Hockey India: एशिया महाद्वीप में श्रेष्ठता की लड़ाई में भारत मंजिल से एक कदम है दूर, जानिये एक्सपर्ट की बातें
Expert Opinion : बिहार में महिलाओं की हॉकी का एशियाई महाकुंभ हो रहा है। आज फिर भारत ने जापान को 2-0 से हराया। हॉकी के पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं कमेंटेटर योगेश कुमार ने 'अमर उजाला' के लिए लिखी बेबाक बातें...
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विस्तार
अभी तक इस टूर्नामेंट में अपराजित रहते हुए भारत ने एक सेमीफाइनल मुकाबले में जापान को 2- 0 से शिकस्त दी। पहले खेले गए सेमीफाइनल मैच में चीन ने मलेशिया को 3- 1 से हरा कर फाइनल में जगह बनाई।
भारतीय टीम की तरफ से नवनीत और लालरेश्यामी ने महत्वपूर्ण गोल किया। भारतीय टीम को तीन क्वॉटर तक गोल करने के लिए एड़ी चोटी एक करनी पड़ी। आज का मैच भारत और जापान के गोलकीपर यू कुडो के बीच खेला गया। भारतीय टीम 23 बार स्ट्राइकिंग सर्किल में इंट्री करने में सफल रही, लेकिन गोल करने में सफ़ल नहीं हो सकी।
भारतीय टीम के लिए बाएं छोर से आक्रमण का बागडोर संगीता और लालरेश्यामी ने संभाली तो दाएं छोर से शर्मीला और सुशीला ने। भारतीय फॉरवर्ड संगीता, सोनलिटा, ब्यूटी और नवनीत मेहनत कर रही हैं, लेकिन उन्हें और अधिक पैनापन लाना होगा। मिडफील्ड में कप्तान सलीमा, नेहा और लालरेश्यामी ने सूझबूझ और तालमेल के साथ लाज़वाब खेल दिखाया। मेहनती खिलाड़ी नेहा लगातार अपने डी से विपक्षी डी हर जगह मौजूद रही। इस टूर्नामेंट में अब तक सर्वाधिक 10 कर चुकी दीपिका आज ज़्यादा नही चली। डिफेंस में उदिता, ज्योति और सुशीला ने जापान के खिलाड़ियों को ज़्यादा मौका नहीं दिया। पूरे मैच में भारत के पास 57% बॉल पर नियंत्रण रहा।
मुख्य प्रशिक्षक ने फिटनस और आत्मविश्वास के बल पर टीम को रखा सबसे आगे
मुख्य प्रशिक्षक हरेंद्र सिंह के नेतृत्व में भारतीय टीम फिटनेस, स्पीड, स्किल और स्टैमिना में बाकी टीमों से कोसों आगे है। फिटनेस की वजह से अभी तक खेले गए ज़्यादा मैचों में भारतीय टीम हॉफ टाइम के बाद बेहतर खेल रही है। आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम में जबरदस्त बेंच स्ट्रेंथ है। 14 नई खिलाड़ियों से खेल रही जापान की टीम अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खुश होगी। जापान के नवोदित खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन हॉकी खेल अपने सलेक्शन को सही साबित किया है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
भारत को फ़ाइनल में ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन के खिलाफ मिले मौके को गोल में बदलना होगा। आज के मैच में भारत ने सात बार जापान के गोल पर शूट किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। भारतीय टीम को काउंटर अटैक में तेजी लानी होगी। एरियल पास और थ्री डी स्किल का उपयोग करना होगा। भारतीय टीम को चीन को हराने के लिए पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने पर ज़्यादा ध्यान देना होगा। भारतीय टीम को कुल 13 पेनाल्टी कॉर्नर मिला, जिसमें एक को भी गोल में नहीं बदल सकी। अतिथि देवो भव के भाव के साथ अभी तक त्रुटिहीन शानदार आयोजन के लिए आयोजक बधाई के पात्र हैं। दुल्हन की तरह सजी राजगीर में भारतीय दर्शक विशेषकर बिहारी दर्शकों का जोश और उत्साह देखने लायक है यह बिहार में खेल संस्कृति को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।