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बिहार चुनाव: न पांव में चप्पल न हाथ में मोबाइल, फिर भी चुनावी मैदान में हैं भरत महतो
Thu, 22 Oct 2020 09:58 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीसराय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीसराय
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 22 Oct 2020 09:58 PM IST
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हमारे देश में चुनाव धन-बल-साधन प्रदर्शन का एक जरिया जैसा बन गया है। कई सीटों पर तो लड़ाई ही मुद्दों पर न होकर पैसे और बाहुबल की हो जाती है। वहीं, कुछ प्रत्याशी ऐसे हैं जो जेब से फकीर हैं और उनकी सादगी की कोई तुलना नहीं है। बिहार विधानसभा चुनाव में लखीसराय सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे भरत महतो का हाल भी कुछ ऐसा ही है। इनके पास न तो खुद का मोबाइल फोन है और न ही इनके पैरों में चप्पल दिखती है।
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महतो के घर में एक छोटा मोबाइल है, जिससे बाहर काम करने गए बेटे उनका हाल-चाल लेते रहते हैं। महतो ने नामांकन के समय भरे जाने वाले शपथपत्र में अपने साढ़ू का फोन नंबर दे रखा है। इसके पीछे वह कारण बताते हैं कि घर के मोबाइल में बैलेंस रहेगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। 71 वर्षीय महतो इससे पहले भी कई चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन अभी तक इन्होंने केवल पंचायत स्तर के चुनाव ही लड़े हैं। विधानसभा चुनाव में वह पहली बार उतरे हैं।
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दर्जनों बार लड़ चुके हैं चुनाव, जीते कभी नहीं
महतो का कहना है कि अब तक मैं कितनी बार चुनाव लड़ चुका हूं, यह मुझे खुद भी याद नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बात का हिसाब-किताब रखने के बारे में कभी सोचा ही नहीं, इतना जरूर है कि प्रधान से लेकर वार्ड, जिला परिषद, पंचायत समिति जैसे सभी चुनावों में अपनी किस्मत आजमा चुका हूं। हालांकि, इतने चुनाव लड़ने के बाद भी उन्हें कभी जीत नहीं नसीब हुई।
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जीतेगा वो जिसके पास पैसे होंगे: भरत महतो
आर्थिक रूप से कमजोर होने बाद भी चुनावी मैदान में उतरने के फैसले को लेकर महतो कहते हैं कि दर्जनों बार चुनाव लड़ चुका हूं, लेकिन पैसा कहां है जो हम चुनाव जीतेंगे। चुनाव वो लोग जीतते हैं जिनके पास पैसे होते हैं। मैंने तो अपनी बेटी की शादी भी कर्ज लेकर की थी, जिसे आज तक चुका रहा हूं। बेटे बाहर काम करते हैं, उन्हीं ने जब पैसे भेजे तब नामांकन करा पाया।
19 में से 13 हैं निर्दलीय उम्मीदवार
जिस लखीसराय विधानसभा सीट ने भरत महतो चुनाव लड़ने वाले हैं, वहां से कुल 19 प्रत्याशी मैदान में हैं। यहां पर्चा 20 उम्मीदवारों ने भरा था, लेकिन एक का पर्चा खारिज होने के चलते 19 ही रह गए। खास बात यह है कि 19 में से 13 उम्मीदवार निर्दलीय हैं। बाकी छह उम्मीदवारों में भाजपा, कांग्रेस , जेएपी, बसरा, प्लूरल्स पार्टी और आजपा के प्रत्याशी मैदान में हैं।