बिहार: भांजी को डूबता देख बचाने नदी में कूदी मौसी, दोनों की मौत; तीन घंटे बाद मिला शव
समस्तीपुर के रोसड़ा में क्षौर कर्म की रस्म के दौरान बूढ़ी गंडक नदी में स्नान करने गई 15 वर्षीय सोनी कुमारी डूबने लगी। उसे बचाने नदी में कूदी मौसी काजल कुमारी भी डूब गईं। दोनों की मौत हो गई।
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समस्तीपुर के रोसड़ा शहर के सिनेमा चौक स्थित वार्ड संख्या-17 में सोमवार को क्षौर कर्म की रस्म के बीच बड़ा हादसा हो गया। बूढ़ी गंडक नदी के सीढ़ी घाट पर स्नान करने गईं सगी मौसी-भांजी की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान खानपुर थाना क्षेत्र के बरैठा गांव निवासी स्वर्गीय संजय सहनी की 15 वर्षीय पुत्री सोनी कुमारी और रोसड़ा निवासी 24 वर्षीय काजल कुमारी के रूप में हुई है।
बताया गया कि रोसड़ा के सिनेमा चौक स्थित वार्ड संख्या-17 निवासी सीताराम सहनी का 25 सितंबर को निधन हो गया था। सोमवार को उनके क्षौर कर्म की रस्म थी। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए परिवार की महिलाएं परंपरा के अनुसार दोपहर में बूढ़ी गंडक नदी के सीढ़ी घाट पर स्नान करने गई थीं। सोनी और उसकी मौसी काजल भी उनके साथ थीं।
भांजी को डूबता देख बचाने नदी में कूदी मौसी
परिजनों के अनुसार, स्नान के दौरान सोनी अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। उसे डूबता देख मौसी काजल कुमारी उसे बचाने के लिए नदी में कूद गईं। उन्होंने सोनी को बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह भी डूबने लगीं।
दोनों को डूबता देखकर घाट पर मौजूद महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के स्थानीय मछुआरे मौके पर पहुंचे और नदी में दोनों की तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद मछुआरों ने काजल कुमारी को नदी से बाहर निकाला। उनकी हालत गंभीर थी। परिजन उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
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तीन घंटे की तलाश के बाद मिला सोनी का शव
हादसे के बाद सोनी कुमारी का पता नहीं चल सका। स्थानीय गोताखोरों और मछुआरों ने नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। करीब तीन घंटे की तलाश के बाद सोनी का शव नदी से बरामद किया गया। बताया गया कि काजल कुमारी का एक वर्ष का मासूम पुत्र भी है। हादसे में मां की मौत के बाद मासूम के सिर से मां का साया उठ गया। वहीं सोनी की मौत से उसके परिवार में भी मातम पसरा हुआ है।
क्षौर कर्म की रस्म मातम में बदली
एक ही परिवार में पिता की मौत के बाद सोमवार को क्षौर कर्म की रस्म चल रही थी। इसी दौरान परिवार की दो महिलाओं की नदी में डूबने से मौत हो गई। कुछ देर पहले जिस घर में रस्म की तैयारी चल रही थी, वहां देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने से स्वेच्छा से इन्कार कर दिया।