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Bihar Caste Census 2 : जातीय जनगणना में 214 जातियां, आपकी जाति का 100% पक्का कोड यहीं मिलेगा
Thu, 06 Apr 2023 06:55 AM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Thu, 06 Apr 2023 06:55 AM IST
सार
बिहार में 15 अप्रैल से राज्य सरकार अपने खर्चे पर जातिगत जनगणना करा रही है। इसका पहला चरण मकान गणना के रूप में पूरा हो चुका है। अब असल में जातियों के हिसाब से जन की गणना का वक्त करीब आ गया है।
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जातीय जनगणना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार में 15 अप्रैल से राज्य सरकार अपने खर्चे पर जातिगत जनगणना करा रही है। इसका पहला चरण मकान गणना के रूप में पूरा हो चुका है। अब असल में जातियों के हिसाब से जन की गणना का वक्त करीब आ गया है। ऐसे में सरकार की ओर से जातियों के लिए कोड निर्धारित किए गए हैं। इन कोड को लेकर कई अपुष्ट खबरें चलीं। सोशल मीडिया पर गलत नंबरों की जानकारी वायरल अब भी हो रही हैं। ऐसे में जनगणना के मास्टर ट्रेनरों से कॉपी लेकर 'अमर उजाला’ जातियों की सही-सही जानकारी सामने ला रहा है। यह GK के लिए भी अहम है।
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देखें अपनी जाति का कोड
- फोटो : अमर उजाला
जातीय जनगणना के प्रगणकों को प्रश्न संख्या 8 में जातिगत जानकारी कोड के रूप में दर्ज करने के लिए पांच पन्नों का एक सेट उपलब्ध कराया गया है। इसमें 214 जातियों का नाम और उनका कोड दर्ज है।
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जातिगत कोड में सबसे अंतिम 215वां नंबर 'अन्य' के रूप में दर्ज है। मतलब, जो अपनी जाति नहीं बता सकेंगे- उनके पेपर पर प्रश्न संख्या 8 में कोड 215 दर्ज होगा।
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जातिगत जनगणना के इन कोड को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी से ज्यादा अफवाहों को लोग शेयर कर रहे हैं। सही जानकारी के अभाव में लोग गलत कोड प्रचारित कर रहे हैं।
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सोशल मीडिया पर जातियों के नाम और कोड की जानकारी शेयर तो हो रही है, लेकिन उसका कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं है। 'अमर उजाला’ इन कोडों की जानकारी प्रगणकों के रिकॉर्ड से लेकर दे रहा है।
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प्रतियोगी परीक्षाओं में अबतक धर्म और कुछ आरक्षित वर्ग के साथ अनारक्षित वर्ग का कोड देने की परंपरा रही है। लेकिन, अब यह जनरल नॉलेज का सवाल बन जाएगा कि जातिगत जनगणना में फलां जाति को क्या कोड दिया गया।
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जनरल नॉलेज के हिसाब से सही जानकारी तो जरूरी है ही, 15 अप्रैल से शुरू हो रही जनगणना के दरम्यान भी यह जानकारी हरेक के काम आ सकती है। इसमें जातियों को इतने टुकड़े में बांटा गया है कि हरेक को पक्का करना होगा कि उसकी असल जाति क्या है।
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इस कोड की जानकारी के जरिए असल जाति की पक्की सूचना प्रगणक को देना उचित होगा। अगर सरकार सही में भविष्य में इसके जरिए वंचितों को हक देने जाएगी तो यही जानकारी काम आएगी।
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जातिगत जनगणना के कोड को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। जैसे, श्रीवास्तव, लाला, लाल आदि को हिंदू धर्म के दर्जी में रखे जाने को लेकर हंगामा खड़ा होता जा रहा है।
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किन्नरों का समूह भी खुद को जाति के रूप में निर्धारित किए जाने का विरोध कर रहा है। किन्नरों को जातिगत जनगणना में जातीय कोड 22 निर्धारित किया गया है। इनके कोड की भी गलत जानकारी वायरल हो रही थी।