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Hindi News ›   Bihar ›   BJP India : Minister Chirag Paswan may be announced after NDA meeting, what will be with Ramvilas paswan LJP

NDA Meeting : नौ महीने के लिए भी चिराग पासवान मंत्री बने तो क्या होगा असर, कौन जाएगा किधर जानना चाहिए

Tue, 18 Jul 2023 02:30 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Tue, 18 Jul 2023 02:30 PM IST
सार

Chirag Paswan : चर्चा यह उड़ रही है कि उनसे मंत्रीपद छीनकर चिराग पासवान को दिया जाएगा। लेकिन, सीधे छीनाझपटी हुई तो उसका भी नुकसान भाजपा को ही झेलना होगा। भाजपा बीच का रास्ता निकालेगी, इसके आसार ज्यादा हैं।

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BJP India : Minister Chirag Paswan may be announced after NDA meeting, what will be with Ramvilas paswan LJP
दिवंगत रामविलास पासवान का परिवार और उनकी पार्टी का भविष्य अब जल्द ही तय हो जाएगा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोजपा के खाते से जमुई के सांसद चिराग पासवान को भले एक साल से भी कम के लिए केंद्रीय मंत्री का पद मिले, लेकिन इस ताकत के मिलते ही पूरा कुनबा साथ आ सकता है। दिवंगत रामविलास पासवान के सबसे छोटे भाई दिवंगत सांसद रामचंद्र पासवान के बेटे सांसद प्रिंस राज के साथ उनके चाचा पशुपति कुमार पारस ही बचेंगे, अगर साथ नहीं आए तो। चिराग के लिए यह संभावना और पारस के लिए यह आशंका बन रही है। लोजपा के बाकी बचे तीन सांसद ताकत के हिसाब से कभी भी निर्णय ले सकते हैं। ऐसे निर्णयों के लिए बातचीत ही नहीं, मुलाकात भी शुरू हो चुकी है।

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जिस आधार पर चाचा बने मंत्री, वह भी खिसक सकता है 
राजनीति के मौसम वैज्ञानिक रामविलास पासवान का केंद्रीय मंत्री रहते ही 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले निधन हो गया था। दिवंगत रामविलास पासवान के निधन के करीब एक साल में लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के दो टुकड़े हो गए थे- लोजपा (रामविलास) और लोजपा (राष्ट्रीय)। दलों को चुनाव आयोग की मान्यता से पहले लोजपा (राष्ट्रीय) को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने मान्यता दे दी थी। छह में से पांच सांसदों के साथ होने के आधार पर पशुपति कुमार पारस मंत्री बन गए और चिराग पासवान देखते रह गए। लेकिन, अब फिर चुनाव आ रहा है। भाजपा को चिराग पासवान की जरूरत है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि "चिराग की एनडीए में एंट्री से पारस नाराज हैं। लेकिन, भाजपा को चिराग चाहिए- यह बात जितनी जल्दी पारस समझ जाएं बेहतर होगा। क्योंकि, तैयारी इसी की है।"
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अब करने की बारी पशुपति कुमार पारस की
भाजपा पशुपति कुमार पारस को नाराज करेगी, ऐसा नहीं है। चर्चा यह भी उड़ रही है कि उनसे मंत्रीपद छीनकर चिराग पासवान को दिया जाएगा। लेकिन, सीधे छीनाझपटी हुई तो उसका भी नुकसान भाजपा को ही झेलना होगा। भाजपा बीच का रास्ता निकालेगी, इसके आसार ज्यादा हैं। पारस पहले से मंत्री हैं, उनसे अलग स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री का दर्जा पाकर भी चिराग संतुष्ट रहेंगे। भले ही मंत्रीपद कम समय के लिए मिलेगा, लेकिन उनके वजूद की तसदीक हो जाएगी। चाचा पारस से उनका झंझट कई बातों के लिए है, लेकिन फिलहाल मुद्दा सिर्फ दिवंगत रामविलास पासवान की परंपरागत सीट हाजीपुर है। हाजीपुर से अभी पारस सांसद हैं और चिराग इसपर दावा कर रहे हैं। वह अभी जमुई से सांसद हैं। भाजपा बीच का रास्ता निकालने का प्रयास कर रही है, लेकिन बाहर-बाहर तनातनी को दूर करने की जिम्मेदारी अब पारस के कंधे पर है। चिराग मीडिया में इसपर बात नहीं कर रहे हैं। पारस कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, एनडीए की मीटिंग के साथ ही यह तय हो गया है कि लोजपा के छह में से चार सांसद एक तरफ हो जाएं, इससे पहले पारस को बीच का रास्ता तय करना होगा।

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