Bihar News : प्रगति यात्रा के तीसरे चरण में नीतीश कुमार पहुंचे बेगूसराय, समीक्षात्मक बैठक में की कई घोषणाएं
Pragati Yatra : 2005 से पहले बिहार की हालत काफी खराब थी। शाम के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डरते थे। अब अपने जरूरत के मुताबिक पुरुष हो या महिला जब जहां जाना चाहे निडर होकर जा रहे हैं।
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विस्तार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज प्रगति यात्रा के तीसरे चरण में बेगूसराय जिले में चल रही विकासात्मक योजनाओं को लेकर समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में समीक्षात्मक बैठक की।
समीक्षात्मक बैठक में बेगूसराय के डीएम तुषार सिंगला ने जिले के विकास कार्यों का प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। डीएम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना, कुशल युवा कार्यक्रम, हर घर नल का जल एवं उनका अनुरक्षण, हर घर तक पक्की गली-नाली, मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना, हर खेत तक सिंचाई का पानी, कृषि फीडर का निर्माण, मुख्यमंत्री कृषि विद्युत कनेक्शन योजना, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, उच्चतर शिक्षा हेतु महिलाओं को प्रोत्साहन, स्वास्थ्य उपकेंद्र में टेली मेडिसिन के माध्यम से चिकित्सा परामर्श, पशु चिकित्सा सेवाओं की डोर स्टेप डिलीवरी एवं पंचायत सरकार भवन के निर्माण की अब तक की स्थिति की विस्तृत जानकारी दी।
याद दिलाई 2005 से पहले की बात
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार की हालत काफी खराब थी। शाम के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डरते थे। अब अपने जरूरत के मुताबिक पुरुष हो या महिला जब जहां जाना चाहे निडर होकर जा रहे हैं। वर्ष 2005 से पहले के बिहार की स्थिति भी लोगों को बताना चाहिए। पहले अस्पतालों में इलाज का इंतजाम नहीं था, सड़कें जर्जर थीं। शिक्षा की हालत ठीक नहीं थी। प्रायः हिन्दू-मुस्लिम के बीच विवाद की खबरें आती थीं। सड़कों का काफी अभाव था। जब बिहार के लोगों ने हमलोगों को काम करने का मौका दिया, तब से बिहार की स्थिति बदली है। हर क्षेत्र में विकास के काम किए जा रहे हैं। हमलोग किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं करते हैं, जिनको जिन्हें वोट देना है, उसे दें।
2005 से बिहार में लगातार हो रहा है विकास
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने प्रारंभ से ही बिहार के हर क्षेत्र में विकास के लिए काम किया है। प्रगति यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों का दौरा कर विकासात्मक कार्यों को हम देख रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जो भी समस्याएं या आवश्यकताएं हैं उन्हें आगामी बिहार विधानसभा सत्र के पहले ही कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति दे दी जाएगी। 24 नवंबर 2005 से बिहार के लोगों ने हमलोगों को काम करने का मौका दिया, तब से निरंतर विकास के काम तेजी से किये जा रहे हैं।
मंदिर और कब्रिस्तान दोनों का किया काम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2006 से हमलोगों ने कब्रिस्तानों की घेराबंदी शुरू कराई। अब तक 8 हजार से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी करा दी गई है और शेष बचे कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई जा रही है। अब कहीं कोई हिन्दू-मुस्लिम के बीच विवाद नहीं है। हमलोगों ने देखा कि मंदिरों से मूर्ति चोरी की घटनाएं हो रही हैं। इसको देखते हुए पुराने मंदिरों की चहारदीवारी के निर्माण का निर्णय लिया गया ताकि मंदिरों में चोरी की घटनाएं न हों।
फिर याद किये पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमें मुख्यमंत्री बनाया था। उन्होंने अपने प्रधानमंत्रित्व काल में मुझे केंद्र में मंत्री बनाया था। हम विकास कार्यों के लिए उनके पास जो भी प्रस्ताव भेजते थे, उसे तत्काल मंजूरी मिल जाती थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि एनडीए के साथ हमारा जो पुराना रिश्ता है वह आगे भी कायम रहेगा।
बिहार के किसी कोने तक पहुंचने में अब लगते हैं मात्र 5 घंटे में
