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Bihar News: LNMU के उप परीक्षा नियंत्रक ने विवाद को लेकर दर्ज कराई FIR; कुलपति से पदमुक्त करने का अनुरोध

Sat, 05 Aug 2023 01:22 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sat, 05 Aug 2023 01:22 PM IST
सार

Bihar: LNMU के कुलपति डॉ. एसपी सिंह ने कहा है कि विश्वविद्यालय में इस तरह के लोग रोज ही आते हैं, जो इस विश्वविद्यालय के छात्र नहीं होते हैं। इसमें कोई नई बात नहीं है। उप परीक्षा नियंत्रक ने प्रार्थना पत्र दिया है, जिसमें उन्होंने काम करने में असमर्थता जताई है। देखिए वह लोग छात्र नहीं हैं। उन लोगों को चिन्हित कर सीधी FIR दर्ज की गई है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

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Deputy Controller of Examinations of LNMU lodged an FIR regarding dispute in Darbhanga
उप परीक्षा नियंत्रक का कॉलर पकड़े हुए छात्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) परिसर नित प्रतिदिन छात्र राजनीति का अखाड़ा बनता जा रहा है। हर रोज यहां इस परिसर में किसी न किसी तरह की समस्या को लेकर धरना-प्रदर्शन चलता ही रहता है। लेकिन यहां सत्र नियमित हो इसके लिए कोई छात्र संगठन ईमानदार प्रयास नहीं कर रहा है। उसका नतीजा बीते शुक्रवार की घटना है, जिसमें विभिन्न परीक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर छात्र और उप परीक्षा नियंत्रक के बीच हाथापाई की घटना घटी है। इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज करवाई है।

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पूर्व छात्र आदर्श आनंद ने बताया कि हम लोग उप परीक्षा नियंत्रक से मिलने गए थे। उनसे मिलकर हम लोगों ने शिकायत की कि आपके डाटा सेंटर की गलती के कारण विद्यार्थी काफी परेशान हो रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि डाटा सेंटर से ज्यादा गलती तो स्टूडेंट्स ही करते हैं। हम लोगों ने काफी आग्रह किया, लेकिन वे किसी की बात को सुन नहीं रहे थे। वे किसी की बात सुन बगैर चैंबर से निकलने लगे। मैं छात्र नेता हूं, इसलिए हमको टारगेट पर ले रहे हैं। उन्होंने निकलने के दौरान मुझे जोर से धक्का दिया तो मैंने पूछा क्यों धक्का दे रहे हैं। हम नौजवान हैं, हमको भी गुस्सा आ गया और ‘हिट ऑफ मोमेंट’ बन गया। लेकिन पहला हाथ उनकी ही ओर से चला है।
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‘यह घटना प्रायोजित है’
विश्वविद्यालय के उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. आनंद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि यह घटना किसी के द्वारा प्रायोजित है। आज से स्नातक प्रथम खंड की 2022-25 का परीक्षा शुरू हुई थी। उसमें करीब दो लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा दे रहे हैं। मैं उसकी मॉनिटरिंग करने में लगा था। इस दौरान अचानक से छात्र मेरे कार्यालय कक्ष में घुसे और विभिन्न तरह का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। मैंने हंगामा कर रहे लोगों से कहा कि आप शांत हो जाइए। बताइए क्या काम है तो उन लोगों ने काम नहीं बताया और हंगामा करते रहे। चैंबर से न निकलने की धमकी देने लगे। इस दौरान उन लोगों ने मेरे साथ धक्का-मुक्की की और पता नहीं क्या किया मुझे नहीं मालूम, क्योंकि मेरे साथ हुई इस तरह की घटना से मैं स्तब्ध रह गया। मैंने कुलपति से लिखित शिकायत की है। ऐसी अराजक स्थिति में मेरे लिए काम कर पाना संभव नहीं है। बिना सुरक्षा के लिए मुझे पदमुक्त कर दिया जाए।
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‘वीडियो में मौजूद लोग विश्वविद्यालय के छात्र नहीं’
उप नियंत्रक ने कहा कि मैं वारयल हो रहे वीडियो में पहचान करने की कोशिश कर रहा हूं। उसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को एक विस्तृत ब्यौरा देंगे। उसके बाद देखते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, क्योंकि परीक्षा विभाग में कर्मियों से कड़ाई के साथ काम लिया जा रहा है। इससे परीक्षा विभाग में दलाली खत्म हो रही है। उन्होंने बताया कि वीडियो में मौजूद लोग विश्वविद्यालय के छात्र भी नहीं है। इसको पहचाना भी जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई हाथापाई नहीं हुई है। हमने आए हुए लोगों से कहा कि आप लोग शांत हो जाइए, तब आपकी समस्या सुनी जाएगी।

उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्या के समाधान के लिए सभी अधिकारों को उनके कॉलेजों को ही दे दिया गया है। छात्रों को विश्वविद्यालय सीधे आने की जरूरत ही नहीं है। सभी कॉलेजों में व्यवस्था बनाई गई है। छात्र अपनी समस्या वहीं बताएं। इसके सभी कॉलेजों नोडल पदाधिकारी बनाए गए हैं। जो आपकी समस्यायों को विश्विद्यालय को अवगत कराएगा और तीन दिनों के अंदर आपकी समस्याओं का निबटारा हो जाएगा। यह व्यवस्था 3rd पार्ट का रिजल्ट आने के बाद की गई है, जिसमें पार्ट 1 का रिजल्ट कुछ पेंडिंग है। उसके लिए अलग से काउंटर खोला गया है।

उन्होंने कहा कि एडमिट कार्ड से संबंधित जिस विषय को लेकर बात हुई वह इसलिए है कि कॉलेजों में ऑन स्पॉट एडमिशन लिया गया है। उसमें फॉर्म और पंजीयन साथ हुआ है। उसका डाटा कॉलेज के प्रिंसिपल के द्वारा विश्वविद्यालय को उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिस कारण यह त्रुटि हुई है। कोई समस्या नहीं थी, लोग यहां प्रायोजित कर भेज रहे हैं ताकि यहां सही तरीके काम न हो सके।

‘मुझे घटना की कोई जानकारी नहीं’
इस पूरे घटनाक्रम पर LNMU के कुलपति डॉ. एसपी सिंह ने कहा है कि मुझे अभी तक घटना की कोई जानकारी नहीं है। यहां जो शांति व्यवस्था को देखते प्रॉक्टर और डीआर 1 के सामने घटना हुई है। उन्हें डॉ. गुप्ता ने जानकारी दी है और उन्होंने लिखकर एक आवेदन भी दिया है। विश्वविद्यालय उस पर विचार करके नीतिगत फैसला लेगा।


उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इस तरह के लोग रोज ही आते हैं, जो इस विश्वविद्यालय के छात्र नहीं होते हैं। इसमें कोई नई बात नहीं है। उप परीक्षा नियंत्रक ने प्रार्थना पत्र दिया है, जिसमें उन्होंने काम करने में असमर्थता जताई है। देखिए वह लोग छात्र नहीं हैं। उन लोगों को चिन्हित कर सीधी FIR दर्ज की गई है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

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