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Bihar News : अस्पताल के कर्मचारी ही नवजात को बेचने का कर रहे थे खेल, कर्मी सहित पिता भी गिरफ्तार
Sun, 30 Mar 2025 09:31 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Sun, 30 Mar 2025 09:31 PM IST
सार
Bihar : अस्पताल के कर्मी अचानक महिला के पास आकर कहने लगे कि नवजात की हालत गंभीर है, उसे दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ेगा। बाद में पता चला कि बच्चे की मौत हो गई है, लेकिन जब पुलिस ने पूछताछ की तब मामला कुछ और सामने आया। अब पिता भी गिरफ्तार है।
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जांच में जुटी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
वैशाली में नवजात चोरी के मामले में पुलिस ने नवजात के पिता सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन छह आरोपियों में पिता के साथ-साथ अस्पताल के कर्मचारी भी शामिल हैं। घटना नगर थाना क्षेत्र के जोहरी बाजार स्थित न्यू बुद्ध पॉपुलर इमरजेंसी हॉस्पिटल की है। बरामद बच्चे को थाने पर लाकर पुलिस आवश्यक कार्रवाई में जुट गई है।
नवजात के पिता महुआ थाना के कन्हौली मानपुरा निवासी नवल किशोर राय के पुत्र राजेश कुमार, लालगंज थाना के मलंग चौक दिलावलपुर निवासी अरुण कुमार, गोरौल थाना क्षेत्र के सदोपुर निवासी कमल चौधरी के पुत्र रमेश कुमार, पिरापुर निवासी योगेंद्र सिंह के पुत्र जयप्रकाश कुमार, सारण जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र के टरवा मंगरलपाल निवासी जयंत सिंह के पुत्र जितेंद्र कुमार एवं नगर थाना क्षेत्र निवासी पारसनाथ सिंह के पुत्र अविनाश कुमार बताया गया।
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इस मामले में पुलिस का कहना है कि नवजात के पिता ने अपने बच्चों को 50 हजार रुपए में गोरौल निवासी रमेश कुमार से बेच दिया था। रमेश कुमार को एक बेटी थी वह एक बच्चा खरीदना चाहता था। जबकि राजेश कुमार को 4 बच्चा पहले से था। वह अपने नवजात को बेच दिया। इस मामले में बच्चे की मां ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने नवजात के पिता बच्चे खरीदने वाला और इस ग्रुप में शामिल छह व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया।
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महुआ थाना के मानपुरा निवासी राजेश कुमार की पत्नी गोलू कुमारी जोहरी बाजार स्थित निजी अस्पताल से नवजात चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया गया था कि 10 सितंबर 2024 को में न्यु बुद्ध अपोलो इमरजेन्सी हॉस्पीटल, जौहरी बाजार हाजीपुर में महुआ थाना क्षेत्र के पहाड़पुर निवासी स्वर्गीय विनय कुमार की पत्नी आशा कार्यकर्ता मीनू देवी के कहने पर भर्ती हुई जहां पर मुझे एक पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई।
पुत्र पैदा लेने के पश्चात् वहां पर मौजूद डाक्टर चिन्टू उर्फ आदित्य राज ने बताया कि बच्चे की हालत नाजुक है। उस बच्चे को केयर सेन्टर में रखना है। इस तरह उसने बिना मेरी सहमति के अपनी गाड़ी में मेरे उक्त नवजात बच्चे को लेकर कहीं चला गया। बाद में पूछने पर बताया कि बच्चे की मौत हो गई है। फिर बच्चे का शव मांगने पर बताया कि बताया कि नवजात का संस्कार कर दिया गया। बच्चे की मां ने जब बच्चे की मांग करते हुए उसपर दवाब बनाने लगी तब वेलोग महिला को गाली-गलौज करते हुए उसे धमकी देते हुए वहां से भगा दिया। यहां तक कि अस्पताल में ईलाज संबंधी कागजात भी नहीं दिए।
