फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   sakshi malik, wrestler sakshi malik, international wrestler, rio olympic, rohtak, haryana

साक्षी मलिक: ड्रेस देखी और बन गई पहलवान, जाएगी ओलंपिक

Thu, 12 May 2016 12:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 12 May 2016 12:35 PM IST
विज्ञापन
sakshi malik, wrestler sakshi malik, international wrestler, rio olympic, rohtak, haryana
इंटरनेशनल पहलवान साक्षी मलिक - फोटो : अमर उजाला
ओलंपिक में क्वालीफाई करने वाली साक्षी मलिक के पहलवान बनने के पीछे एक खास वजह रही। उसने पहलवान बनने का सपना केवल इसलिए देखा कि उसे पहलवानों की ड्रेस अच्छी लगी थी। 15 साल पहले केवल ड्रेस के लिए कुश्ती खेलने वाली साक्षी इतनी ऊंचाई तक पहुंचेगी, यह कभी परिवार वालों ने भी नहीं सोचा होगा। बेटी को पहलवान बनाने में परिवार वाले थोड़ा हिचकते जरूर हैं, लेकिन साक्षी मलिक ने अपनी मां सुदेश के सामने खेलने की इच्छा जताई तो वे उसे लेकर 15 साल पहले छोटूराम स्टेडियम में पहुंच गईं।
विज्ञापन


वहां उसे जिम्नास्टिक खेलने के लिए कहा गया, लेकिन उसने साफ इंकार कर दिया। फिर एथलीट व अन्य कई खेलों के खिलाड़ियों को दिखाया गया और सबसे आखिर में साक्षी को रेसलिंग हाल में लेकर पहुंची। वहां साक्षी को पहलवानों की ड्रेस अच्छी लगी तो उसने कुश्ती खेलने की इच्छा जताई। साक्षी की मां सुदेश ने बताया कि उस समय साक्षी को पहलवानों की ड्रेस अच्छी लगी थी और उसने कहा था कि यह ड्रेस अच्छी है, इसलिए वह भी कुश्ती लड़ेगी। उस समय लगा था कि बेटी की इच्छा है तो खेलने देते हैं, जब तक मन होगा खेलती रहेगी।
विज्ञापन


लेकिन एक दिन साक्षी से कहा कि वह कोई भी काम करे तो उसे पूरी मेहनत से करे। चाहे पढ़ाई हो या कुश्ती। शायद उसी दिन से साक्षी ने पीछे मुड़कर नहीं देखने का फैसला कर लिया। उसके बाद साक्षी ने बहुत छोटी उम्र में सब जूनियर एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड जीता। उस समय महसूस होने लगा कि शायद बेटी ने सही खेल चुना है। फिर कॉमनवेल्थ में सिलवर जीता और उसके बाद भी कई मेडल जीते। अब ओलंपिक में क्वालीफाई करने पर लगता है कि सपना सच हो रहा है। केवल एक ही तमन्ना है कि बेटी ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीते।
विज्ञापन
विज्ञापन

ओलंपिक का टिकट लेकर इस्तांबुल से लौटी साक्षी का स्वागत

sakshi malik, wrestler sakshi malik, international wrestler, rio olympic, rohtak, haryana
इंटरनेशनल पहलवान साक्षी मलिक - फोटो : अमर उजाला
ओलंपिक का टिकट लेकर घर लौटी पहलवान साक्षी मलिक को शहरवासियों ने पलकों पर बैठा लिया। सर छोटूराम स्टेडियम और घर पर साक्षी का स्वागत किया गया। साथी खिलाड़ियों, कोच व रिश्तेदारों ने साक्षी से एक ही बात कही कि बेटी! अब तुमसे ओलंपिक में गोल्ड मेडल चाहिए। अब ओलंपिक में सोना लाकर हमारे सपने को पूरा करो। मूलरूप से मोखरा खास गांव और वर्तमान में सेक्टर 4 में रहने वाली पहलवान साक्षी मलिक ने रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है।

वह मंगलवार सुबह इस्तांबुल से घर पहुंची, जहां पहले ही परिवार व पड़ोस के लोग उसके स्वागत में खड़े थे। साक्षी के पहुंचते ही लोगों ने फूल माला पहनाकर उसका स्वागत किया। मां सुदेश मलिक ने साक्षी की आरती उतारी और उसे आशीर्वाद दिया। शाम को सर छोटूराम स्टेडियम में पहलवान का स्वागत किया गया। कोच ईश्वर सिंह दहिया ने कहा कि साक्षी उनके लिए एक खिलाड़ी की तरह नहीं, बल्कि एक बेटी की तरह है। उस बेटी से केवल एक वादा चाहिए कि वह ओलंपिक में गोल्ड जीतकर इतिहास रचेगी।

स्टेडियम के कोच नरेंद्र ने कहा कि साक्षी सभी से अलग है और वह कुश्ती की हर तकनीक अपनाने के लिए पूरा जोर लगा देती है। इसलिए उससे ओलंपिक में गोल्ड की पूरी उम्मीद है। वक्ताओं ने भी साक्षी से केवल एक ही बात कही कि उनको ओलंपिक में क्वालीफाई करने पर काफी खुशी है, लेकिन यह खुशी तभी दोगुनी होगी जब वह ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश व प्रदेश का नाम रोशन करेगी। एमडीयू के प्रो. कुलताज सिंह ने कहा कि जल्द ही साक्षी का एमडीयू में सम्मान किया जाएगा। इस दौरान अर्जुन अवार्डी बॉक्सर जितेंद्र कुमार, अर्जुन अवार्डी पहलवान सत्यवान, कोच मंजीत सिंह और एमडीयू के प्रो. आरपी गर्ग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed