Bihar Election : सीएम फेस से तेजस्वी यादव को आउट कर रहे कांग्रेसी; बिहार चुनाव में सीट पर बात करेंगे राहुल आज?
Congress Party : राहुल गांधी पिछली बार आए थे तो विपक्षी गठबंधन से सीएम का चेहरा तेजस्वी यादव होंगे या नहीं, यह सवाल टाल गए थे। फिर अल्लावरु ने कहा कि जनता सीएम तय करेगी। अब कांग्रेस कार्यसमिति में पहुंचे दिग्गज कह रहे- कांग्रेस अध्यक्ष तय करेंगे।
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बिहार में कांग्रेस कहीं गजब का खेला तो नहीं कर रही तेजस्वी यादव के साथ! ठीक वैसा ही, जैसा लोकसभा चुनाव के समय राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कांग्रेस के साथ किया था। तेजस्वी यादव ने उन जख्मों को धोने के लिए ही साफ कह दिया कि राहुल गांधी अगले लोकसभा चुनाव में पीएम का चेहरा होंगे। लेकिन, राहुल गांधी ने तो बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्षी दलों की ओर से तेजस्वी यादव के चेहरे पर पूछे गए सवाल को लेकर चुप्पी मार दी थी। वोटर अधिकार यात्रा के खत्म होने पर राहुल की यह चुप्पी सामने आई। फिर बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने दिल्ली में पार्टी बैठक से लौटकर कहा कि सीएम कौन होगा, यह जनता तय करेगी। अब कांग्रेस कार्यसमिति में आए नेता सीधे कह रहे हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष सीएम का फेस तय करेंगे। मतलब?
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक से पहले चेहरे पर आई बात
आजादी के बाद पहली बार बिहार में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हो रही है। एक राजनीतिक दल के रूप में एक तरह से पहली बार। बैठक में कांग्रेस में वोट चोरी के आरोप से लेकर सीट बंटवारे की योजना तक पर बात होनी है। लेकिन, बैठक के पहले ही पटना पहुंचकर कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकमार ने कह दिया कि बिहार में I.N.D.I.A. के सीएम का चेहरा कांग्रेस अध्यक्ष तय करेंगे। उन्होंने विपक्षी गठबंधन में सबकुछ ठीक होने की बात भी कही, लेकिन सीएम के फेस पर पूछे गए सवाल का यह जवाब राजद के लिए अप्रत्याशित होगा।
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महागठबंधन की जगह इस बार I.N.D.I.A. उतरेगा चुनाव में
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का मुकाबला महागठबंधन से हुआ था। इसका चेहरा तेजस्वी यादव थे। लोकसभा चुनाव में भी यही हुआ। महागठबंधन में राजद की ही चली थी। राजद ने ही सीट दिए थे। कांग्रेस को सीट देने के पहले उसकी मांग वाली सीटों पर अपने प्रत्याशी भी उतार दिए थे। लेकिन, इस बार कांग्रेस देने नहीं, बांटने की बात कह रही है। राहुल गांधी चुनावी साल की शुरुआत से ही सक्रिय हैं। बिहार में मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण का विरोध तेजस्वी यादव ने शुरू किया, लेकिन बाजी राहुल गांधी मार ले गए।
वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत में तेजस्वी यादव को राहुल गांधी के साथ देखा गया। फिर राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी भी उतरीं। उसके बाद, यात्रा समापन के मंच पर महागठबंधन की जगह I.N.D.I.A. का दबदबा दिखा। सीएम फेस पर राहुल गांधी की टालमटोल नीति दिखी। अल्लावरु का बयान आया और अब डीके शिवकुमार के बयान ने तो राजद के अंदर खलबली मचा दी है। राजद और महागठबंधन के पुराने सहयोगी तो तेजस्वी यादव को लेकर संशय में नहीं हैं। यहां तक कि बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह तक तेजस्वी यादव को ही चेहरा बता चुके हैं, लेकिन अब सभी की नजर इस बात पर है कि कांग्रेस की ओर से औपचारिक घोषणा कब की जाती है।
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कांग्रेस 70 सीटें मांग रही, 57-58 पर राजी हो सकती है
बिहार चुनाव की गहमागहमी बढ़ाने वाली कांग्रेस कार्यसमिति की इस बैठक के पहले यह साफ हो चुका है कि विपक्षी गठबंधन में दरार जैसी स्थिति नहीं है। सीटों को लेकर कांग्रेस को समझौता करना है और सीएम फेस पर राजद को तेजस्वी यादव के नाम की मुहर लगवानी है, बस। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे आज कांग्रेस कार्यसमिति के बाद चार्टर्ड फ्लाइट से ही लौटेंगे तो उसके पहले वह राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से मिलने भी जाएंगे। यह मुलाकात हुई तो आज ही सीट पर एक झटके में बात होने की उम्मीद है। कांग्रेस पिछली बार की तरह 70 सीटें मांग रही है। राजद अबतक 50 से ज्यादा देने को तैयार नहीं है। हालांकि, ताजा स्थिति यह है कि 57-58 पर बात फाइनल हो सकती है।