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Bihar: 8 साल जेल काट जमानत पर लौटा तो पत्नी ने लोन पर ई-रिक्शा खरीद चलाने दिया, एक ही महीने में मर्डर

Tue, 29 Nov 2022 01:24 AM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय Published by: कुमार जितेंद्र ज्योति Updated Tue, 29 Nov 2022 01:24 AM IST
सार

हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा से 8 साल जेल काटकर जमानत पर लौटा तो पत्नी बेबी देवी ने लोन लेकर ई-रिक्शा खरीद दिया था। आरोप है कि जिसकी हत्या के आरोप में सजा काट रहा था, उसके भाई ने 28 अक्टूबर को जान से मारने की धमकी दी और 28 नवंबर को मार डाला।

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Bihar: When he returned on bail after spending 8 years in jail, wife taken loan for his e-rikshaw
बेगूसराय के अस्पताल में सिंटू के पिता और दोनों भाई। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बेगूसराय शहर के अति-व्यस्त पावर हाउस चौक पर सोमवार शाम जिस युवक सिंटू साह की हत्या हुई थी, वह दो महीने से जिंदगी को ट्रैक पर लाने के लिए ई-रिक्शा चलाने लगा था। चचेरे भाई की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा से 8 साल जेल काटकर जमानत पर लौटा तो पत्नी बेबी देवी ने महिला स्वयंसेवी संगठन से लोन लेकर दीपावली के एक दिन पहले ई-रिक्शा खरीद दिया था। आरोप है कि जिसकी हत्या के आरोप में सजा काट रहा था, उसके भाई ने 28 अक्टूबर को जान से मारने की धमकी दी और 28 नवंबर को मार डाला।

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2013 में हुई हत्या के आरोप पर 2014 में समर्पण
31दिसंबर 2013 को सिंटू के चचेरे भाई राहुल कुमार (पिता-विशुनदेश साह) की हत्या उसके पैतृक घर कमरूद्दीनपुर में हत्या हुई थी। हत्या के बाद सिंटू साह, पिंटू साह, रोहित और इन तीनों भाइयों के दिव्यांंग पिता वासुदेव साह को आरोपी बनाया गया था। इन आरोपियों का कहना था कि वह निर्दोष हैं, लेकिन पुलिस की दबिश देख चारों आरोपियों ने फरवरी 2014में कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था।

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निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी
उस हत्याकांड के समय छोटा बेटा पिंटू वयस्क नहीं था, इसलिए छह महीने में रिहा हो गया। निचली अदालत ने पिता और पिंटू-सिंटू को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट में अपील पर 2018 में पिता और बड़े बेटे पिंटू को जमानत मिल गई। सिंटू जेल में ही था। इसी साल दो महीने पहले वह जेल से बाहर आया था।

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