{"_id":"62efa17e2a1d9b33aa54d7df","slug":"bihar-politics-narendra-modi-cabinet-jdu-rajeev-ranjan-lalan-singh-statement-bjp-relation-rjd-tejaswi-yadav","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: मोदी कैबिनेट में जगह पर जदयू का बड़ा बयान, नीति आयोग की मीटिंग से दूर रहे CM नीतीश ने बुलाई अहम बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: मोदी कैबिनेट में जगह पर जदयू का बड़ा बयान, नीति आयोग की मीटिंग से दूर रहे CM नीतीश ने बुलाई अहम बैठक
Sun, 07 Aug 2022 10:14 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 07 Aug 2022 10:14 PM IST
सार
ऐसे में सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि जदयू-भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं है। जदयू ने एनडीए गठबंधन में जदयू के लिए दो सीटें मांगी थीं। इस पर भाजपा आलाकमान जारी नहीं हुए। इस वजह से नीतीश कुमार ने मंत्रिमंडल से बाहर रहने का फैसला किया।
विज्ञापन
नीतीश कुमार
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार की सियासत में रोज नए-नए मोड़ आ रहे हैं। यहां भाजपा और जदयू के रिश्तों को लेकर रोज नए-नए दावे किए जा रहे हैं। इस बीच जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट का जदयू हिस्सा नहीं होगी। यह फैसला हमने 2019 में ही ले लिया था और हम इस पर आज भी काबिज हैं।
विज्ञापन
इस बीच जदयू सुप्रीमो और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को पार्टी के सभी विधायकों और सांसदों की बैठक बुलाई है। नीतीश कुमार रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की एक महत्वपूर्ण बैठक में भी शामिल नहीं हुए। इस संबंध में कोई आधिकारिक कारण भी अब तक नहीं बताया गया है।
विज्ञापन
हालांकि, मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों के हवाले से पीटीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जदयू प्रमुख ने कोरोना संक्रमण की वजह से खुद को बैठक से दूर रखा। हालांकि, उन्होंने पटना में एक कार्यक्रम में भाग लिया, जहां भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन और तारकिशोर प्रसाद मौजूद थे।
विज्ञापन
ललन सिंह ने कही यह बात
उन्होंने कहा कि जदयू को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की क्या जरूरत है? 2019 में ही आम सहमति पर पहुंचने के बाद सीएम नीतीश कुमार ने स्पष्ट कर दिया था कि हम केंद्र सरकार में शामिल नहीं होंगे और हम इसके साथ काफी मजबूती से खड़े हैं। नीतीश कुमार के व्यक्तित्व को धूमिल करने की साजिश थी।
ऐसे में सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि जदयू-भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं है। जदयू ने एनडीए गठबंधन में जदयू के लिए दो सीटें मांगी थीं। इस पर भाजपा आलाकमान जारी नहीं हुए। इस वजह से नीतीश कुमार ने मंत्रिमंडल से बाहर रहने का फैसला किया।
आरसीपी सिंह पर भी जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जदयू डूबता जहाज नहीं है। यह एक तैरता हुआ जहाज है। कुछ लोग इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग उस जहाज में छेद करना चाहते हैं। नीतीश कुमार ने उन लोगों की पहचान कर ली है, जो इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। इसे सुधारने के लिए ही कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पूरी पार्टी नीतिश कुमार जी की आभारी है कि उन्होंने ऐसे लोगों को पहचान लिया। हमने पहले भी कहा है कि नीतिश कुमार जी की संख्या जो 43 पर आ गई वो जनाधार की वजह से नहीं बल्कि उनके खिलाफ हुई षडयंत्र की वजह से हुई लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश थी और इसलिए हमने (विधानसभा में) केवल 43 सीटें जीतीं, लेकिन अब हम सतर्क हैं। 2020 के चुनाव में एक मॉडल चिराग पासवान के नाम से सामने आया, जबकि दूसरा वर्तमान में बनाया जा रहा है।