Auto: अमेरिकी ऑटो बाजार पर संकट के बादल, बिक्री में गिरावट के संकेत, युद्ध, बढ़ती ईंधन कीमतें और महंगाई का असर
कार निर्माताओं द्वारा पहली तिमाही में अमेरिकी बिक्री में गिरावट दर्ज किए जाने का अंदेशा है। क्योंकि पश्चिम एशिया युद्ध ने पिछले वर्ष की मजबूत स्थितियों की तुलना में पहले से ही कमजोर दृष्टिकोण में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।
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अमेरिका में ऑटोमोबाइल कंपनियों की पहली तिमाही की बिक्री कमजोर रहने की आशंका जताई जा रही है। पहले से धीमे होते बाजार पर अब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भी दिखाई देने लगा है, जिससे अनिश्चितता बढ़ गई है।
क्या युद्ध का असर ऑटो बाजार पर पड़ रहा है?
8 फरवरी को ईरान पर शुरू हुए अमेरिका-इस्राइल के हमले ने कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी है।
इसका असर पेट्रोल की कीमतों पर पड़ा है, जो 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई हैं। और लोगों के लिए इसे खरीदना और भी मुश्किल हो गया है।
क्या प्रमुख कंपनियों की बिक्री घटने वाली है?
विश्लेषकों के अनुसार, Toyota (टोयोटा) की पहली तिमाही बिक्री में हल्की 0.1 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।
वहीं General Motors (जनरल मोटर्स) और Ford (फोर्ड) की बिक्री में 9 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट का अनुमान है।
इसका एक कारण पिछले साल की मजबूत बिक्री भी है। जब संभावित टैरिफ के डर से लोगों ने ज्यादा वाहन खरीदे थे।
क्या महंगाई और ब्याज दरें भी असर डालेंगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि यह कितना लंबा चलता है और क्या इससे महंगाई बढ़ती है।
अगर महंगाई बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा रख सकते हैं। जिससे ऑटो लोन महंगे हो जाएंगे और बिक्री पर असर पड़ेगा।
क्या कुल बिक्री में बड़ी गिरावट की आशंका है?
एडमंडस के मुताबिक, पहली तिमाही में अमेरिकी कार बिक्री 3.7 मिलियन यूनिट्स रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के मुकाबले 6.5 प्रतिशत कम है।
इसके पीछे खराब मौसम, भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ती ईंधन कीमतें और महंगाई जैसे कारण बताए गए हैं।
क्या पूरे साल का आउटलुक भी कमजोर है?
Deutsche Bank (देउत्शे बैंक) का अनुमान है कि पूरे साल में 15.8 मिलियन यूनिट्स की बिक्री हो सकती है, जो पिछले साल से 2.5 प्रतिशत कम होगी।
हालांकि बैंक का मानना है कि युद्ध का तत्काल प्रभाव सीमित रह सकता है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की स्थिति कैसी है?
ईवी बाजार में मिश्रित रुझान देखने को मिल रहा है।
Tesla (टेस्ला) की बिक्री पहली तिमाही में 3,65,645 यूनिट्स रहने का अनुमान है। जो सालाना आधार पर 8.6 प्रतिशत ज्यादा है, लेकिन पिछली तिमाही से 12.6 प्रतिशत कम है।
टैक्स छूट खत्म होने से ईवी बाजार पर दबाव है। लेकिन बढ़ती ईंधन कीमतें इसकी मांग को सहारा दे सकती हैं।
क्या लोग EV की ओर बढ़ रहे हैं?
ईवी में रुचि जरूर बढ़ी है। एडमंड्स के अनुसार, मार्च के मध्य तक ईवी से जुड़ी सर्च 23.8 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो फरवरी के अंत में 20.7 प्रतिशत थी।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि स्थायी बदलाव के लिए ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जरूरी होती है।
क्या पहले भी ऐसे संकटों का असर पड़ा है?
इतिहास बताता है कि तेल संकट का ऑटो बाजार पर गहरा असर पड़ता है।
1973 के तेल संकट के बाद बिक्री में 44.7 प्रतिशत की गिरावट आई थी। जबकि 1979 की ईरान क्रांति के बाद 40 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा 2008 के आर्थिक संकट और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भी बिक्री में भारी कमी देखी गई थी।
क्या आगे और गिरावट संभव है?
फिलहाल स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध लंबा चलता है और ईंधन कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो ऑटो बाजार पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।