{"_id":"247a5142-8168-11e2-9052-d4ae52bc57c2","slug":"criteria-of-special-state-status-may-change","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार के तर्क और तथ्यों की जीत : नीतीश ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिहार के तर्क और तथ्यों की जीत : नीतीश
पटना/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 28 Feb 2013 11:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि विशेष राज्य के दर्जे के संबंध में बिहार के तर्कों और तथ्यों की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि बिहार की उपलब्धियों पर जो लोग अब तक अंगुली उठा रहे थे उन्हें यह रिपोर्ट अवश्य देखनी चाहिए और बिहार के बारे में अपनी जानकारी सही करनी चाहिए।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने बुधवार को अपने आवास पर जनता दल यूनाईटेड विधायक दल की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने आर्थिक सर्वेक्षण 2013 में उन्हीं तथ्यों को अंकित किया जिनके आधार पर हम बिहार के लिये विशेष राज्य के दर्जे की मांग लगातार कर रहे हैं।
विज्ञापन
नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2011-12 में विकास दर के मामले में बिहार का देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2005-06 से लेकर वर्ष 2011-12 की अवधि में भी बिहार की विकास दर देश में सबसे आगे रही है। प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि के मामले में भी बिहार ने देश में सर्वाधिक बढ़त दर्ज की है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग के प्रति केंद्र ने सकारात्मक रुख भी दिखाया है। संसद में बुधवार को पेश वर्ष 2012-13 के आर्थिक सर्वेक्षण में केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह माना कि विशेष श्रेणी के लिये पहले से तय मानदंडों में बदलाव की जरूरत है। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि राज्यों को विशेष श्रेणी का दर्जा देने और वित्त आयोग के अंतर्गत राज्यों को दिये जानेवाले फंड के हस्तांतरण के मानदंडों पर पुनर्विचार की जरूरत है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम को पत्र लिखकर विशेष राज्य का दर्जा देने के लिये पहले से तय मानदंडों में बदलाव की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने न केवल राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में बल्कि सार्वजनिक मंचों पर भी यह मांग उठायी थी।