'खाकी: द बिहार चैप्टर' बनाने वाली फ्राइडे स्टोरी टेलर और नेटफ्लिक्स के साथ व्यावसायिक संलिप्तता के सत्यापन के बाद यह केस दर्ज किया गया है।
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गजब इत्तफाक है! एक तरफ 'खाकी: द बिहार चैप्टर' की चर्चा जोरों पर है और दूसरी तरफ यह बिहार के जिस चर्चित आईपीएस अधिकारी के अनुभव आधारित किताब 'बिहार डायरीज’ पर आधारित है, वह मुसीबत में फंसते ही जा रहे हैं। अब बिहार की विशेष निगरानी इकाई (स्पेशल विजिलेंस यूनिट) ने अमित लोढ़ा पर केस दर्ज करा दिया है। 'खाकी: द बिहार चैप्टर' बनाने वाली फ्राइडे स्टोरीटेलर्स और इसे प्लेटफॉर्म देने वाली ओटीटी नेटफ्लिक्स के साथ सरकारी सेवक रहते हुए लोढ़ा की व्यावसायिक संलिप्तता के सत्यापन के बाद यह केस दर्ज किया गया है।
तब मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक थे लोढ़ा
पीसी एक्ट 1988 की विभिन्न धाराओं और भारतीय दंड विधान 120 (B) और 168 के तहत यह केस दर्ज किया गया है। मगध प्रक्षेत्र के तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक लोढ़ा पर भ्रष्टाचार एवं निजी स्वार्थ व लाभ के लिए वित्तीय अनियमितता और नेटफ्लिक्स व फ्राइडे स्टोरीटेलर के साथ व्यावसायिक संलिप्तता की जांच पुलिस मुख्यालय ने भी किया था। जांच के दौरान सही पाए गए तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर 07 दिसंबर की तारीख को केस संख्या- 17/2022 दर्ज किया गया है।
नवंबर 2018 में 1 रुपए में करार, रकम आई ज्यादा
2 नवंबर 2018 को अमित लोढ़ा और फ्राइडे स्टोरीटेलर्स के बीच एक रुपए में करार तो हुआ, लेकिन उनके खाते में 12,372 रुपए आए। यह रकम छोटी है, लेकिन लोकसेवक के लिए इस तरह की राशि लेना अपराध है। इसके अलावा, आरोप है कि लोढ़ा ने स्थापित कहानीकार नहीं होते हुए भी बगैर अनुमति के न केवल किताब लिखी, बल्कि प्रोडक्शन हाउस से इस किताब पर 'खाकी: द बिहार चैप्टर’ बनाने के लिए पत्नी कौमुदी लोढ़ा के जरिए 49,62,372 रुपए अर्जित किए।