Bihar Election: कांग्रेस कार्यसमिति के बाद विपक्षी गठबंधन का आरक्षण पर बड़ा एलान, EBC कोटा बढ़ेगा, जमीन देंगे
Bihar Election 2025: चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन ने बिहार में पंचायती राज और नगर निकाय में ईबीसी आरक्षण को बढ़ाकर 30 फीसदी करने की घोषणा की है। इंडी एलायंस एससी एसटी एक्ट की तरह इबीसी एक्ट लाएगी।
विस्तार
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी गठबंधन की चुनावी घोषणाओं पर लगातार काम कर रहे हैं। अब आजादी के बाद पहली बार पटना में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के साथ ही कांग्रेस सहित विपक्षी गठबंधन ने एक बड़ी लकीर खींच दी है। विपक्षी गठबंधन- I.N.D.I.A. ने बुधवार को एलान किया कि वह चुनाव जीतने के बाद अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण नियम पारित करेंगे। पंचायती राज और नगर निकाय में ईबीसी आरक्षण को बढ़ाकर 30 फीसदी कर देंगे। संविधान की धारा 5 के अंतर्गत संविधान के सभी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी। एससी एसटी एक्ट की तरह ईबीसी एक्ट लाएंगे। एलान यह भी किया गया है कि अतिपिछड़ा जाति-जनजाति के भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
खरगे के साथ राहुल, तेजस्वी, सहनी भी मंच पर
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी पटना में कांग्रेस कार्यसमिति के बाद अतिपिछड़ा न्याय संकल्प कार्यक्रम में शामिल हुए। आगामी चुनाव को देखते हुए विपक्षी गठबंधन- I.N.D.I.A. ने अतिपिछड़ी जातियों के लिए बड़ी घोषणा की। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बिहार में हमारी सरकार आने के बाद अतिपिछड़ों को पंचायत और नगर निकाय चुनाव में आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 30 प्रतिशत करेंगे।
उन्होंने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में 'आया नीतीश, गया नीतीश' सुनते सुनते जनता तंग आ चुकी है। अब इन्हें जाने दो। यह लोग मनुवाद को चलाना चाहते हैं। गरीबों का हक लूटना चाहते हैं। जनता इस बार उन्हें सबक सिखा कर रहेगी। उन्होंने चुनावी घोषणा करते हुए कहा कि अति पिछड़ी जातियों को जो भी मिल रहा है, वह बहुत कम है। मुख्य धारा में लाने के लिए भूमिहीनों को जमीन भी दी जाएगी।
हकमारी देखकर गया था मैं: राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि कुछ दिन हम पहले हम लोगों ने वोटर अधिकार यात्रा निकाली थी। 15 दिन हमलोग बिहार के अलग-अलग इलाकों में गए। वहां जाकर देखा कि लोगों का हक लूटा जा रहा है। वोट चोरी की बड़ी साजिश रची जा रही है। हमारी बात को युवाओं ने सुना और हमारा साथ दिया। इसके लिए हमलोग उन्हें धन्यवाद देते हैं। हमने लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने दो बातें कही। पहले जाति जनगणना, दूसरा आरक्षण की सीमा को बढ़ाना। इस देश में जिनको जितनी भागदारी मिलनी चाहिए, उतनी नहीं मिलती है। इसीलिए हमलोग जातीय जनगणना पूरे देश में करवाना चाहते हैं। ताकि जिसकी जितनी भागदारी हो, उसे उतनी हिस्सेदारी मिले।
शहरी इलाकों में 3 डिसमिल जमीन देंगे
राहुल गांधी ने कहा कि हम लोग आपको एक विजन देना चाहते हैं। यह हमारा या किसी पार्टी का विजन नहीं है, बल्कि अति पिछड़ा समाज का विजन है। हम लोगों के 10 पॉइंट हैं। इसमें अतिपिछड़ों को स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव में आरक्षण, भूमिहीनों को जमीन शहरी इलाकों में 3 डिसमिल जमीन मिले। ईबीसी, एससी, एसटी को सरकारी ठेकों में 50 प्रतिशत आरक्षण मिले। निजी संस्थानों में उन्हें आरक्षण मिले।
तेजस्वी दो कदम आगे, बोले- मंडल कमीशन की हर सिफारिश लागू करेंगे
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारी लड़ाई संविधान बचाने की है, लोकतंत्र बचाने की है। अब जरूरत है कि हम लोग सामाजिक न्याय के साथ आर्थिक न्याय भी करें। तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा आरक्षण चोर है। यह लोग जनता का वोट चोरी कर रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि हम लोगों की सरकार बनी तो अति पिछड़ों के लिए यह 10 सूत्री तो लागू होगा ही, साथ ही मंडल कमीशन की सभी सिफारिशें लागू की जाएंगी। तेजस्वी ने आशंका जताते हुए कहा कि हो सकता है कि हम लोगों ने आज जो घोषणा की है, नीतीश सरकार उसकी भी नकल कर ले। क्योंकि आजकल यह सरकार तो केवल नकल ही कर रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कि मोदी सरकार हम लोगों को डराने के लिए बहुत कुछ कर रही है, लेकिन हम लोग डरने वाले नहीं है। लालू जी भी नहीं डरे। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव भी नहीं डरेगा।
राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि नीतीश कुमार हमारे आदमी नहीं हैं। वह सामंतों के आदमी हैं। उन्हें गरीब, पिछड़ों, अतिपिछड़ों से कोई लेना-देना नहीं है। इसीलिए 2025 में नीतीश सरकार को हटा देना है।
अतिपिछड़ा वर्ग संकल्प
- ‘अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम’ पारित किया जाएगा।
- अतिपिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत तथा नगर निकाय में वर्तमान 20% आरक्षण को बढ़ाकर 30% किया जाएगा।
- आबादी के अनुपात में आरक्षण की 50% की सीमा को बढ़ाने हेतु, विधान मंडल पारित कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
- नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया में “Not Found Suitable” (NFS) जैसी अवधारणा को अवैध घोषित किया जाएगा।
- अतिपिछड़ा वर्ग की सूची में अल्प या अति समावेशन (under- or over-inclusion) से संबंधित सभी मामलों को एक कमेटी बनाकर निष्पादित किया जाएगा।
- अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति, जन-जाति तथा पिछड़ा वर्ग के सभी आवासीय भूमिहीनों को शहरी क्षेत्रों में 3 डेसिमल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 5 डेसिमल आवासीय भूमि उपलब्ध करायी जाएगी।
- UPA सरकार द्वारा पारित ‘शिक्षा अधिकार अधिनियम’ (2010) के तहत निजी विद्यालयों में नामांकन हेतु आरक्षित सीटों का आधा हिस्सा अतिपिछड़ा, पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति और जन-जाति के बच्चों हेतु निर्धारित किया जाएगा।
- 25 करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेकों/आपूर्ति कार्यों में अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति, जन-जाति और पिछड़ी जाति के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा।
- संविधान की धारा 15(5) के अंतर्गत राज्य के सभी निजी शिक्षण संस्थानों के नामांकन हेतु आरक्षण लागू किया जाएगा।
- आरक्षण की देखरेख के लिए उच्च अधिकार प्राप्त आरक्षण नियामक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, और जातियों की आरक्षण सूची में कोई भी परिवर्तन केवल विधान मंडल की अनुमति से ही संभव होगा।