बिहार में अपनों की बगावत ने बढ़ाई दलों की चुनौती
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बिहार विधानसभा चुनाव में प्रतिष्ठा की जंग लड़ रहे राजग और महागठबंधन में शामिल दलों के लिए अपने ही बड़ी चुनौती खड़ी कर रहे हैं। टिकट वितरण के बाद असंतोष की आवाज अप्रत्याशित रूप से महागठबंधन से ज्यादा राजग में उठ रही है।
भाजपा के दो सहयोगी दलों हम और लोजपा के मुखिया जीतन राम मांझी और रामविलास पासवान के खिलाफ इनके दामादों देवेंद्र मांझी और अनिल साधु ने बगावत का बिगुल बजा दिया है। लोजपा पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने वाले अपने सांसद रामा सिंह को अब तक नहीं मना पाई है।
भाजपा की परेशानी यह है कि सांसद आरके सिंह के अपराधियों को पैसे ले कर टिकट देने की सनसनीखेज आरोप के अगले दिन विधायक विक्रम कुंवर ने पार्टी पर दो करोड़ ले कर कुख्यात शहाबुद्दीन के शूटर को टिकट देने का आरोप लगा दिया।
पार्टी के लिए मुश्किल यह है कि सिंह रविवार को भी न केवल अपने बयान पर कायम रहे, बल्कि पार्टी की सफाई को खारिज करते हुए दागी उम्मीदवारों के खिलाफ प्रचार न करने की घोषणा की।
टिकट वितरण के बाद थम नहीं रहा घमासान
इसी बीच भाजपा सांसद छेदी पासवान के पुत्र रवि पासवान ने सपा का दामन थाम लिया है। हालांकि महागठबंधन में शामिल राजद और जदयू में भी कई विधायकों ने बगावत की है। जदयू ने जिन 32 विधायकों का टिकट काटा है उनमें 4 ने खुली बगावत कर दी है।
इनमें से राघोपुर के विधायक सतीश यादव ने बगावत कर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के पुत्र तेजस्वी यादव के सामने मैदान में हैं। जबकि राजद के तीन विधायक ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ झंडा बुलंद किया है। बिहार चुनाव में एक दूसर को सियासी पटखनी देने में जुटे राजग और तीन दलों का महागठबंधन अपनों के बगावत से पार पाने की जीतोड़ कोशिशों में जुटा है।
खासतौर से भाजपा की परेशान सांसद आरके सिंह और विधायक कुंवर ने पैसे ले कर अपराधियों को टिकट देने का आरोप लगा कर बढ़ा दी है। पार्टी के लिए परेशानी यह है कि अपने बयान से नेतृत्व को असहज करने वाले शत्रुघ्न सिन्हा ने सिंह का साथ दिया है। जबकि सिंह ने रविवार को उल्टा यह सवाल पूछ लिया कि अपराधियों के सहारे पार्टी बिहार में स्वच्छ शासन कैसे देगी।
पार्टी ब्रह्मपुरा से वर्तमान विधायक का टिकट काट कर पूर्व अध्यक्ष सीपी ठाकुर के पुत्र को टिकट दिए जाने पर भी असंतोष का सामना कर रही है, जबकि वरिष्ठ नेता अवधेश सिंह और चंद्रमोहन राय अब भी नाराज हैं। जदयू की राजद के साथ गठबंधन के कारण विधायकों की टिकट काटने की मजबूतरी अब उसके लिए मुसीबत बनती दिख रही है।
पार्टी के विधायक रामधनी सिंह, सतीश यादव, गुड्डी चौधरी तथा एक अन्य ने बगावत का बिगुल बजा दिया है। राजद के भी विधायक दिनेश सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह और अजय कुमार ने खुली बगावत की है। इन दोनों दलों में अभी कई और नेता बगावत करने वालों की कतार में शामिल हो सकते हैं।