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तमाम मुश्किलों के बावजूद शम्मी ने सड़क सुरक्षा के लिए खोजा नायाब तरीका

Sat, 02 Apr 2016 12:18 PM IST
साहिल खजुरिया, अमर उजाला/कठुआ
साहिल खजुरिया, अमर उजाला/कठुआ Updated Sat, 02 Apr 2016 12:18 PM IST
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If not clasp seat belt, car will not start
बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स तृतीय वर्ष का छात्र शम्मी कुमार - फोटो : अमर उजाला
ट्रैफिक पुलिस अक्सर ही लोगों को शराब के नशे में धुत गाड़ी चलाने पर पकड़ती है। विभाग की लाख कोशिश के बाद भी ऐसे लोग भी मिल ही जाते हैं, जो कार चलाते समय सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करते हैं। उनकी इस गलती का खामियाजा वाहन चलाने वाले को तो उठाना ही पड़ता है, आम लोगों की जान पर भी बन आती है।
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तो जरा सोचिए, यदि कोई शराब पीकर कार में बैठे और कार स्टार्ट करे, लेकिन कार स्टार्ट न हो तो उसे कैसा लगेगा? जरूर ही कार में बैठा शख्स कार से बाहर निकलेगा और गुस्से में कार को लात मारेगा।
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इतनी देर में ही यदि उसके पास पुलिस पहुंच जाए तब तो वह अवश्य ही हक्का-बक्का हो जाएगा। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा संभव ही नहीं। लेकिन, चौंकिए मत। यह कारनामा करने का दावा किया है कठुआ के रहने वाले बेहद गरीबी में पले-बढ़े एक बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स तृतीय वर्ष के एक होनहार छात्र शम्मी कुमार ने। 
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अभी हाल ही में शम्मी कुमार ने एक ऐसा सर्किट तैयार किया है, जो दिखने में तो छोटा है, लेकिन इसके काम बेहद अनोखे और फायदेमंद हैं। शम्मी ने जीपीएस तकनीक से चलने वाला एक ऐसा सर्किट तैयार किया है, जो किसी भी कार, टैक्सी या फिर आटो में फिट हो सकेगा। 

सड़क सुरक्षा के लिए तैयार किया अनोखा सर्किट

If not clasp seat belt, car will not start
सीट बेल्ट लगाने पर ही स्टार्ट होगी कार - फोटो : अमर उजाला
खास बात यह है कि इस सर्किट में वाहन के मालिक, चालक के परिवार वालों और पुलिस का नंबर सेव रहेगा। यदि वाहन का एक्सीडेंट हो जाता है तो यह सर्किट तुरंत पुलिस और परिवार के सदस्यों को एसएमएस के जरिए सूचना दे देगा।

यदि कार में आग लग जाती है तो कार के दरवाजे स्वत: खुल जाएंगे। इतना ही नहीं यदि कार चालक ने शराब पी हो या फिर बिना सीट बेल्ट के गाड़ी स्टार्ट करने की कोशिश करेगा तो कार स्टार्ट नहीं होगी और इसका एसएमएस गाड़ी के नंबर और लोकेशन के साथ पुलिस के पास चला जाएगा। 

आसान नहीं रही शम्मी की राह
कठुआ के नंगल गांव से ताल्लुक रखने वाले शम्मी आठवीं कक्षा में थे, जब उनके पिता का निधन हो गया। छोटी सी दुकान के सहारे मां ने शम्मी सहित परिवार को पाला। जखबड़ के भारतीय पब्लिक स्कूल और बरनोटी के करतार पब्लिक स्कूल से शिक्षा पूरी करने के बाद शम्मी को नोएडा में बीटेक में दाखिला मिल गया। 

अजूबा है निर्भया सर्किट
शम्मी ने एक ऐसा सर्किट भी तैयार करने में सफलता पाई है, जो भाड़े पर लिए जाने वाले वाहनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका नाम उन्होंने निर्भया सर्किट दिया है।

यदि किसी को किराये पर वाहन लेकर कहीं जा रहा है और रास्ते में उसे किसी अनहोनी की आशंका होती है, तो वाहन में मौजूद एक बटन को दबाते ही कार की लोकेशन, उसका नंबर और अन्य जानकारियां पुलिस के पास चली जाएगी। दिल्ली पुलिस ने शम्मी के इस प्रोजेक्ट के लिए अथारिटी उपलब्ध करवाने का भी भरोसा दिलाया है। 
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