बिहार चुनाव: चिराग बोले- जदयू के गले की फांस बनी बिहारी फर्स्ट सोच, पीएम निभाएं गठबंधन धर्म
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बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक बिसात बिछ चुकी है। राज्य में भाजपा जहां स्पष्ट कर चुकी है कि वह जनता दल यूनाइटेड (जदयू), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। वहीं तमाम आलोचनाओं के बावजूद लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) भाजपा के प्रति अपना समर्थन दिखाने से नहीं चूक रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान लगातार कह रहे हैं कि राज्य में भाजपा और लोजपा की सरकार बनेगी। चिराग ने रविवार को कहा कि भाजपा अपना गठबंधन धर्म निभाए और मेरे खिलाफ जितना बोलना है बोलें। प्रधानमंत्री मोदी भी मेरी आलोचना कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने खुद को वोटकटवा पार्टी कहे जाने पर विरोध जताया है। उनका कहना है कि यह पापा रामविलास पासवान का अपमान है। चिराग का कहना है कि मैं नीतीश के खिलाफ नहीं हूं उनकी नीतियों की आलोचना करता हूं।
एक टीवी चैनल के साथ हुई बातचीत में चिराग पासवान ने कहा, 'आप (भाजपा) मेरा जितना विरोध करना चाहते हैं करें, पार्टी पापा की है। भाजपा नेताओं के वोटकटवा कहने वाले बयान से आहत हूं। पार्टी को ऐसा कहना पापा का अपमान है। प्रधानमंत्री से मेरा दिल का रिश्ता है। प्रधानमंत्री मेरे दिल में बसते हैं। जब मेरे साथ कोई नहीं खड़ा था तब वो मेरे साथ थे। पिता के निधन पर उन्होंने मुझे सांत्वना दी। जब पापा अस्पताल में थे तो प्रधानमंत्री मुझे फोन किया करते थे। वे कठिन समय में मेरे साथ खड़े रहे। मैं अपने प्रधानमंत्री की बुराई क्यों करूं।'
पांच सीटों पर मजबूरी में उतारे उम्मीदवार
लोजपा अध्यक्ष ने आगे कहा, 'नीतीश को खुश करने के लिए भाजपा नेता मेरे खिलाफ बोल रहे हैं। हम प्रधानमंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। पांच सीटों को छोड़कर भाजपा के सभी उम्मीदवारों को मेरा समर्थन है। यहां भी मजबूरी में उम्मीदवार उतारने पड़े क्योंकि उन्होंने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी थीं। मैं राजद-कांग्रेस के साथ नहीं जाऊंगा। मैं मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहता। राज्य में भाजपा-लोजपा की सरकार बनेगी। मैं नीतीश के खिलाफ नहीं हूं उनकी नीतियों की आलोचना करता हूं।
शेर का बच्चा हूं तो जंगल चीर कर निकलूंगा
एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ने और इसके परिणाम को लेकर पूछे गए सवाल पर लोजपा नेता ने कहा, 'एनडीए से अलग होने के फैसले पर पछतावा नहीं हैं और न ही उन्हें यह फैसला लेने में डर लगा। पापा बोलते थे कि अगर शेर का बच्चा होगा तो जंगल चीर कर निकलेगा। अगर गीदड़ होगा तो वो मारा जाएगा। मैं भी अब खुद को परखने निकला हूं। शेर का बच्चा हूं तो जंगल चीर कर निकलूंगा। नहीं तो वहीं मारा जाऊंगा।'
मुख्यमंत्री के खिलाफ आक्रोश के बावजूद गठबंधन धर्म निभा रही है भाजपा
चिराग पासवान ने कहा, 'बिहार फर्स्ट की सोच से जदयू के नेताओं की गले की फांस बन चुका है। प्रधानमंत्री जी के विकास के मंत्र के साथ मैं बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट के लिए प्रतिबद्ध हूं। नीतीश कुमार जी को भाजपा के साथियों का धन्यवाद करना चाहिए की वे मुख्यमंत्री के खिलाफ इतना आक्रोश होने के बावजूद गठबंधन धर्म निभा रहे हैं और हर दिन नीतीश कुमार जी को प्रमाणपत्र देते हैं की वे चिराग के साथ नहीं है। मैं नहीं चाहता की मेरी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी किसी धर्म संकट में पड़ें। वे अपना गठबंधनधर्म निभाएं। आदरणीय मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को संतुष्ट करने के लिए मेरे खिलाफ भी कुछ कहना पड़े तो निस्संकोच कहें।'
मैं नहीं चाहता की मेरी वजह से प्रधानमंत्री @narendramodi जी किसी धर्मसंकट में पड़े। वे अपना गठबंधनधर्म निभाए।आदरणीय मौजूदा मुख्यमंत्री @NitishKumar जी को संतुष्ट करने के लिए मेरे ख़िलाफ़ भी कुछ कहना पड़े तो निस्संकोच कहे।
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) October 18, 2020
नीतीश ने युवा नेतृत्व को नकारा
चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री पर युवा नेताओं को खारिज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि बिहार के मुख्यमंत्री ने नीतियों को लागू करना बंद कर दिया और संतृप्त हो गए। उन्होंने युवा नेताओं को खारिज कर दिया, उन्हें अनुभवहीन कहा लेकिन खुद उन्होंने खुद जेपी आंदोलन के दौरान एक युवा कार्यकर्ता के तौर पर राजनीति शुरू की थी। हम भी बिहार के लिए जागरूक हैं और अच्छा सोच सकते हैं। राज्य ने उन्हें पहले ही 15 साल दे दिए हैं।'
प्रधानमंत्री कर सकते हैं मेरी आलोचना
जमुई से सांसद ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा मेरी आलोचना किए जाने का मैं स्वागत करूंगा। उन्होंने कहा, 'मुझे मोदी जी का सम्मान क्यों नहीं करना चाहिए। मेरे पिता के आईसीयू में भर्ती होने पर केवल उन्होंने मेरा साथ दिया था। मुख्यमंत्री लोजपा और भाजपा के बीच दूरी को चित्रित करने के लिए उत्सुक हैं। मैं यह कहकर इस डर को दूर करना चाहूंगा कि मैं भाजपा नेताओं, यहां तक की प्रधानमंत्री द्वारा मेरी आलोचना करने का स्वागत करुंगा।'