बिहार चुनाव: 15 जिलों की 78 सीटों पर कल होगा मतदान, नीतीश बोले- ये मेरा अंतिम चुनाव
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बिहार विधानसभा की 78 सीटों पर शनिवार को मतदान होंगे। इससे पहले गुरुवार को इनके लिए चुनाव प्रचार थम गया। वहीं प्रचार के आखिरी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस चुनाव को अपनी जिंदगी का अंतिम चुनाव बता दिया। उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेरा अंतिम चुनाव है, अंत भला तो सब भला। उनकी इस घोषणा पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजसवी यादव और लोक जनशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने निशाना साधा है।
तेजस्वी बोले थक चुके हैं नीतीश कुमार
राजद नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने नीतीश पर हमला करते हुए कहा, 'आदरणीय नीतीश जी बिहारवासियों की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं के साथ-साथ जमीनी हकीकत भी स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। हम शुरू से कहते आ रहे है कि वो पूर्णत: थक चुके हैं और आज आखिरकार उन्होंने अंतिम चरण से पहले हार मानकर राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर हमारी बात पर मुहर लगा दी।'
आदरणीय नीतीश जी बिहारवासियों की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत भी स्वीकार करने को तैयार नहीं थे।
हम शुरू से कहते आ रहे है कि वो पूर्णत: थक चुके है और आज आखिरकार उन्होंने अंतिम चरण से पहले हार मानकर राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर हमारी बात पर मुहर लगा दी।विज्ञापन विज्ञापन— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) November 5, 2020
चिराग बोले- पांच साल का हिसाब नहीं दिया और अगली बार देने आएंगे नहीं
लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, 'साहब ने कहा है की यह उनका आखिरी चुनाव है। इस बार पिछले 5 साल का हिसाब दिया नहीं और अभी से बता दिया की अगली बार हिसाब देने आएंगे नहीं। अपना अधिकार उनको ना दें जो कल आपका आशीर्वाद फिर मांगने नहीं आएंगे। अगले चुनाव में ना साहब रहेंगे ना जेडीयू। फिर हिसाब किससे लेंगे हम लोग?'
साहब ने कहा है की यह उनका आख़िरी चुनाव है।इस बार पिछले 5 साल का हिसाब दिया नहीं और अभी से बता दिया की अगली बार हिसाब देने आएँगे नहीं।अपना अधिकार उनको ना दें जो कल आपका आशीर्वाद फिर माँगने नहीं आएँगे।अगले चुनाव में ना साहब रहेंगे ना जे॰डी॰यू॰।फिर हिसाब किससे लेंगे हम लोग ?
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) November 5, 2020
जदयू के पास हैं सबसे ज्यादा सीटें
अंतिम चरण में जिन 78 सीटों के लिए मतदान होना है वहां अभी ज्यादातर सीटों पर जदयू का कब्जा है। 2015 में महागठबंधन के साथ जदयू को यहां 23 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। वहीं राजद के 20, कांग्रेस के 11 और भाजपा के 20 उम्मीदवारों को सफलता मिली थी। इन सीटों पर अति पिछड़ा, मुसलमान और यादवों की संख्या अधिक है। ऐसे में नीतीश के सन्यास की घोषणा का यहां असर पड़ सकता है।