लालू समर्थकों ने हाइकोर्ट जजों की गाड़ियां तोड़ीं
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जातिगत जनगणना के आंकड़े जारी करने की मांग को लेकर राजद की ओर से बुलाए गए बिहार बंद का व्यापक असर दिखा। पूरे बिहार में यातायात व्यवस्था ठप रही। राजद कार्यकर्ताओं ने सुबह सात बजे से ही राज्य से जुड़ी सभी मुख्य सड़कों को बंद कर दिया।
बंद के दौरान पटना में राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को सैकड़ों समर्थकों के साथ हिरासत में लिया गया। वहीं, बंद समर्थकों ने पटना हाईकोर्ट के जजों की गाड़ी को भी अपना निशाना बनाया। इस पर कोर्ट ने सरकार से जवाब तलब करते हुए मुख्य सचिव को तलब किया है।
राजद कार्यकर्ताओं ने उत्तर बिहार को पटना से जोड़ने वाली एक मात्र लाइफ लाइन गांधी सेतु को टायर जलाकर और ट्रक खड़े कर जाम कर दिया। इस जाम में एंबुलेंस भी फंस गए। भागलपुर में बंद कराते राजद जिलाध्यक्ष पर दुकानदार ने चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया।
लालू को हिरासत में लेने के बाद बीएमपी कैंपस में बनाई गई अस्थाई जेल ले जाया गया है। राज्य के अन्य इलाकों से भी हजारों राजद समर्थकों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है।
हाइकोर्ट ने मुख्य सचिव से मांगा जवाब
हाईकोर्ट के जजों की गाड़ियों को निशाना बनाए जाने के मामले में पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राकेश कुमार ने बिहर के मुख्य सचिव पूछा है कि जजों को बंद के दौरान पूरी सुरक्षा क्यों नहीं दी गई।
बता दें कि राजद के इस बिहार बंद को जदयू का भी समर्थन प्राप्त था। भागलपुर के कचहरी चौक पर जबरन दुकान बंद कराने से नाराज दुकानदार ने राजद जिला अध्यक्ष त्रिपति नाथ पर चाकू से हमला कर दिया।
बंद समर्थकों ने आरा, सासाराम, बेगूसराय, दरभंगा, सीवान,बाढ़, गोपालगंज और नवादा में भी सड़क जाम किया और बाजार बंद कराया। मुजफ्फरपुर व खगड़िया में जबरन दुकानों को बंद कराए जाने की सूचना है।