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'ओवैसी की बिहार एंट्री के पीछे शाह का दिमाग'

Wed, 26 Aug 2015 07:33 PM IST
Updated Wed, 26 Aug 2015 07:33 PM IST
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Amit shah behind owaisi's bihar entry: Digvijay singh

बिहार चुनावों से ऐन पहले एमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैशी की एंट्री ने बेशक राजनीतिक पंड़ितों को चौंका दिया हो लेकिन दिग्विजय सिंह इसके पीछे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का दिमाग मानते हैं।

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दिग्विजय सिंह ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि ओवैशी को बिहार में बढ़ावा अमित शाह और उनकी पार्टी भाजपा ही दे रही है। भाजपा ये सारी प्लानिंग वोटों के ध्रुवीकरण को लेकर कर रही है। वहीं दिग्विजय के इस बयान के बाद ओवैशी ने उन पर मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी दी है।
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कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ही ओवैशी की बिहार में राजनीतिक रैलियों को लेकर पैसा दे रही है। जो आगामी चुनावों में इन सबका फायदा उठाना चाहती है। दिग्विजय सिंह के इन आरोपों के बाद बिहार का घमासान और तेज हो गया है।

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ओवैशी की बिहार में एंट्री से उड़ी महागठबंधन की नींदें

Amit shah behind owaisi's bihar entry: Digvijay singh

बता दें कि हैदराबाद के प्रमुख मुस्लिम नेता और एमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैशी ने कुछ समय पहले ही बिहार के किशनगंज में रैली की थी। उनकी पहली रैली में जबरदस्त भीड़ उमड़ी थी। जिसे देखकर जेडीयू-राजद और कांग्रेस के महागठबंधन के नेताओं की नींदें उड़ी हुई हैं।

ओवैशी की चुनाव से ऐन पहले बिहार में एंट्री ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को उलझाकर रख दिया है। अपने बयानों और उकसाने वाली तकरीरों के कारण ओवैशी मुस्लिम जमात में काफी लोकप्रियता रखते हैं।

ऐसे में बिहार के चुनावों में उनके उतरने से मु‌स्लिम वोटों पर दावा करने वाली पार्टियों का चैन छिन गया है। बिहार में मुस्लिम मतों के एक बड़े हिस्से पर पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की राजद और कांग्रेस दावा करती रही है।

भाजपा ‌दिख रही फायदे में

Amit shah behind owaisi's bihar entry: Digvijay singh

मुस्लिम वोटों की चाह में सत्तारूढ़ जेडीयू भी लालायित है, यही कारण है कि मुस्लिम वोटों को खोने के डर से ही नीतीश ने भाजपा से चुनावों से पूर्व नाता तोड़ लिया था। ऐसे में अब अगर ओवैशी बिहार में ठीक ठाक उपस्थिति दर्ज कराने में सफल हो जाते हैं तो ये तो तय है कि बेशक वे खुद ज्यादा सीटें न जीत पाएं लेकिन अन्य दलों का नुकसान ज्यादा कर देंगे।

वहीं इस स्थिति में भाजपा फायदे में जाती दिख रही है क्योंकि मुस्लिम वोटों पर उसकी दावेदारी कभी नहीं रही। बीते लोकसभा चुनावों में जहां भाजपा ने बिहार में 27 सीटें जीती थी वहीं मुस्लिम बहुल किशनगंज, भागलपुर, सहरसा, कटिहार और पुर्णिया में उसका खाता भी नहीं खुल पाया था।

भागलपुर से तो उसके दिग्गज मुस्लिम नेता शाहनवाज हुसैन को मोदी लहर में भी हार का मुंह देखना पड़ा था। इसलिए ओवैशी की एंट्री से सबसे ज्यादा फायदे में भाजपा ही दिख रही है जबकि दूसरे दलों के माथे पर चिंता की लकीरें खींचती नजर आ रही हैं।

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