Madhepura Lok Sabha : आज मधेपुरा में सत्ता का संग्राम; चुनाव के बहाने हो रही चाय पर चर्चा, इन मुद्दों पर बात
Lok Sabha Chunav 2024: 'अमर उजाला' का चुनावी रथ मधेपुरा पहुंच चुका है। सुबह चाय पर चर्चा में आम मतदाता अपनी बात रख रहे। इसके बाद दोपहर में युवाओं के मुद्दों पर चर्चा होगी। वहीं, शाम को राजनीतिक दलों के नेताओं सवाल-जवाब होंगे।
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चौथी लोकसभा चुनाव में लोगों ने पहली बार मधेपुरा लोकसभा सीट के लिए मतदान किया था। 1967 में मधेपुरा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र अस्तित्व में आया। अब तक दो बार परिसीमन कर इस लोकसभा में विधानसभा क्षेत्रों को बदला गया। कहा जाता है कि रोम है पोप का और मधेपुरा है गोप का। इस सीट से आज तक केवल यादव जाति के ही सांसद बने हैं। इस सीट से मंडल आयोग के अध्यक्ष रहे बीपी मंडल पहले सांसद बने थे। लालू प्रसाद दो बार और शरद यादव चार बार सांसद रह चुके हैं। इस बार जदयू प्रत्याशी और वर्तमान सांसद दिनेश चंद्र यादव और पूर्व सांसद डॉ. रविंद्र कुमार यादव के बेटे पुत्र डॉ. चंद्रदीप के बीच कड़ी टक्कर है।
इस समय 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' भी बिहार में है और अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मधेपुरा में लोगों से बातचीत करने के लिए पहुंच चुका है। शहर के पूर्णिया गोला चौक के पास चाय पर चर्चा के बहाने वोटरों से उनके मन की बात पूछी जा रही। समझा जा रहा है कि वह चाय की चुस्की के साथ मधेपुरा लोकसभा सीट की किन बातों पर विमर्श कर रहे हैं।
मधेपुरा में किसी तरह का विकास नहीं हुआ
सामाजिक कार्यकर्ता शौकत अली ने कहा कि अमन, चैन और शांति पूरे देश में होनी चाहिए। मधेपुरा में किसी तरह का विकास नहीं हुआ। मेडिकल कॉलेज में एक भी अच्छे डॉक्टर नहीं है। न अच्छी जांच की व्यवस्था है। बीएन मंडल विश्वविद्यालय में पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य और शिक्षा पूरी तरह चौपट है। इतनी बड़ी रेल इंजन फ्रैक्ट्री खुली लेकिन यहां के लोगों को रोजगार नहीं मिला। मधेपुरा से आज समाजवाद समाप्त हो चुका है।
युवाओं का सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार है
युवा निशांत यादव ने कहा कि मधेपुरा ही नहीं पूरे देश के युवाओं का सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार है। नई शिक्षा नीति थोप दी गई है। अग्निवीर योजना लाकर युवाओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया। उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। मधेपुरा की बात करें तो यहां पर विकास नहीं हुआ है।
मधेपुरा में शिक्षा और बेरोजगारी की समस्या है
स्थानीय डॉ. प्रभात रंजन ने कहा कि मधेपुरा में शिक्षा और बेरोजगारी की समस्या है। मजदूर पलायन कर रहे। मधेपुरा की हालत बिल्कुल खराब है। लोग राष्ट्रभक्ति की बात करते हैं। लेकिन, सच्चे राष्ट्रभक्त किसान और मजदूर के बारे में कोई नहीं सोचता है। इस देश में किसानों हालत खराब है। किसान हमारे अन्नदाता है। किसान और मजदूर का बेटा देश की रक्षा के लिए सीमा पर तैनात रहता है। लेकिन, वहां भी अग्निवीर योजना लागू कर दिया गया। जनता विकास चाहती है। मधेपुरा की जनता बदलाव चाहती है।
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