Lok Sabha RJD Ticket : जदयू से लौटे फातमी को लालू ने दिया मधुबनी से राजद का सिंबल, ललित को दरभंगा से टिकट
Election 2024 : इंडी एलांयस अपनी जगह, कांग्रेस का गुस्सा अपनी जगह... राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद अपनी रौ में। अब उन्होंने मधुबनी से पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी और दरभंगा से ललित कुमार यादव को राजद की ओर से नामांकन के लिए पार्टी का सिंबल दे दिया है।
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राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव अपनी रौ में हैं। इंडी एलायंस तो बिहार में नहीं ही चला, महागठबंधन का फॉर्मूला भी नहीं चल रहा है। वह कांग्रेस की आपत्ति के बावजूद अपनी पार्टी से लगातार प्रत्याशी उतारे जा रहे हैं। इसी हफ्ते जनता दल यूनाईटेड को छोड़कर राजद में वापसी करने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी को उन्होंने रविवार को अपने आवास पर बुलाकर पार्टी की सदस्यता दिलाई। इसके बाद मधुबनी से राजद का सिंबल दिया। दरभंगा का प्रत्याशी भी राजद की ओर से पूर्व मंत्री व पार्टी विधायक ललित कुमार यादव को बनाया गया है।
भाजपा प्रत्याशी के मुकाबले करीब आधा वोट हासिल हुआ
दरभंगा सीट पर पिछली बार राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी भारी अंतर से हारे थे। उन्हें भाजपा प्रत्याशी के मुकाबले करीब आधा वोट हासिल हुआ था। मधुबनी सीट पर पिछली बार महागठबंधन में शामिल विकासशील इंसान पार्टी के प्रत्याशी बद्री कुमार पूर्वे ने भाग्य आजमाया था और कहीं टिके ही नहीं थे। पूर्वे यहां भाजपा प्रत्याशी के मुकाबले एक चौथाई वोट पा सके थे।
भाजपा से भी लोग महागठबंधन में आएंगे
राजद आवास से बाहर निकलने के बाद अली अशरफ फातमी ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल मेरा घर है। कुछ समय के लिए मैं इधर- उधर चला गया था। अब मैं वापस घर लौट गया हूं। हमारे नेता ने मुझपर भरोसा जताया है। जनता इस बार महागठबंधन को जीता रही है। भाजपा और जदयू का सच जनता अच्छे से जान चुकी है। जदयू पर तंज कसते हुए अली अशरफ फातमी ने कहा कि जदयू में लोग परेशान हैं और सिर्फ जदयू हीं नहीं भाजपा से भी कई लोग महागठबंधन में आएंगे। पिछले 17 महीने से विकास वाली सरकार चल रही थी। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पांच लाख लोगों को नौकरियां दी गई। इस विकास ने सीएम नीतीश कुमार अस्थिर कर दिया। वह काफी दबाव में थे।
दो बार राजद के टिकट पर लोकसभा जीत चुके हैं फातमी
बता दें कि फातमी चार बार दरभंगा लोकसभा के सांसद रह चुके हैं। वे दो बार जनता दल और दो बार राजद से सांसद रह चुके है। 1991 के लोकसभा के चुनाव अली अशरफ फातमी जनता दल के टिकट पर चुनाव जीते थे। लेकिन इसके बाद 1996 और 1998 में जनता दल का बदलकर राजद हो गया। लेकिन, अली असरफ फातमी ने जीत बरकरार रखा। 1999 में भाजपा के टिकट पर पूर्व मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद के पुत्र व पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद भाजपा की टिकट से चुनाव जीतकर दरभंगा के सांसद पहली बार बने और इस बार अली असरफ फातमी को हार का सामना करना पड़ा। 2004 में हुए लोकसभा के चुनाव फिर राजद के टिकट पर अली असरफ फातमी चुनाव जीत गए। चुनाव जीतने के बाद उन्हें इस बार केंद्र की सरकार में उन्हें केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री बनाया गया था। लेकिन 2014 के लोकसभा के चुनाव राजद ने फातमी को बेटिकट कर दिया जिससे नाराज होकर वे पहले मधुबनी लोकसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ा। 2019 में फातमी ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।