बिहार में जीत के लिए भाजपा ने तैयार किया सीक्रेट प्लान
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बिहार चुनावों के लिए कमर कस चुकी भाजपा ने अब यहां जीत के लिए कमर कसनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में भाजपा ने बिहार के लिए जय जय बिहार-भाजपा सरकार का नारा दे दिया है।
इस नारे के पीछे छिपा मकसद बिहार में लोगों के साथ खुद को जोड़ना और जीत की राह तय करना है। मंगलवार को इस संबंध में दिल्ली में हुई बैठक में चुनाव में जीत की रणनीति पर चर्चा की गई।
हालांकि अभी इस नारे की अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन इस पर मुहर लगना तय माना जा रहा है। बिहार चुनाव में भाजपा सहयोगी दलों को कुछ सीटें छोड़कर 180+ सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चलेगी।
गत लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सहयोगी दलों के साथ मिलकर बिहार में 40 में से 31 सीटों पर कब्जा जमाया था ऐसे में उसकी निगाहें इस सफलता को विधानसभा चुनावों में भी बरकरार रखने पर होगी।
भाजपा ने तय किया 180+ सीटों को जीतने का लक्ष्य
इसकी बड़ी वजह ये भी है कि लोकसभा चुनावों में जिन प्रदेशों में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया था उसके बाद हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने लगभग उन सभी राज्यों में अपनी सरकार बनाई है।
ऐसे में भाजपा किसी भी सूरत में बिहार को हल्के में छोड़ने के मूड में नहीं है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को इसी संबंध में बिहार बीजेपी अध्यक्ष मंगल पांडे और महासचिव रामलाल की बैठक हुई थी।
बिहार चुनाव भाजपा के लिए इसलिए भी प्रतिष्ठा के प्रश्न बन गए हैं क्योंकि अगर इन चुनावों में पार्टी ने जीत दर्ज की तो वो दिल्ली चुनावों में खोई अपनी प्रतिष्ठा को दोबारा हासिल कर सकती है।
इसलिए भाजपा ने बिहार में जय जय बिहार-भाजपा सरकार जैसा लुभावना नारा दिया है। 'अबकी बार मोदी सरकार' जैसे नारे के चलते देश में भाजपा की लहर बनाने वाली पार्टी बिहार में भी कुछ ऐसे ही अपीलिंग नारे की तलाश में थी।
शरद यादव ने दिए गठबंधन के संकेत
नया नारा तय होने के बाद पार्टी ने चुनावों में जी जान झोंकने की तैयारी कर ली है। आने वाले दिनों में वरिष्ठ भाजपा नेताओं के बिहार दौरों की शुरूआत भी होने वाली है।
दूसरी ओर बिहार में भाजपा से मुकाबले के लिए कमर कसने में लगी सत्तारूढ़ जेडीयू ने जनता परिवार में विलय न होने की स्थिति में गठबंधन करके चुनाव लड़ने के संकेत दे दिए हैं।
जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव ने गुरुवार को इसकी घोषणा भी कर दी। उन्होंने साफ कहा कि अगर विलय नहीं हो पाता है तो जेडीयू राजद और कांग्रेस के साथ गठबंधन करके चुनावी समर में उतरेगी।