{"_id":"6426498ae3d0b3edb5042df7","slug":"bihar-fire-broke-out-in-dialysis-room-of-begusarai-sadar-hospital-2023-03-31","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Bihar : बेगूसराय सदर अस्पताल में आग, दम घुटते मरीजों को निकाला; बत्ती गुल से ICU मरीजों पर खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar : बेगूसराय सदर अस्पताल में आग, दम घुटते मरीजों को निकाला; बत्ती गुल से ICU मरीजों पर खतरा
Fri, 31 Mar 2023 08:16 AM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Fri, 31 Mar 2023 08:16 AM IST
सार
बेगूसराय सदर अस्पताल के ICU के बगल वाले डायलिसिस रूम में अचानक आग लग गई। इससे डायलिसीस व ICU में धुआं -धुआं हो गया। आग लगने से आइसीयू में इलाजरत मरीज व परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन अपने मरीज को आइसीयू कमरे से लेकर भागने लगे।
विज्ञापन
सदर अस्पताल में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बेगूसराय सदर अस्पताल के ICU के बगल वाले डायलिसिस रूम में अचानक आग लग गई । इससे डायलिसीस व ICU में धुआं -धुआं हो गया। आग लगने से आइसीयू में इलाजरत मरीज व परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन अपने मरीज को आइसीयू कमरे से लेकर भागने लगे। गनीमत रही कि उस वक्त डायलिसिस रूप में कोई भी मरीज मौजूद नहीं था। जबकि डायलिसिस रूम के बगल में आईसीयू में लगभग एक दर्जन मरीजों का इलाज चल रहा है।
मरीजों ने दी जानकारी
मरीज के परिजनों ने बताया कि उनलोगों ने धुआं निकलते देख इसकी जानकारी चिकित्सक को दी। आग लगने की सूचना मिलते ही चिकित्सक एवं अस्पताल कर्मी वहां पहुंचे। वे लोग डायलिसिस रूम का शीशा तोड़कर अंदर घुसे। अस्पताल कर्मियों ने इसकी सूचना तुरंत अग्निशमन को दी। हलांकि अस्पताल कर्मियों और वहां मौजूद वहां मौजूद कर्मियों के द्वारा किसी तरह आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक डायलिसिस रूम का धुँआ पूरे आईसीयू में फैल चुका था जिससे वहां मौजूद मरीजों का दम घुटने लगा। तत्पश्चात किसी तरह सभी मरीजों को भी बाहर निकाला गया। फिलहाल मरीजों को सुरक्षित स्थान पर रखने की तैयारी की जा रही है।
आग लगने की वजह
आग लगने की वजह क्या है फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। लेकिन लोगों का अनुमान है कि शार्ट सर्किट से आग लगी है। मलवा निकालने और साफ सफाई करने के बाद जांच के बाद स्पष्ट हो पायेगा कि यह आग कैसे लगी।
विज्ञापन
एक घंटा का बैटरी बैकअप
आइसीयू चिकित्सक ने बताया कि डायलीसिस कमरे से ही आईसीयू में भी बिजली आपूर्ति होती है। शार्ट शर्किट से आग लगने से अब ICU की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई है। ऐसे में ICU में इलाजरत मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अस्पताल कर्मियों का कहना है कि आईसीयू में बैटरी बैकअप मात्र एक घंटा का है। बिजली आपूर्ति अगर जल्द बहाल नहीं की गई तो आईसीयू में भर्ती मरीजों की जान खतरे में पड़ जाएगी। मतलब यह कि आग लगने से भले ही कोई मरीज हताहत नहीं हुआ लेकिन बिजली आपूर्ति अगर तुरंत बहाल नहीं किया गया तो ICU में इलाजरत मरीजों की जान मुश्किल में पड़ सकती है।
विज्ञापन
मरीजों ने दी जानकारी
