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India Emergency : नीतीश ने खुद को लिखा जेपी का चेला; भाजपा अब इमरजेंसी की याद दिला रही

Sun, 25 Jun 2023 03:20 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Sun, 25 Jun 2023 03:20 PM IST
सार

Bihar News : दो दिन पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने अंदाज में याद करते हुए खुद को जेपी का चेला बताया था। अब भाजपा ने 25 जून 1975 की याद दिलाते हुए कांग्रेस के बहाने नीतीश को जमकर घेरा है।

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After meeting with Rahul Gandhi in Bihar opposition meeting bjp and nitish on jp movement and the emergency
इस तस्वीर को भाजपा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कांग्रेस पर निशाना साधा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर आज इमरजेंसी शब्द ट्रेंड कर रही है। भाजपा समेत कई लोग यह लिख रहे हैं कि "भूले तो नहीं! आपातकाल का वो काला दौर। जब कांग्रेस के खिलाफ उठने वाली हर आवाज को कुचल दिया गया।" इतना ही नहीं बिहार भाजपा ने पोस्ट किया है, "1975 में आज ही के दिन कांग्रेस ने सत्ता के स्वार्थ व अंहकार में देश पर आपातकाल थोपकर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की हत्या कर दी। असंख्य सत्याग्रहियों को रातों-रात जेल की कालकोठरी में कैदकर प्रेस पर ताले जड़ दिए।" भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ट्वीट किया कि 25 जून 1975 को एक परिवार ने अपने तानाशाही प्रवृत्ति के कारण देश के महान लोकतंत्र की हत्या कर आपातकाल जैसा कलंक थोपा था। जिसकी निर्दयता ने सैकड़ों वर्षों के विदेशी शासन के अत्याचार को भी पीछे छोड़ दिया। ऐसे कठिन समय में असीम यातनाएं सहकर लोकतंत्र की स्थापना के लिए संघर्ष करने वाले सभी राष्ट्र भक्तों को नमन करता हूं। लगातार हो रहे पोस्ट पढ़ते-पढ़ते एक और पोस्ट पर नजरें ठहर गई। यह पोस्ट थी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की। हालांकि, यह पोस्ट उन्होंने दो दिन पहले लिखी थी लेकिन इसकी चर्चा आज ज्यादा हो रही है...

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चंपारण से सत्य का आग्रह सभी दिशाओं में फैलेगा
सीएम नीतीश कुमार ने लिखा कि जेपी के चेले इतिहास को दोहरा रहे हैं। लोकतंत्र की जननी वैशाली अंगड़ाई ले रही है, मगध कमर कस कर पूर्वज अशोक के देश को बचाने के लिए तैयार है। अंगपुत्र कर्ण का तेज देश को राह दिखायेगा। चंपारण से सत्य का आग्रह सभी दिशाओं में फैलेगा। लोकनायक देख रहे होंगे कि उनके कई अनुयायी उनकी भूमि पर आकर उन्हें याद कर रहे हैं। कोई बुद्ध की जन्मभूमि से ज्ञान भूमि तक आए हैं तो कोई पेरियार की सामाजिक न्याय की संघर्ष का संदेश लेकर आए हैं। उनकी मुंहबोली भतीजी इंदु के नाती भी हस्तिनापुर से आए हैं, पंजाब की पावन भूमि के सरदार गुरु गोविंद के घर पहुंचे हैं। पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक हर दिशाओं से भारत भूमि के प्रबुद्धजन पहुंचे हैं। सबका इरादा एक है, "देश बचाना है।"
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After meeting with Rahul Gandhi in Bihar opposition meeting bjp and nitish on jp movement and the emergency
23 जून को पटना एयरपोर्ट पर सीएम नीतीश कुमार ने राहुल गांधी का स्वागत किया था। - फोटो : अमर उजाला

बेरोजगारों को रोजगार देना है, कामगार को काम देना है
सीएम नीतीश कुमार आगे लिखते हैं कि महात्मा गांधी का देश, सरदार पटेल का, सुभाष चंद्र बोस का, पंडित नेहरू का, बाबा साहब अम्बेडकर का,  मौलाना आजाद का, 140 करोड़ भारतीयों का.... हम सबका देश। हमें धनपशुओं और तानाशाहों से बचाना है। बेरोजगारों को रोजगार देना है, कामगार को काम देना है, छात्रों को शिक्षा, बीमार को चिकित्सा, बुजुर्गों को हौसला देना, महिलाओं को सशक्त बनाना है। देश की प्राथमिकता तो धनपशुओं की जगह देशवासियों के हितों की सुरक्षा ही होनी चाहिए। देश में शांति चाहिए, भाईचारा चाहिए, अमन चाहिए, सुकून चाहिए। पाटलिपुत्र यही पुकार रहा है।

दौर बदलने के साथ निश्चित ही लोग बदल जाते है
जेपी को स्मृतियों में रखे हुए आज वामपंथी, मध्यमार्गी, समाजवादी सब एकजुट हो कर पाटलिपुत्र आ गए हैं। स्वर्ग से लोकनायक याद कर रहे होंगे कि कभी कैसे उन्होंने ऐसे ही अंधकार भरे माहौल में...शून्यता की स्थिति में.. बिना किसी पद लोभ के सभी दलों को एक कर सम्पूर्ण क्रांति का नारा दिया था। इस देश को बचा लिया गया था। वे आज अपनी कीर्ति को सम्पूर्ण क्रांति में शरीक अपने चेले नीतीश जी द्वारा दोहराए जाने की दिशा में बढ़ते देख कर मुस्कुरा रहे होंगे। दौर बदलने के साथ निश्चित ही लोग बदल जाते हैं, किंतु इतिहास कई बार दोहराया जाता है। जेपी की भूमि से, गुरु गोविंद सिंह की भूमि से, बुद्ध की भूमि से उभर कर आ रही तस्वीर अभी आगाज है, अंजाम लोकतंत्र के हित में होगा। अब जेपी की विरासत नीतीश जी के हवाले है। वे सर्वसम्मति से यूपीए के संयोजक बनाए गए हैं।

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