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बाद में महिला को पता चला कि नवजात बिल्कुल स्वस्थ्य था और उसे आशा कार्यकर्ता मीनू देवी के सहमति से नवजात को संजीत कुमार के हाथों बेच दिया है। इस मामले में रंजीत का चचेरा भाई नितेश कुमार उर्फ लालू कुमार ने बीचवानी का काम किया है। महिला ने कहा कि अभी मेरा नवजात शिशु बच्चा रंजीत कुमार रजक के फुआ के पास रखा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नवजात को बरामद कर लिया। फिर सत्यता की जांच के लिए डीएनए टेस्ट भी कराया गया। बताया कि मीनू देवी, डॉ चिन्दु उर्फ आदित्य राज,रंजीत कुमार रजक, नितेश कुमार रजक उर्फ लालू कुमार, रंजु देवी, सतिया देवी एक राय विचार करके साजिश के तहत मेरे नवजात बच्चे की हाजत नाजुक बताकर मेरे अज्ञात के बगैरह अपहरण कर कहीं ले गया वो रंजीत कुमार रजक के हाथों मोटी रकम लेकर बेच दिया है।
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नवजात के पिता महुआ थाना के कन्हौली मानपुरा निवासी नवल किशोर राय के पुत्र राजेश कुमार, लालगंज थाना के मलंग चौक दिलावलपुर निवासी अरुण कुमार, गोरौल थाना क्षेत्र के सदोपुर निवासी कमल चौधरी के पुत्र रमेश कुमार, पिरापुर निवासी योगेंद्र सिंह के पुत्र जयप्रकाश कुमार, सारण जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र के टरवा मंगरलपाल निवासी जयंत सिंह के पुत्र जितेंद्र कुमार एवं नगर थाना क्षेत्र निवासी पारसनाथ सिंह के पुत्र अविनाश कुमार बताया गया।
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इस मामले में पुलिस का कहना है कि नवजात के पिता ने अपने बच्चों को 50 हजार रुपए में गोरौल निवासी रमेश कुमार से बेच दिया था। रमेश कुमार को एक बेटी थी वह एक बच्चा खरीदना चाहता था। जबकि राजेश कुमार को 4 बच्चा पहले से था। वह अपने नवजात को बेच दिया। इस मामले में बच्चे की मां ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने नवजात के पिता बच्चे खरीदने वाला और इस ग्रुप में शामिल छह व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया।
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महुआ थाना के मानपुरा निवासी राजेश कुमार की पत्नी गोलू कुमारी जोहरी बाजार स्थित निजी अस्पताल से नवजात चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया गया था कि 10 सितंबर 2024 को में न्यु बुद्ध अपोलो इमरजेन्सी हॉस्पीटल, जौहरी बाजार हाजीपुर में महुआ थाना क्षेत्र के पहाड़पुर निवासी स्वर्गीय विनय कुमार की पत्नी आशा कार्यकर्ता मीनू देवी के कहने पर भर्ती हुई जहां पर मुझे एक पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई।
पुत्र पैदा लेने के पश्चात् वहां पर मौजूद डाक्टर चिन्टू उर्फ आदित्य राज ने बताया कि बच्चे की हालत नाजुक है। उस बच्चे को केयर सेन्टर में रखना है। इस तरह उसने बिना मेरी सहमति के अपनी गाड़ी में मेरे उक्त नवजात बच्चे को लेकर कहीं चला गया। बाद में पूछने पर बताया कि बच्चे की मौत हो गई है। फिर बच्चे का शव मांगने पर बताया कि बताया कि नवजात का संस्कार कर दिया गया। बच्चे की मां ने जब बच्चे की मांग करते हुए उसपर दवाब बनाने लगी तब वेलोग महिला को गाली-गलौज करते हुए उसे धमकी देते हुए वहां से भगा दिया। यहां तक कि अस्पताल में ईलाज संबंधी कागजात भी नहीं दिए।
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बाद में महिला को पता चला कि नवजात बिल्कुल स्वस्थ्य था और उसे आशा कार्यकर्ता मीनू देवी के सहमति से नवजात को संजीत कुमार के हाथों बेच दिया है। इस मामले में रंजीत का चचेरा भाई नितेश कुमार उर्फ लालू कुमार ने बीचवानी का काम किया है। महिला ने कहा कि अभी मेरा नवजात शिशु बच्चा रंजीत कुमार रजक के फुआ के पास रखा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नवजात को बरामद कर लिया। फिर सत्यता की जांच के लिए डीएनए टेस्ट भी कराया गया। बताया कि मीनू देवी, डॉ चिन्दु उर्फ आदित्य राज,रंजीत कुमार रजक, नितेश कुमार रजक उर्फ लालू कुमार, रंजु देवी, सतिया देवी एक राय विचार करके साजिश के तहत मेरे नवजात बच्चे की हाजत नाजुक बताकर मेरे अज्ञात के बगैरह अपहरण कर कहीं ले गया वो रंजीत कुमार रजक के हाथों मोटी रकम लेकर बेच दिया है।
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