Leader of Opposition : लालू ने पहली बैठक में जो इशारा किया, चौथी बैठक में वही हुआ; 'दूल्हा' का ऑफर कांग्रेस को
INDIA Alliance Meeting : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री का इकलौता और सबसे स्वच्छ चेहरा बताने और पोस्टर लगाने का कोई फायदा नहीं हुआ। विपक्षी एकजुटता के लिए नीतीश की पहल के बावजूद उन्हें चौथी बैठक में भी कोई भूमिका नहीं दी गई।
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12 जून को पटना में देशभर के विपक्षी दलों की बैठक के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर कांग्रेस का रुख जैसा था, चौथी बैठक के दौरान उसमें कोई बदलाव नहीं दिखा। कांग्रेस के नंबर वन नेता राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे उस बैठक में आने को तैयार नहीं हुए तो 23 जून की तारीख रखी गई। इस बार पहल राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद ने भी की। यह बैठक हुई भी। इस दौरान नीतीश को संयोजक बनाए जाने की चर्चा रही, लेकिन यह पूरा नहीं हुआ। इसके बाद दो बैठकें हुईं, लेकिन नीतीश किनारे ही रहे। वह किसी पद की इच्छा नहीं जता रहे, लेकिन बिहार और उनकी पार्टी से लगातार मांग उठ रही कि उन्हें पीएम का प्रत्याशी घोषित किया जाए। मंगलवार को बैठक से पहले भी यह आवाज तेजी से उठी थी, लेकिन दिल्ली में जब सारे नेता बैठे तो हो गया उलटा। लालू ने कुछ बोला नहीं और उनके करीबी रहे कुछ नेताओं ने आवाज भी उठाई तो कांग्रेस के लिए।
दूल्हा कौन होगा- लालू ने पहले ही बता दिया था
पटना में विपक्षी दलों की पहली बैठक के दौरान भारतीय जनता पार्टी बार-बार सवाल उठा रही थी- "बाराती तो जुट रहे, लेकिन दूल्हा कौन होगा?" बैठक में इस शब्द की चर्चा लालू प्रसाद यादव ने की। उन्होंने राहुल गांधी से मुखातिब होकर कहा कि हम बारात जाने के लिए तैयार हैं, आप दूल्हा बनने की तैयारी तो कीजिए। इसी बात के साथ यह बैठक खत्म हुई थी। लालू बड़ी और अहम बातें कई बार इशारों में या मजाक में कह जाते हैं। उनकी बातों को मजाक समझने वालों को मंगलवार को हुई विपक्षी दलों की चौथी बैठक के दौरान जवाब मिल गया। उन्होंने इशारों में कांग्रेस के युवराज को दूल्हा बनने कहा था और मंगलवार को इंडी एलायंस की अहम बैठक के दौरान लालू चुप रहे, जबकि बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पीएम का उम्मीदवार प्रस्तावित किया और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने इसका अनुमोदन किया। खरगे ने इसे चुनाव बाद का मुद्दा कहा। देखने वाली बात यहां यही है कि अगर चुनाव परिणाम ऐसा आया तो क्या राहुल गांधी को दरकिनार कर खरगे को कांग्रेस पीएम बनाएगी! मतलब, लालू का इशारा ही था, मजाक नहीं। जहां तक ममता बनर्जी का सवाल है तो वह लालू से दूर न थीं और न हो सकती हैं। ममता बनर्जी बिहार भी आयी थीं तो लालू से मिलने खुद गई थीं।
जदयू के अनुसार सबसे स्वच्छ और योग्य नीतीश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दल (यूनाईटेड) विधायक रिंकू सिंह ने दिल्ली में होने वाली इंडी एलायंस की बैठक से पहले यह मांग की। उन्होंने कहा कि "मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा कोई चारा नहीं है। और कोई ऐसा चेहरा नहीं, जो इंडिया गठबंधन को जिता सके। इसलिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कल की बैठक में प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया जाना चाहिए।" बैठक में नीतीश के लिए कोई भूमिका नहीं तय होने पर लालू की नाराजगी की बात भी आ रही है, हालांकि इसमें उतनी ताकत नहीं है। लालू जरूर चाह रहे हैं कि तेजस्वी यादव के लिए बिहार की कुर्सी खाली कर नीतीश दिल्ली की राजनीति करें, लेकिन क्षेत्रीय दलों के वर्चस्व की लड़ाई में नीतीश का पीएम कैंडिडेट घोषित होना भारी पड़ सकता है।