IRCTC Scam : मुश्किल में तेजस्वी यादव, CBI ने की बिहार के डिप्टी सीएम की जमानत निरस्त करने की मांग
विशेष कोर्ट की जज गीतांजलि गोयल ने सीबीआई की अर्जी पर तेजस्वी यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। तेजस्वी पर केंद्रीय जांच एजेंसी के कुछ अधिकारियों को धमकाने का मामला दर्ज किया गया था।
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बहुचर्चित आईआरसीटी घोटाले को लेकर बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीबीआई ने इससे जुड़े अफसरों को धमकाने के मामले में यादव की जमानत निरस्त करने की मांग करते हुए दिल्ली की एक विशेष अदालत में अर्जी दायर कर दी।
विशेष कोर्ट की जज गीतांजलि गोयल ने सीबीआई की अर्जी पर तेजस्वी यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सीबीआई ने कहा है कि तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीबीआई अफसरों को धमकाया, इसलिए उनकी जमानत निरस्त की जाए। विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने शनिवार को सीबीआई की दलीलें सुनने के बाद तेजस्वी यादव को नोटिस जारी किया और मामले को 28 सितंबर 2022 के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
Special Judge Geetanjali Goel issued notice to Tajaswi Yadav on CBI's plea and sought his response in the matter. https://t.co/V8ANWrdU3w
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 17, 2022
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दावा किया कि राजद नेता का आचरण एक महत्वपूर्ण जमानत शर्त का उल्लंघन है। जांच एजेंसी ने कहा कि आरोपी द्वारा दिए गए बयान सीबीआई, अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए एक खुली धमकी हैं। जांच एजेंसी ने दावा किया कि आरोपी ने खुले तौर पर सीबीआई अधिकारियों को जांच करने के खिलाफ चेतावनी दी है, साथ ही इस प्रक्रिया में छल और धमकियों का सहारा लिया है।
याचिका में कहा गया है कि तेजस्वी यादव बेहद प्रभावशाली और ताकतवर हैं। वह एक पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के साथ-साथ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे हैं। वह खुद बिहार के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं और फिर से हैं।
याचिका में कहा गया है कि तेजस्वी यादव ने हाल ही में एक सार्वजनिक सभा और प्रेस कॉन्फ्रेंस में कानून की प्रक्रिया को नष्ट करने और पूरी जांच के साथ-साथ परिणामी परीक्षण को विफल करने का प्रयास किया। यह उन्हें दी गई स्वतंत्रता का खुले तौर पर दुरुपयोग है।
सीबीआई ने कहा कि तेजस्वी ने अपने बयान में कहा था कि क्या सीबीआई वालों के मां-बेटे नहीं हैं, उनके परिवार नहीं हैं? क्या वे हमेश सीबीआई अधिकारी रहेंगे? क्या वे सेवानिवृत्त नहीं होंगे? क्या सत्ता में हमेशा एक ही सरकार रहेगी?
बता दें, आईआरसीटीसी घोटाला लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान का है। सीबीआई मामले की जांच कर रही है। घोटाले के मामले लालू यादव के परिवार के कई सदस्य आरोपी हैं। उनमें तेजस्वी यादव भी शामिल हैं। यदि विशेष कोर्ट ने जमानत निरस्त की तो उनकी बिहार के उपमुख्यमंत्री पद की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है।