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विनोद कुमारः एक जिद से श्मशान में बना दिया फुटबॉल का मैदान
लक्ष्य सिंह/अमर उजाला, मंडी आदमपुर
Updated Fri, 18 Mar 2016 03:48 PM IST
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बाशिंदे, कोच, फुटबाल
- फोटो : अमर उजाला
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श्मशान भूमि पर कोई जाने की हिम्मत नहीं कर पाता, वहीं एक कोच की जिद ने इसी भूमि से फुटबाल खिलाड़ियों की पौध तैयार कर दी। इस मिट्टी से निकले खिलाड़ी आज राष्ट्रीय स्तर पर खेल रहे हैं। इनमें लड़कियां भी किसी से पीछे नहीं है। इस अकादमी में 200 के करीब बच्चे हैं, जिनमें से 80 लड़कियां हैं। पिछले तीन सालों से यहां की 56 लड़कियां राष्ट्रीय स्तर तक खेल चुकी हैं और 12 लड़के राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।
जी हां हम बात कर रहे हैं कि हिसार जिले के आदमपुर विधानसभा क्षेत्र के छोटे से गांव सदलपुर की समराथल फुटबॉल अकादमी की। खास बात यह है कि बिना किसी सरकारी सहायता के ग्रामीणों के सहयोग से यह अकादमी चल रही है। इस अकादमी के कोच विनोद कुमार के पास कोई डिग्री भी नहीं हैं। केवल अपने अनुभव के आधार पर बच्चों को फुटबॉल की कोचिंग दे रहे।
तीन साल पहले शुरू हुई थी अकादमी
तीन वर्ष पहले अकादमी की शुरुआत की गई थी। अकादमी के कोच विनोद कुमार का कहना है कि बचपन से ही उन्हें फुटबॉल से काफी लगाव था, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों की वजह से वो अपना सपना पूरा नहीं कर पाए। सपने को साकार करने के लिए अकादमी शुरू कर दी। शुरू में उनके पास केवल 20 लड़के खेलने आते थे। उस समय तक उनके पास खेलने के लिए मैदान भी नहीं था। नतीजतन श्मशान भूमि से ही शुरुआत कर दी।
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खूब सुने ताने पर नहीं डगमगाए कदम
अकादमी में खेलने वाली लड़कियों और कोच को खूब ताने सुनने पड़े, लेकिन किसी के कदम नहीं डगमगाये। कोच के अनुभव और खिलाड़ियों की मेहनत रंग लाई। पिछले तीन वर्ष में 68 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। कर्नाटक में हुई पायका नेशनल की टीम में हरियाणा की ओर से दो खिलाड़ी खेली थी। सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में 7 लड़कियों का चयन हुआ था। गोवा की नेशनल चैंपियनशिप में 3 लड़कियां चुनी गई। अकादमी की चार लड़कियां संतोष ट्रॉफी भी खेल चुकी हैं और हाल ही में उड़ीसा में फीफा की ओर से आयोजित सब जूनियर फेडरेशन कप में चंडीगढ़ की ओर से खेलते हुए कांस्य पदक हासिल किया।
सरकारी मदद के बिना लहराया परचम
गांव वालों और एक प्राइवेट स्कूल के सहयोग से अकादमी चल रही है। विनोद कुमार का कहना है वो काफी बार जिला प्रशासन के पास सामान मांगने के लिए गए लेकिन वहां से उन्हें यह कहकर भेज दिया गया कि जहां पर सरकारी कोच नियुक्त है, सामान वहीं दिया जाएगा। लेकिन फिर भी इस अकादमी के बच्चे अपने खुद के खर्चे पर सामान लाते हैं और खेलते हैं।
हाल ही में सात बेटियों का हुआ चयन
