Bihar Politics: BJP सांसद सुशील कुमार सिंह ने दिया विवादित बयान; कहा- नीतीश कुमार तितिर लड़ाने का करते हैं काम
Caste Census Report: जातीय जनगणना रिपोर्ट को लेकर भाजपा सांसद सुशील कुमार सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सरकार समाज को जाति के आधार पर बांटने का काम कर रही है। मैं कड़े शब्दों में इसकी निंदा करता हूं और इसका विरोध करता हूं। जाति में भी उपजाति बनाकर उनकी संख्या कम और ज्यादा दिखाकर इन्होंने तीतर लड़ाने का काम किया है और करते आए हैं।
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जातीय सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद औरंगाबाद के बीजेपी सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए था। जातीय जनगणना पर सांसद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि नीतीश कुमार तितिर लड़ाने का काम करते हैं। उन्होंने जातीय सर्वे को गलत बताया और सवाल उठाते हुए सर्वे को गलत करार दिया। सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा कि हम सांसद हैं तो मेरे घर सर्वे के लिए कर्मचारी आए थे। यह दिखाने और यह कहने के लिए कि हम शिकायत न करें। मगर आप गांव में जाकर पूछेंगे तो पता चलेगा कि 90 प्रतिशत से भी ज्यादा गांव में सर्वे नहीं हुआ है और न ही कोई कर्मचारी गया है। सरकार ने अपने मुताबिक अपने हिसाब से अपनी इच्छा अनुसार आंकड़े बना लिए हैं और उसको जारी किया है।
राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
बीजेपी सांसद ने कहा कि किसी भी जाति का कोई व्यक्ति अगर अरबपति है या खरबपति है। वहीं, किसी जाति का कोई व्यक्ति अगर बहुत गरीब है तो जाति के आधार पर उस व्यक्ति को अगर कोई सुविधा नहीं मिले और जाति के आधार पर अरबपति खरबपति व्यक्ति को उन सारी सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, यह कहां तक उचित है। उन्होंने कहा कि यह सरकार समाज को जाति के आधार पर बांटने का काम कर रही है। मैं कड़े शब्दों में इसकी निंदा करता हूं और इसका विरोध करता हूं। समाज को कमजोर करने के लिए जाति में भी लड़ाई है। जाति में भी उपजाति बनाकर उनकी संख्या कम और ज्यादा दिखाकर इन्होंने तीतर लड़ाने का काम किया है और करते आए हैं।
‘सरकार का कोई कर्मी गणना करने नहीं आया’
साथ ही बीजेपी सांसद ने कहा कि गांव हो या शहर कही भी सरकार का कोई कर्मी गणना करने नहीं गया। यह सर्वे सरकार अपने मुताबिक और अपनी इच्छा के अनुसार कराई है। सांसद ने कहा कि जातीय सर्वे की असली हकीकत क्या है, आप डोर टू डोर जाइएगा तभी पता चलेगा। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव इस गणना को सही मानते हैं तो तत्काल उन दोनों को अपने-अपने पद से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। और किसी अति पिछड़े को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए, क्योंकि जनगणना के बाद यही मांग भी है कि जिसकी जितनी भागीदारी उतनी उसकी हिस्सेदारी। लेकिन दोनों नेताओं में नैतिकता का अभाव है। नीतीश कुमार की पराकाष्ठा है कि वे कुर्सी से चिपक गए हैं।
सांसद ने कहा कि जातीय जनगणना को लेकर राजद और जदयू के कई नेताओं ने भी इस सर्वे पर सवाल खड़ा किया है। अगर सही था तो विरोध क्यों। उन्होंने कहा कि देश में सिर्फ दो ही जातियां हैं। एक अमीर और एक गरीब। सरकार को इस पर काम करना चाहिए और उसी हिसाब से उन्हें सरकारी लाभ भी मिलना चाहिए।