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Bihar Politics: नेता प्रतिपक्ष ने कहा- बेबस और समझौतावादी सीएम हो गए हैं नीतीश, अपराधियों के सामने नतमस्तक
Wed, 26 Apr 2023 06:52 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 26 Apr 2023 06:52 PM IST
सार
बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बुधवार को नालंदा के बिहार शरीफ पहुंचे। यहां उन्होंने सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता का आयोजन किया। मौके पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अपने नेता का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।
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प्रेसवार्ता करते हुए नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के नालंदा जिल में मीडिया से मुखातिब होते हुए नेता विरोधी दल विजय कुमार सिन्हा ने कहा, नीतीश कुमार आग लगाकर दूसरे के घर को बुझाने चले हैं। वह दूसरे के घर में भी आग लगाने गए है, बुझाने नहीं गए हैं। उनकी कथनी करनी में समरूपता नहीं है। वह देश बचाने की बात करते हैं, लेकिन अपने बिहार को बर्बाद कर रहे हैं। आज बिहार शरीफ में धारा-144 लगाकर आतंकवादियों और अपराधियों को संरक्षित कर रहे हैं। बम विस्फोट हो रहा है, उसको भी पटाखा बता रहे हैं।
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सिन्हा ने कहा, जो अपने राज्य के जनादेश को नहीं प्राप्त कर सके, वो देश के अंदर कैसे लोगों को एकजुट करेंगे और कौन उन पर विश्वास करेगा। यह जो गोलबंदी कर रहे हैं, अब तो अपराधियों को भी छोड़ने की तैयारी कर लिए हैं। अपराध और भ्रष्टाचार का मनोबल बढ़ाने वाला व्यक्ति देश का कभी हित नहीं कर सकता।
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आनंद मोहन की रिहाई पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा, आनंद मोहन की रिहाई की आड़ में दो दर्जन से ज्यादा कुख्यात अपराधियों को छोड़ने का खेल पूरे बिहार की जनता समझ रही है। बिहार के लोग जान रहे हैं कि साल 2016 में कारा कानून में संशोधन कर यही मुख्यमंत्री ने आनंद मोहन को अंदर रखने का खेल खेला था और आज 2023 में उस संशोधन के बहाने आनंद मोहन को निकालने के लिए नहीं, बल्कि जो जंगलराज के पुरोधा थे, जंगलराज में जिनकी भागीदारी थी, जंगलराज स्थापित करने में जिन्होंने अपनी भूमिका निभाई थी। वैसे लोगों को मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं बचाने का।
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'लूट का वातावरण बनाया'
बिहार शरीफ में जिसने रामनवमी में हिंसा फैलाई, जिसने लूट का वातावरण बनाया, वैसे लोगों पर कार्रवाई करने में इनके हाथ कांपते हैं और बजरंग दल, भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस पर कार्रवाई करके ये लोगों को दिखाना चाहते हैं और लोगों को एक तरह से धमकाना और डराना चाहते हैं कि हिंदू धर्म के लोग अपने सम्मान के लिए अपने संस्कृति विरासत पर गर्व महसूस न करें। वह अब इस धरती पर छुप करके डर करके हाथ जोड़ करके रहे। कानून का राज स्थापित करना मुख्यमंत्री के हाथ में था। गृह विभाग उनके पास था, लेकिन आपने जिस कायरता पूर्ण ढंग से काम किया, आपकी करनी और कथनी कहीं दिखाई नहीं दे रही है।
नेता प्रतिपक्ष सिन्हा ने कहा, कानून का राज स्थापित करने और निर्दोष लोगों को फंसाकर आप क्या संदेश बिहार को देना चाहते हैं? हमने तो मांग किया था कि इस हिंसा की सिटिंग जज से जांच होनी चाहिए थी, सीबीआई से जांच होनी थी। लेकिन सीबीआई से जांच कराने के बजाय, सिटिंग जज से जांच कराने के बजाय आपके मातहत जो काम करने वाले भ्रष्ट पदाधिकारी हैं जो कहीं न कहीं आतंकवादियों को पीएफआई और मदरसे को संरक्षित करता है और जिससे साठगांठ है। उसकी जांच करने के बजाय आप उसके देखरेख में पूर्ण राष्ट्रवाद पर चलने वाले लोगों को तंग और तबाह कर रहे हैं और झूठे मुकदमे में फंसा रहे हैं।
'राजद के सामने सरेंडर'
बिहार के मुख्यमंत्री कुर्सी के लिए हर समझौता कर चुके हैं, राजद के सामने सरेंडर कर चुके हैं। आज राजद के लोगों के दबाव में दो दर्जन से ज्यादा अपराधियों को छोड़ने का कानून बनाया है। ये कितने लाचार, बेबस और समझौतावादी मुख्यमंत्री बन गए हैं, जो अपराधियों और भ्रष्टाचारियों के सामने नतमस्तक हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो कहते थे कि वो किसी को न तो फंसाते हैं और न ही किसी को बचाते हैं। लेकिन उन्होंने अपने गृह जिला के अंदर कितने निर्दोष लोगों को फंसाया है। जेल भेजने का काम कर रहे हैं और अगर उनको लगता है कि ये लोग दोषी हैं तो फिर न्यायिक जांच से भाग क्यों रहे हैं। क्यों नहीं हाईकोर्ट के सीटिंग जज से जांच करवाते हैं। ये फंसाते भी हैं और तुष्टिकरण की राजनीति में बचाते भी हैं और अपराधियों को बेल दिलाकर उससे अपराध की घटना करवा करके अपनी सत्ता को बरकरार रखने का प्रयास भी कर रहे हैं।
इसके बाद नेता प्रतिपक्ष का काफिला पहाड़पुर पहुंचा, जहां रामनवमी के बाद हुए हिंसा में एक युवक की मौत गोली लगने से हो गई थी। विजय सिन्हा ने पीड़ित परिवार से मिल दुख प्रकट किया और हरसंभव कानूनी मदद का भरोसा दिलाया, इसके बाद विजय सिन्हा का काफिला आगे के कार्यक्रम के लिए रवाना हो गया।