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि संपूर्ण बिहार में विकास का काम हम लोग करा रहे हैं। बिहार का कोई भी इलाका विकास से अछूता नहीं है। हमलोगों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल-पुलिया के निर्माण का काम बड़े पैमाने पर कराया है जिसके कारण बिहार के किसी भी कोने से पहले 8 घंटे में लोग पटना पहुंचते थे, अब उसे घटाकर 5 घंटे किया गया है। इसके लिए हर प्रकार से काम किया जा रहा है।
विद्यार्थी, विद्यालय बौर शिक्षकों पर दिया ध्यान
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2006 से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पोशाक योजना की शुरुआत की गई। वर्ष 2000 से लड़कियों के लिए साइकिल योजना शुरू की गई थी लेकिन जब लड़कों ने भी साइकिल की मांग शुरू की तो वर्ष 2010 से उनके लिए भी साइकिल योजना शुरू की गई। बिहार में बड़े पैमाने पर नियोजित शिक्षकों की बहाली की गई है। स्कूल भवनों का निर्माण कराकर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास किया गया है। बड़ी संख्या में सरकारी शिक्षकों की भी बहाली की जा रही है। इसके साथ ही नियोजित शिक्षकों को परीक्षा के माध्यम से सरकारी मान्यता प्रदान की जा रही है। मदरसों को भी सरकारी मान्यता प्रदान की गई और वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों को सरकारी शिक्षक के अनुरूप वेतन दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में किया विकास
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक माह में सिर्फ 39 मरीज इलाज कराने आते थे। अब 1 माह में औसतन 11 हजार से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। पहले बिहार में सिर्फ 6 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे। अब उनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। पी०एम०सी०एच० को 5400 बेड का वर्ल्ड क्लास अस्पताल बनाया जा रहा है। इसका आधा से अधिक काम पूरा हो चुका है। शेष काम तेजी से किया जा रहा है। आईजीआईएमएस का भी विस्तार किया जा रहा है, यहां पर 3000 बेड की सुविधा होगी।
दो फेजों में चला सात निश्चय योजना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमलोगों ने वर्ष 2015 से सात निश्चय योजना के माध्यम से हर घर नल का जल, हर घर पक्की गली एवं नाली का निर्माण, हर घर शौचालय, हर घर तक बिजली का कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाएं लोगों तक पहुंचा दी गई है। वर्ष 2020 से सात निश्चय योजना-2 के तहत मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना का काम तेजी से किया जा रहा है।
महिलाओं का किया उत्थान
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2006 से पंचायती राज संस्थाओं तथा वर्ष 2007 से नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, इसके तहत अब तक 4 चुनाव हो चुके हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं चुनकर आई हैं। हमलोगों ने महिलाओं के उत्थान के लिए हर प्रकार से काम किया है। पहले बिहार में स्वयं सहायता समूहों की संख्या काफी कम थी। वर्ष 2006 में जब हमलोगों की सरकार बिहार में बनी तो हम लोगों ने वर्ष 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ाने का काम शुरू किया। बिहार में अब स्वयं सहायता समूहों की संख्या 10 लाख 61 हजार हो गई है जिनसे 1 करोड़ 31 लाख जीविका दीदियां जुड़ी हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं का नाम जीविका दीदी हमलोगों ने ही दिया है, जिससे प्रेरित होकर उस समय की केंद्र सरकार ने भी इसे अपनाया और उसका नाम आजीविका दिया। बिहार में अब शहरी क्षेत्रों में भी स्वयं सहायता समूहों का गठन शुरू कराया गया है। शहरी क्षेत्र में अब तक 26 हजार जीविका स्वयं सहायता समूह का गठन हो चुका है, जिनसे 3 लाख जीविका दीदियां जुड़ चुकी हैं।
