Bihar News : डॉक्टर की पिटाई के खिलाफ सरकारी अस्पताल में ओपीडी बंद, बिना इलाज के लौटे मरीज
सुरक्षाकर्मियों को मरीजों के भीड़ पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करनी पड़ी। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. सतीश कुमार और डॉ. गोपाल शंकर सहनी लगातार डॉक्टरों से ओपीडी सेवा बहाल कराने को लेकर वार्ता करते रहे।
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की घोषणा के बाद मंगलवार को एसकेएमसीएच के ओपीडी में सुबह से ही ताला लटका रहा। ओपीडी में इलाज को पहुंचे मुजफ्फरपुर के अलावा सीतामढ़ी, शिवहर के साथ ही पूर्वी और पश्चिमी चंपारण के मरीजों निराशा हाथ लगी। ओपीडी खुलने के इंतजार में मरीज ओपीडी के बाहर बैठे रहे। हालांकि, ओपीडी का समय समाप्त हो जाने के बाद भी ताला लटका रहा। ताला लटके रहने के कारण इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की हुजुम लग गई। सुरक्षाकर्मियों को मरीजों के भीड़ पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करनी पड़ी। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. सतीश कुमार और डॉ. गोपाल शंकर सहनी लगातार डॉक्टरों से ओपीडी सेवा बहाल कराने को लेकर वार्ता करते रहे।
जानकारी मुताबिक, एसकेएमसीएच में आम तौर पर सोमवार, मंगलवार और बुधवार को 1200 से लेकर 1600 तक ने मरीजों का रजिस्ट्रेशन होता है। वहीं इससे अधिक पूराने रजिस्ट्रेशन वाले मरीज इलाज को पहुंचते हैं। जबकि पर्व के बाद अस्पताल खुलते ही मंगलवार को मरीजों की संख्या तीन हजार से अधिक दिखीं। अस्पताल के ओपीडी के बाहर मरीजों का जनसैलाब उमड़ा था। लेकिन हड़ताल को लेकर दूर- दराज से इलाज को पहुंचे मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा।
इमरजेंसी में डॉक्टर को झेलना पड़ा परेशानी
ओपीडी में मरीजों का इलाज बाधित रहने को लेकर आम मरीज भी इमरजेंसी का रजिस्ट्रेशन कराकर इमरजेंसी वार्ड इलाज को पहुंचे गए। नतीजतन डॉक्टर को गंभीर हालत में पहुंचे मरीजों का इलाज करने में परेशानी झेलनी पड़ी। आम मरीजों को दरकिनार करने पर मरीज के परिजन डॉक्टर से अनेकों बार उलझते रहे। इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की बढ़तें भीड़-भाड़ को देख उपाधीक्षक ने इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त डॉक्टर को ड्यूटी पर लगाता। वहीं उपाधीक्षक ने एसकेएमसीएच पुलिस ओपी की पुलिस को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी।
पूर्णिया के सर्जन पर हुए हमले को लेकर रही हड़ताल
पूर्णिया में कार्यरत सर्जन डॉ. राजेश पासवान पर जानलेवा हमला को लेकर एक दिवसीय ओपीडी के हड़ताल का समर्थन आईएमए द्वारा किया गया। बताया जा रहा है कि जानलेवा हमला में जख्मी डॉक्टर वर्तमान में पटना में इलाजरत है। आईएमए मुजफ्फरपुर के सचिव डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि पूर्णिया में कार्यरत सर्जन डॉ. राजेश पासवान के क्लिनिक में मरीज के मौत के बाद परिजन डॉक्टर पर जानलेवा हमला कर दिया था। पटना में पीड़ित डॉक्टर का इलाज चल रहा है। आईएमए ने चिकित्सा संस्थानों और चिकित्सक के ऊपर हो रहे घटना में दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।गिरफ्तारी नहीं होने पर संगठन उग्र आंदोलन करेंगी।