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Paper Leak: बीपीएससी प्रश्नपत्र लीक मामले में चार और गिरफ्तार, साइबर आपराधिक गिरोह का भंडाफोड़
Sun, 15 May 2022 07:13 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 15 May 2022 07:13 PM IST
सार
ईओयू ने कहा कि राजेश कुमार (39) पटना के पूर्वी पटेल नगर इलाके में किराए के मकान में रहता है। जहां से एक लैपटॉप, विभिन्न नेटवर्क प्रदाताओं के 30 से अधिक सिम कार्ड, पांच पेन ड्राइव और 16 ईयरफोन जब्त किए गए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
बिहार पुलिस ने रविवार को बीपीएससी प्रश्नपत्र लीक मामले में नया दावा किया। उनके मुताबिक, पुलिस ने पिछले सप्ताह राज्य सिविल सेवा परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के पीछे एक संगठित आपराधिक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मामले में चार लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। उनके पास से कई इलेक्टॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं।
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मामले की जांच कर रही पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के अनुसार, गिरोह का नेतृत्व इंजीनियरिंग स्नातक आनंद गौरव उर्फ पिंटू यादव कर रहा था, जिसे 2015 में उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती घोटाले के संबंध में गिरफ्तार किया गया था। ईओयू ने बताया कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के पूर्व छात्र यादव ने स्पष्ट तौर पर रातोंरात पैसा कमाने के लिए अपराध किया और वह मुंगेर जिले में दो साल पुराने हत्या के मामले में भी वांछित है। यादव और उसके अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा रहा है। गिरफ्तार लोगों में शामिल राजेश कुमार राज्य के कृषि विभाग में क्लर्क के रूप में कार्यरत है।
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ईओयू ने कहा कि राजेश कुमार (39) पटना के पूर्वी पटेल नगर इलाके में किराए के मकान में रहता है। जहां से एक लैपटॉप, विभिन्न नेटवर्क प्रदाताओं के 30 से अधिक सिम कार्ड, पांच पेन ड्राइव और 16 ईयरफोन जब्त किए गए हैं। कुमार से पूछताछ के आधार पर यादव द्वारा लोहानीपुर इलाके में किराए पर लिए गए एक मकान पर भी छापा मारा गया, जो गिरोह के कंट्रोल रूम के रूप में काम करता था।
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ईओयू ने कहा कि इसके अलावा यादव से जुड़े छह बैंक खातों के रिकॉर्ड भी मिले, जिनमें 12 लाख रुपये से अधिक जमा किए गए थे। इन सभी खातों पर रोक लगा दी गई है। राजेश कुमार से मिली सूचना के आधार पर तीन अन्य लोगों-उच्च विद्यालय में पढ़ाने वाले कृष्ण मोहन सिंह (41), निशिकांत कुमार राय (33) और सुधीर कुमार सिंह (40) को भी गिरफ्तार किया गया है। कृष्ण मोहन सिंह और निशिकांत राय पटना के अलग-अलग इलाकों में रहते थे जबकि सुधीर कुमार सिंह औरंगाबाद जिले का निवासी है।
इससे पहले ईओयू ने भोजपुर जिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था, जहां आठ मई को हुई प्रारंभिक परीक्षा के परीक्षा केंद्रों में से एक वीर कुंवर सिंह कॉलेज में अनियमितताओं का पता चला था। जब कुछ परीक्षार्थियों को एक बंद कमरे के अंदर अपने प्रश्नपत्र हल करने की अनुमति दी गई थी। आरोप है कि इस दौरान उन्हें अपने मोबाइल फोन साथ ले जाने की अनुमति दी गई। इस पर अन्य परीक्षार्थियों ने हंगामा कर दिया।