दे रहे हैं नौकरी और रोजगार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सात निश्चय-2 योजना के तहत हमलोगों ने 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे बढ़ाकर अब 12 लाख किया गया है। अब तक 9 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दे दी गई है। इसके अलावा 10 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब तक 24 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराया गया है। वर्ष 2025 में 12 लाख लोगों को सरकारी नौकरी तथा 34 लाख लोगों को रोजगार मुहैया करा दिया जाएगा। हमलोगों ने सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम किया है। हमलोगों ने सभी पार्टियों के साथ बैठक कर बिहार में जाति आधारित गणना कराई, जिसमें 94 लाख गरीब परिवारों को चिह्नित किया गया है, जो हर जाति से जुड़े हैं। ऐसे गरीब परिवारों को प्रति परिवार 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है ताकि वे अपना जीविकोपार्जन कर सकें।
515 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बेगूसराय जिले में विकास के अनेक कार्य कराए गए हैं। यहां इंजीनियरिंग कॉलेज, पारा मेडिकल संस्थान और छात्रावासों का निर्माण कराया गया है। साथ ही राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान, महिला आई०टी०आई०, सभी अनुमंडलों में आई०टी०आई०, छात्रावास, जी०एन०एम० संस्थान, आवासीय विद्यालय, के साथ ही अनेक पथों एवं पुल-पुलियों का निर्माण कराया गया है। बरौनी में 515 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है। अगले वर्ष अप्रैल माह तक इसका काम पूरा हो जाएगा। राजेंद्र सेतु के समानांतर सिक्स लेन का रेल सह सड़क पुल के निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस पुल का नामकरण बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के नाम पर किया जाएगा।
सिमरिया धाम का और अधिक होगा विकास
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सिमरिया धाम के विकास एवं सौंदर्याकरण के लिए कई काम कराए गए हैं। बड़ी संख्या में सालों भर श्रद्धालु वहां पहुंचते हैं। सिमरिया धाम का पौराणिक महत्व है। उसे और विकसित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। आज हम यहां कई जगहों पर जाकर विकास कार्यों को देखे हैं। पूरे बिहार में जून 2025 तक पंचायत सरकार भवनों के निर्माण का कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा। हमलोगों ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार की तरह पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कराने का निर्णय लिया ताकि पंचायत प्रतिनिधि एक छत के नीचे बैठकर कार्यों का निष्पादन सहूलियत से कर सकें। बेगूसराय जिले में 5 विद्युत ग्रिड सब स्टेशन, 39 पावर सब स्टेशन, कृषि कार्य हेतु सिंचाई के लिए 37 डेडिकेटेड फीडर का निर्माण कराया जा चुका है, जिससे अब तक 9,920 किसानों को बिजली कनेक्शन दिया गया है। यहां 28.083 स्वयं सहायता समूहों का गठन हो चुका है, जिनसे 3 लाख 47 हजार जीविका दीदियां जुड़ी हैं। यहां 4 दीदी की रसोई भी संचालित की जा रही है। हम जहां भी जाते हैं जीविका दीदियों से जरूर मिलते हैं। उनसे बातचीत भी करते हैं और उनकी जो भी मांगे होती है उसे पूरा करने की कोशिश करते हैं।
बेगूसराय जिले में लोगों की मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणायें
- सिमरिया से लखमिनिया बलिया वाया बिन्द टोली गुप्ता लखमिनिया बांध तक सड़क (बेगूसराय बाईपास) का चौड़ीकरण किया जायेगा। इससे आसपास की आबादी को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
- कावर झील का समेकित विकास किया जायेगा, झील को जोड़ने वाले सभी नालों की उड़ाही की जायेगी तथा इसके जल प्रवाह को बहाल किया जायेगा। साथ ही कावर झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा।
- मिथिला हाट की तर्ज पर सिमरिया घाट एवं कल्पवास मेला क्षेत्र के द्वितीय चरण का विकास किया जायेगा। इससे यहाँ के लोगों को सुविधा होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- तेघड़ा-मुबारकपुर पथ का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण किया जायेगा।
- बेगूसराय जिले में बखरी से बहादुरपुर (खगड़िया) बार्डर तक नये बाईपास का निर्माण किया जायेगा, इससे जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
- बेगूसराय जिले के साम्हो में डिग्री कॉलेज स्थापित किया जायेगा। इससे शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।