चुनाव से पहले ही नीतीश कुमार को लगा बड़ा झटका
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बिहार की सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के महत्वाकांक्षी अभियान 'बढ़ चला बिहार' पर चुनाव आयोग ने 10 जुलाई तक रोक लगा दी है। दरअसल इस संबंध में राज्य के मुख्य विरोधी दल भारतीय जनता पार्टी की ओर से आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन करने की शिकायत की गई थी।
दर्ज शिकायत के आधार पर आयोग ने शनिवार को जेडीयू के बढ़ चला बिहार अभियान पर रोक लगा दी। भाजपा के नेता प्रतिपक्ष नंद किशोर यादव के अनुसार बिहार में अगले महीने होने वाले विधान परिषद चुनाव के मद्देनज़र आदर्श आचार संहिता चार जून से ही लागू है।
नीतीश के लिए झटका
उन्होंने कहा, "सत्तारूढ़ दल की ओर से नौ जून को इस अभियान की घोषणा कर दी गई। इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक पंचायत के चार स्थानों पर सरकार के कामकाज को बताना था। इस कार्य के लिए चार सौ हाईटेक ट्रक और सरकारी मुलाजिमों समेत मुखियाओं को भी सरकार की उपलब्धियों को गिनाना था।"
इसी आधार पर भारतीय जनता पार्टी ने शिकायत की। दूसरी ओर सत्तारूढ़ दल के विधान परिषद सदस्य प्रो. रणवीर नंदन का कहना है कि जो भी किया जा रहा था वह चुनावी विषय नहीं था।
उन्होंने कहा, "सरकार की उपलब्धि और बिहार को विकसित करने के उपाय से जुड़ी बात करना राज्य के हर नागरिक का अधिकार है। अब चुनाव आयोग ने किस आधार पर यह रोक लगाई है, इस पर पार्टी मंथन करेगी।" चुनाव आयोग का यह फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।