फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   jitan ram manjhi says Saint Valmiki was many times older than Ramon Lord Ram

विवादित बयान: जीतन राम मांझी बोले- राम से कई गुणा बड़े संत थे वाल्मीकि, मर्यादा पुरुषोत्तम काल्पनिक चरित्र

Thu, 21 Oct 2021 08:13 AM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना 
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना  Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Thu, 21 Oct 2021 08:13 AM IST
सार

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि महाकाव्य रामायण के लेखक महर्षि वाल्मीकि राम से हजारों गुना बड़े थे।' हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि यह मेरा निजी विचार है और मैं किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहत हूं।

विज्ञापन
jitan ram manjhi says Saint Valmiki was many times older than Ramon Lord Ram
जीतन राम मांझी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बिहार में एनडीए सरकार के सहयोगी और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। उन्होंने बुधवार को दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग में भगवान वाल्मीकि को श्रद्धांजलि देने के बाद एक बार फिर दोहराया कि भगवान राम एक काल्पनिक चरित्र थे।
विज्ञापन


हिन्दुस्तान अवाम मोर्चा (HAM) के  प्रमुख मांझी ने कहा कि महाकाव्य रामायण के लेखक महर्षि वाल्मीकि राम से हजारों गुना बड़े थे।' हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि यह मेरा निजी विचार है और मैं किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहत हूं। 
विज्ञापन


रामायण को बताया काल्पनिक ग्रंथ
दिल्ली में बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने 'हम' की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में विवादित बयान दिया। इससे पहले पिछले माह सितंबर में मांझी रामायण को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। पटना में मीडिया ने उनसे मध्य प्रदेश की तर्ज पर बिहार के स्कूली पाठ्यक्रम में रामायण को शामिल करने को लेकर सवाल पूछा था। तब हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष ने पाठ्यक्रम में रामायण को शामिल करने की जरूरत तो बताई थी, लेकिन साथ ही कहा था- 'रामायण की कहानी सत्य पर आधारित नहीं है।' श्रीराम महापुरुष थे, वह इस बात को भी नहीं मानते। उन्होंने रामायण को काल्पनिक ग्रंथ बताया था।
विज्ञापन
विज्ञापन




कश्मीर में सरकार के प्रयासों के परिणाम नहीं दिख रहे
दिल्ली में अपनी पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मांझी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार कश्मीर में शांति स्थापित करने के प्रयास कर रही है, लेकिन परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं।  


इन पांच सांसदों का लिया नाम
मांझी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल, जय सिद्धेश्वर शिवाचार्य महास्वामी (भाजपा), कांग्रेस सांसद मोहम्मद सादिक, टीएमसी सांसद अपरूपा पोद्दार और निर्दलीय सांसद नवनीत रवि राणा चुनाव लड़ने के बाद एससी के लिए आरक्षित सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। मांझी ने इस मामले की जांच की मांग की है। 

मांझी ने दावा किया कि अनुसूचित जाति के लोगों को नौकरियों और यहां तक कि स्थानीय निकाय चुनावों में भी 15 से 20 प्रतिशत कोटा लाभ जाली जाति प्रमाण पत्र के आधार पर दूसरों द्वारा हड़प लिया जाता है। ऐसे मामले रुकने चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed