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सोना देवीः पति की मौत के बाद खेत में 'सोना' उगाया, मोदी से मिला अवार्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर
Updated Sun, 20 Mar 2016 04:06 PM IST
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पीएम मोदी से अवार्ड ग्रहण करती सोना देवी
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में प्रति एकड़ औसत पैदावार सबसे अधिक निकालने वाली जिले की महिला किसान सोना देवी को बेस्ट फार्मर के रूप में चुना गया है। यमुनानगर के गांव हरेवा की रहने वाली सोना देवी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दिल्ली में आयोजित किसान उन्नति मेले में कृषि क्रमन अवार्ड देकर सम्मानित करेंगे।
कृषि उप-निदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने बताया कि प्रति वर्ष प्रत्येक सीजन में कृषि विभाग द्वारा फसल कटाई परीक्षण के तहत औसत पैदावार का आंकलन किया जाता है। वर्ष 2014-15 में धान के सीजन में जिला यमुनानगर से विभिन्न किसानों के 70 परीक्षण भेजे गए थे। जिनमें 69 पुरुष व तीन महिला किसानों की फसलों से लिए गए परीक्षण थे। औसत पैदावार जांचने के लिए किसान की फसल से 25 स्केयर मीटर क्षेत्र में से सेंपल लिए गए थे। जो कृषि विभाग के सांख्यिकी विंग को भेज दिए थे।
इनमें से हरेवा की महिला किसान सोना देवी के धान के खेत की औसत पैदावार प्रदेश में सर्वाधिक रही, जो कि प्रति एकड़ 21 क्विंटल थी। जिसके लिए उसका बेस्ट फार्मर फार एग्रीकल्चर मिनिस्टर कृषि क्रमन अवार्ड के लिए चयन किया गया है। सोना को यह अवार्ड शनिवार को दिल्ली में आयोजित किसान उन्नति मेले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया जाएगा।
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एक दिन का था बेटा जब पति का साथ छूटा
महिला किसान सोना देवी ने बताया कि उसका बड़ा बेटा कमलदीप पौने दो साल और छोटा बेटा मनोज केवल एक दिन का था जब उसके पति शराब सिंह का निधन हो गया। भगवान ने बेटे के रूप में खुशियां तो दी, लेकिन पति के रूप में मिली जीवन की खुशी छीन ली।
ऐसा लगा मानों उस पर विपत्तियों का पहाड़ टूट गया हो। बच्चे छोटे थे। दिन रात एक ही चिंता सताती थी कि अब जीवन की गाड़ी कैसे चलेगी, खेतीबाड़ी कौन संभालेगा। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। समय की करवट ने हौसला दिया और खेतीबाड़ी का काम खुद ही संभालने लगी।
सोना हर साल खुद उगाती है सोना
लगभग 30 साल पहले पति की मौत के बाद भी सोना ने हिम्मत नहीं हारी और स्वयं खेती करनी शुरू की। सोना हर बार सोने जैसी फसल अपनी जमीन में उगाती है। सोना ने बताया कि उसके पास अपने पांच एकड़ जमीन है, जिस पर स्वयं खेती करती है। कुछ साल पहले तक वह खुद फसल को संभालती थी लेकिन अब बेटे जवान हो गए वे उसकी मदद करते हैं।
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कृषि उप-निदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने बताया कि प्रति वर्ष प्रत्येक सीजन में कृषि विभाग द्वारा फसल कटाई परीक्षण के तहत औसत पैदावार का आंकलन किया जाता है। वर्ष 2014-15 में धान के सीजन में जिला यमुनानगर से विभिन्न किसानों के 70 परीक्षण भेजे गए थे। जिनमें 69 पुरुष व तीन महिला किसानों की फसलों से लिए गए परीक्षण थे। औसत पैदावार जांचने के लिए किसान की फसल से 25 स्केयर मीटर क्षेत्र में से सेंपल लिए गए थे। जो कृषि विभाग के सांख्यिकी विंग को भेज दिए थे।
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इनमें से हरेवा की महिला किसान सोना देवी के धान के खेत की औसत पैदावार प्रदेश में सर्वाधिक रही, जो कि प्रति एकड़ 21 क्विंटल थी। जिसके लिए उसका बेस्ट फार्मर फार एग्रीकल्चर मिनिस्टर कृषि क्रमन अवार्ड के लिए चयन किया गया है। सोना को यह अवार्ड शनिवार को दिल्ली में आयोजित किसान उन्नति मेले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया जाएगा।
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एक दिन का था बेटा जब पति का साथ छूटा
महिला किसान सोना देवी ने बताया कि उसका बड़ा बेटा कमलदीप पौने दो साल और छोटा बेटा मनोज केवल एक दिन का था जब उसके पति शराब सिंह का निधन हो गया। भगवान ने बेटे के रूप में खुशियां तो दी, लेकिन पति के रूप में मिली जीवन की खुशी छीन ली।
ऐसा लगा मानों उस पर विपत्तियों का पहाड़ टूट गया हो। बच्चे छोटे थे। दिन रात एक ही चिंता सताती थी कि अब जीवन की गाड़ी कैसे चलेगी, खेतीबाड़ी कौन संभालेगा। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। समय की करवट ने हौसला दिया और खेतीबाड़ी का काम खुद ही संभालने लगी।
सोना हर साल खुद उगाती है सोना
लगभग 30 साल पहले पति की मौत के बाद भी सोना ने हिम्मत नहीं हारी और स्वयं खेती करनी शुरू की। सोना हर बार सोने जैसी फसल अपनी जमीन में उगाती है। सोना ने बताया कि उसके पास अपने पांच एकड़ जमीन है, जिस पर स्वयं खेती करती है। कुछ साल पहले तक वह खुद फसल को संभालती थी लेकिन अब बेटे जवान हो गए वे उसकी मदद करते हैं।