मरीज के परिजनों ने बताया कि उनलोगों ने धुआं निकलते देख इसकी जानकारी चिकित्सक को दी। आग लगने की सूचना मिलते ही चिकित्सक एवं अस्पताल कर्मी वहां पहुंचे। वे लोग डायलिसिस रूम का शीशा तोड़कर अंदर घुसे। अस्पताल कर्मियों ने इसकी सूचना तुरंत अग्निशमन को दी। हलांकि अस्पताल कर्मियों और वहां मौजूद वहां मौजूद कर्मियों के द्वारा किसी तरह आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक डायलिसिस रूम का धुँआ पूरे आईसीयू में फैल चुका था जिससे वहां मौजूद मरीजों का दम घुटने लगा। तत्पश्चात किसी तरह सभी मरीजों को भी बाहर निकाला गया। फिलहाल मरीजों को सुरक्षित स्थान पर रखने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
आग लगने की वजह
आग लगने की वजह क्या है फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। लेकिन लोगों का अनुमान है कि शार्ट सर्किट से आग लगी है। मलवा निकालने और साफ सफाई करने के बाद जांच के बाद स्पष्ट हो पायेगा कि यह आग कैसे लगी।
विज्ञापन
एक घंटा का बैटरी बैकअप
आइसीयू चिकित्सक ने बताया कि डायलीसिस कमरे से ही आईसीयू में भी बिजली आपूर्ति होती है। शार्ट शर्किट से आग लगने से अब ICU की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई है। ऐसे में ICU में इलाजरत मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अस्पताल कर्मियों का कहना है कि आईसीयू में बैटरी बैकअप मात्र एक घंटा का है। बिजली आपूर्ति अगर जल्द बहाल नहीं की गई तो आईसीयू में भर्ती मरीजों की जान खतरे में पड़ जाएगी। मतलब यह कि आग लगने से भले ही कोई मरीज हताहत नहीं हुआ लेकिन बिजली आपूर्ति अगर तुरंत बहाल नहीं किया गया तो ICU में इलाजरत मरीजों की जान मुश्किल में पड़ सकती है।
सदर अस्पताल के डायलिसिस कमरे में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
डायलिसिस कार्य अवरुद्ध
अस्पताल कर्मियों का कहना है कि सुबह नौ बजे से मरीजों का डायलिसिस शुरू हो जाता है। ऐसे में बिजली नहीं रहने से डायलिसिस कार्य भी बंद हो जायेगा। बेगूसराय सदर अस्पताल में बेगूसराय के अलावा खगड़िया व मुंगेर जिले से मरीज डायलीसिस कराने आते हैं। इस घटना के बाद सदर अस्पताल में अग्नि सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था का दावा करने का भी पोल खुल गया।
सिलेंडर विस्फोट होता तो दर्जनों लोगों की जा सकती थी जान
आईसीयू प्रवेश द्वार पर एक दर्जन से अधिक गैस सिलेंडर रखा था। उस जगह गैस रिफिलिंग का काम किया जाता है। यदि आग भयानक रूप ले लेता और आग सिलेंडर के सम्पर्क में आ जाता तो आज भयानक हादसा हो सकता था।
अस्पताल कर्मियों का कहना है कि सुबह नौ बजे से मरीजों का डायलिसिस शुरू हो जाता है। ऐसे में बिजली नहीं रहने से डायलिसिस कार्य भी बंद हो जायेगा। बेगूसराय सदर अस्पताल में बेगूसराय के अलावा खगड़िया व मुंगेर जिले से मरीज डायलीसिस कराने आते हैं। इस घटना के बाद सदर अस्पताल में अग्नि सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था का दावा करने का भी पोल खुल गया।
सिलेंडर विस्फोट होता तो दर्जनों लोगों की जा सकती थी जान
आईसीयू प्रवेश द्वार पर एक दर्जन से अधिक गैस सिलेंडर रखा था। उस जगह गैस रिफिलिंग का काम किया जाता है। यदि आग भयानक रूप ले लेता और आग सिलेंडर के सम्पर्क में आ जाता तो आज भयानक हादसा हो सकता था।