Bihar News: बाहुबली मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी ने किया सरेंडर; पीएम मोदी के बारे में राजद नेता ने कही यह बात
पूर्व विधायक की ओर से वकील विकास सिंह ने जस्टिस संजीव खन्ना, संजय कुमार और आर महादेवन की पीठ से अनुरोध किया था कि उनकी पत्नी के स्वास्थ्य और मामलों के प्रबंधन के लिए एक महीने यानी 30 दिन का समय चाहिए। लेकिन, कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी।
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बिहार के पूर्व मंत्री बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड में आजीवन कारावाज की सजा पाने वाले बाहुबली व पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला ने बुधवार को सिविल कोर्ट मे सरेंडर कर दिया। उनके साथ मंटू तिवारी ने भी सरेंडर किया। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाइ है। सरेंडर के दौरान कोर्ट में मुन्ना शुक्ला के समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी। समर्थक मुन्ना शुक्ला के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। इधर जेल जाने पहले राजद नेता मुन्ना शुक्ला अपने पैतृक गांव में लोगों को साथ बैठक की। कहा कि हम भले ही जेल में रहेंगे। सरकार भी बदलेगी लेकिन जेल में रहकर भी अपने घर पर बैठक करते रहेंगे।
यह बात नहीं कहतीं तो हम अंधेरे में रहते
राजद नेता ने बताया कि मुझे जनता ने बनाया है। जनता सब जानती है। जेल से टेंशन नहीं है। मुझे यह नहीं पता था कि मुझे पीए मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी जानते हैं। कह कि हम तो मुख्यमंत्री-मुख्यमंत्री 20 साल तक खेले हैं, लेकिन देश के पीएम और गृहमंत्री हमें जान रहे हैं, यह बड़ी बात है। रमा देवी ने स्पष्ट कह दिया था कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दबाव में मुझे आजीवन कारावास की सजा मिली। अगर वह यह बात नहीं कहतीं तो हम अंधेरे में रहते।
कोर्ट ने कहा- 15 दिन का पर्याप्त समय दिया गया है
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की 1998 में हुई हत्या के मामले में पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला समेत दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस पर शुक्ला ने आत्मसमर्पण करने के लिए समय मांगने के लिए याचिका दायर की थी, जिसे बुधवार को अदालत ने खारिज कर दिया। दरअसल, पूर्व विधायक की ओर से वकील विकास सिंह ने जस्टिस संजीव खन्ना, संजय कुमार और आर महादेवन की पीठ से अनुरोध किया था कि उनकी पत्नी के स्वास्थ्य और मामलों के प्रबंधन के लिए एक महीने यानी 30 दिन का समय चाहिए। हालांकि, याचिका खारिज करते हुए पीठ ने कहा कि तीन अक्तूबर के आदेश में शुक्ला को 15 दिन का पर्याप्त समय दिया गया है और इसलिए अब और समय नहीं दिया जा सकता।