Bihar Board : मैट्रिक-इंटर के छात्रों की पहचान 13 Digit में सिमटी, जानें कितने काम की यूनिक आईडी
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 2023 की इंटरमीडिएट और मैट्रिक में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र पर एक यूनिक आईडी दी है। इस यूनिक आईडी को लेकर कई तरह की भ्रामक जानकारी इंटरनेट पर मौजूद है। यहां जानें क्या है यह और क्या हैं फायदे...
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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (Bihar Board) ने 2023 की इंटरमीडिएट और मैट्रिक में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र पर एक यूनिक आईडी दी है। इस यूनिक आईडी को लेकर कई तरह की भ्रामक जानकारी इंटरनेट पर मौजूद है। ऐसे में 'अमर उजाला’ सामने ला रहा है कि यह यूनिक आईडी है क्या और कितने काम की है? किसके काम कब आएगी और कितनी सहूलियत हो सकेगी इसके कारण? सबसे पहले इसे उदाहरण के रूप में ऐसे समझना होगा कि जैसे यूनिक आईडी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) आपसे जानकारी लेकर एक नंबर जारी करती है और उसका उपयोग कई तरह से होता है, उसी तरह बिहार बोर्ड 13 नंबर की यूनिक आईडी इस बार से जारी कर रहा है। बिहार बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि इस यूनिक आईडी में छात्र की दी हुई जानकारी स्थायी रूप से सुरक्षित रहेगी।
क्यों जारी की गई यूनिक आईडी?
हर छात्र को बिहार बोर्ड स्थायी रूप से एक पहचान क्रमांक दे रहा है। चूंकि अब इंटर परीक्षा भी बिहार बोर्ड ही ले रहा है तो मैट्रिक रजिस्ट्रेशन के साथ बन जाने वाली यूनिक आईडी इंटर परीक्षा तक छात्रों के रिकॉर्ड में एकरूपता रखेगा। परीक्षा तक तो यह फायदा देगा ही, दशकों बाद भी कभी रिकॉर्ड निकालना हो तो तुरंत देखा जा सकेगा।
परीक्षा केंद्र में इसका उपयोग है?
यह विशुद्ध अफवाह है कि परीक्षा केंद्रों पर इसका कोई उपयोग होगा। परीक्षा केंद्र पर वीक्षकों को इसके बारे में बहुत जानकारी भी नहीं दी गई है, क्योंकि यह बिहार बोर्ड के रिकॉर्ड और उसमें एकरूपता बनाए रखने के लिए है। परीक्षा केंद्र पर वीक्षक परीक्षार्थी की तस्वीर और उसका हस्ताक्षर ही मिलाते हैं। इस बार भी वही मिलाएंगे।
परीक्षार्थियों को इससे लाभ क्या?
मैट्रिक के लिए रजिस्ट्रेशन के समय जो पक्की जानकारी परीक्षार्थी देंगे, वह रिकॉर्ड के रूप में दर्ज होने पर यह यूनिक आईडी जारी हुई है। 2023 के मैट्रिक और इंटर परीक्षार्थियों को यूनिक आईडी जारी हुई है। इसके कई तरह के फायदे हैं-
1. जिन परीक्षार्थियों ने 2023 की मैट्रिक परीक्षा के रजिस्ट्रेशन कराया, उन्हें यूनिक आईडी जारी हुई। अब उन्हें 2025 के लिए इंटर परीक्षा देते समय वही जानकारी नहीं भरनी पड़ेगी। यूनिक आईडी देंगे तो मैट्रिक रिजल्ट तक का अपडेट अपने आप प्रोसेस हो जाएगा। 2024 में इंटर परीक्षा देने वालों को यूनिक आईडी जारी होगी, फिर इसके बाद 2025 से इंटर में यूनिक आईडी जेनरेट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि मैट्रिक वाले आईडी काम करेगी।
2. इससे पहले आजतक जितने भी परीक्षार्थियों ने बिहार बोर्ड से मैट्रिक या इंटर परीक्षा दी है और जिन्होंने तत्कालीन बिहार इंटरमीडिएट एजुकेशन काउंसिल से इंटर परीक्षा दी होगी, उनका रिकॉर्ड खोजना मुश्किल रहता है। प्रमंडल खोजिए, फिर रोल कोड और फिर उसके बाद रोल नंबर। इस यूनिक आईडी से यह झंझट खत्म। जिन्हें यह आईडी जारी हुई, उनका रिकॉर्ड 13 डिजिट डालते ही सामने आ जाएगा। किसी तरह का सुधार भी इससे आसान होगा।
3. नौकरी के लिए जब डाटा का वेरीफिकेशन करना होता है तो अबतक लंबी प्रक्रिया होती थी। बिहार बोर्ड से 2023 या इसके बाद मैट्रिक और इंटर परीक्षा देने वालों का डाटा वेरीफिकेशन मुश्किल नहीं होगा। नौकरी में नियोक्ता की ओर से वेरीफिकेशन के लिए डॉक्युमेंट आएंगे तो इसी यूनिक आईडी को डालने पर बोर्ड एक बार में सबकुछ एक्सेस कर सकेगा। सही या गलत का फैसला लेने में यह यूनिक आईडी कारगर भी होगी और तेज भी।