हाल ही में गांव की सात बेटियों का चयन गुजरात के गांधी नगर में इंटरनेशनल कैंप के लिए हुआ। गांव सदलपुर के समराथल हाई स्कूल में स्थापित समराथल स्पोर्ट्स एकेडमी की खिलाड़ी अंजू (कप्तान), मनीषा (गोलकीपर), रेणु बाला, प्रोमिला, अनु बाला, ममता व पूनम का चयन गुजरात के गांधी नगर में होने वाले इंटरनेशनल कैंप के लिए हुआ है। कैंप के बाद इनमें से चयनित टीम 20 अप्रैल से 1 मई तक तजाकिस्तान में होने वाले एशिया फुटबाल चैंपियनशिप अंडर 14 में भारत की ओर से खेलेंगी। ऑल इंडिया फुटबाल फेडरेशन के इस कैंप के लिए देशभर से 11 राज्यों से 35 खिलाड़ियों का चयन हुआ है।
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जी हां हम बात कर रहे हैं कि हिसार जिले के आदमपुर विधानसभा क्षेत्र के छोटे से गांव सदलपुर की समराथल फुटबॉल अकादमी की। खास बात यह है कि बिना किसी सरकारी सहायता के ग्रामीणों के सहयोग से यह अकादमी चल रही है। इस अकादमी के कोच विनोद कुमार के पास कोई डिग्री भी नहीं हैं। केवल अपने अनुभव के आधार पर बच्चों को फुटबॉल की कोचिंग दे रहे।
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तीन साल पहले शुरू हुई थी अकादमी
तीन वर्ष पहले अकादमी की शुरुआत की गई थी। अकादमी के कोच विनोद कुमार का कहना है कि बचपन से ही उन्हें फुटबॉल से काफी लगाव था, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों की वजह से वो अपना सपना पूरा नहीं कर पाए। सपने को साकार करने के लिए अकादमी शुरू कर दी। शुरू में उनके पास केवल 20 लड़के खेलने आते थे। उस समय तक उनके पास खेलने के लिए मैदान भी नहीं था। नतीजतन श्मशान भूमि से ही शुरुआत कर दी।
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खूब सुने ताने पर नहीं डगमगाए कदम
अकादमी में खेलने वाली लड़कियों और कोच को खूब ताने सुनने पड़े, लेकिन किसी के कदम नहीं डगमगाये। कोच के अनुभव और खिलाड़ियों की मेहनत रंग लाई। पिछले तीन वर्ष में 68 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। कर्नाटक में हुई पायका नेशनल की टीम में हरियाणा की ओर से दो खिलाड़ी खेली थी। सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में 7 लड़कियों का चयन हुआ था। गोवा की नेशनल चैंपियनशिप में 3 लड़कियां चुनी गई। अकादमी की चार लड़कियां संतोष ट्रॉफी भी खेल चुकी हैं और हाल ही में उड़ीसा में फीफा की ओर से आयोजित सब जूनियर फेडरेशन कप में चंडीगढ़ की ओर से खेलते हुए कांस्य पदक हासिल किया।
सरकारी मदद के बिना लहराया परचम
गांव वालों और एक प्राइवेट स्कूल के सहयोग से अकादमी चल रही है। विनोद कुमार का कहना है वो काफी बार जिला प्रशासन के पास सामान मांगने के लिए गए लेकिन वहां से उन्हें यह कहकर भेज दिया गया कि जहां पर सरकारी कोच नियुक्त है, सामान वहीं दिया जाएगा। लेकिन फिर भी इस अकादमी के बच्चे अपने खुद के खर्चे पर सामान लाते हैं और खेलते हैं।
हाल ही में सात बेटियों का हुआ चयन
हाल ही में गांव की सात बेटियों का चयन गुजरात के गांधी नगर में इंटरनेशनल कैंप के लिए हुआ। गांव सदलपुर के समराथल हाई स्कूल में स्थापित समराथल स्पोर्ट्स एकेडमी की खिलाड़ी अंजू (कप्तान), मनीषा (गोलकीपर), रेणु बाला, प्रोमिला, अनु बाला, ममता व पूनम का चयन गुजरात के गांधी नगर में होने वाले इंटरनेशनल कैंप के लिए हुआ है। कैंप के बाद इनमें से चयनित टीम 20 अप्रैल से 1 मई तक तजाकिस्तान में होने वाले एशिया फुटबाल चैंपियनशिप अंडर 14 में भारत की ओर से खेलेंगी। ऑल इंडिया फुटबाल फेडरेशन के इस कैंप के लिए देशभर से 11 राज्यों से 35 खिलाड़ियों का चयन हुआ है।