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EV: इलेक्ट्रिक वाहन के आयात पर शुल्क रियायत देने का कोई प्रस्ताव नहीं, केंद्र का जवाब
Wed, 13 Dec 2023 09:30 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 13 Dec 2023 09:30 PM IST
सार
सरकार ने बुधवार को कहा कि वह देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के आयात के लिए शुल्क रियायतें और स्थानीय मूल्यवर्धन से छूट देने के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है।
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Tesla Car
- फोटो : Social Media
विस्तार
सरकार ने बुधवार को कहा कि वह देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के आयात के लिए शुल्क रियायतें और स्थानीय मूल्यवर्धन से छूट देने के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है।
क्या टेस्ला और अन्य बहुराष्ट्रीय कार कंपनियों को भारी बैटरी, सेमीकंडक्टर और मैग्नेटिक पार्ट्स में लागत के स्थानीय मूल्यवर्धन से छूट देने का कोई प्रस्ताव है; और भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के आयात पर आयात शुल्क पर सब्सिडी मिलेगी? इस सवाल का जवाब देते हुए वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने कहा कि सरकार की ओर से 25,938 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय के साथ ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री के लिए प्रॉडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम का एलान किया गया था।
उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद ईवी और उनके कंपोनेंट सहित एडवांस्ड ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी उत्पादों के घरेलू मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करना है।
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प्रकाश ने कहा, "इस समय भारत में ईवी के आयात पर स्थानीय मूल्य संवर्धन लागत से छूट प्रदान करने या आयात शुल्क पर सब्सिडी प्रदान करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।"
मंत्री ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने मेक इन इंडिया पहल के तहत स्थानीय मूल्यवर्धन को बढ़ाने के लिए भारत में घरेलू और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा, सरकार ने 18,100 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय के साथ एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी स्टोरेज के लिए पीएलआई योजना को मंजूरी दे दी है।
यह योजना देश में 50 गीगावाट घंटे के लिए गीगा स्केल एसीसी मैनुफेक्चरिंग सुविधाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करती है।
ये टिप्पणियां महत्वपूर्ण हैं क्योंकि अमेरिका स्थित इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला ने भारत में ईवी पर आयात शुल्क में कटौती की मांग की है।
इस समय पूरी तरह से निर्मित इकाइयों (सीबीयू) के रूप में आयातित कारों पर इंजन साइज और लागत, बीमा और माल ढुलाई (सीआईएफ) मूल्य 40,000 अमेरिकी डॉलर से कम या ज्यादा के आधार पर 60 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक सीमा शुल्क लगता है।
नवंबर में, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रेमोंट, कैलिफोर्निया में अमेरिका स्थित इलेक्ट्रिक वाहन प्रमुख टेस्ला की मैन्युफेक्चरिंग प्लांट का दौरा किया। और कहा कि कंपनी भारत से अपने ऑटो कंपोनेंट के आयात को दोगुना कर देगी।
दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला इंक के प्रमुख एलन मस्क ने जून में न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। और मुलाकात के बाद मस्क ने कहा था कि उन्होंने 2024 में भारत आने की योजना बनाई है।
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क्या टेस्ला और अन्य बहुराष्ट्रीय कार कंपनियों को भारी बैटरी, सेमीकंडक्टर और मैग्नेटिक पार्ट्स में लागत के स्थानीय मूल्यवर्धन से छूट देने का कोई प्रस्ताव है; और भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के आयात पर आयात शुल्क पर सब्सिडी मिलेगी? इस सवाल का जवाब देते हुए वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने कहा कि सरकार की ओर से 25,938 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय के साथ ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री के लिए प्रॉडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम का एलान किया गया था।
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उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद ईवी और उनके कंपोनेंट सहित एडवांस्ड ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी उत्पादों के घरेलू मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करना है।
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प्रकाश ने कहा, "इस समय भारत में ईवी के आयात पर स्थानीय मूल्य संवर्धन लागत से छूट प्रदान करने या आयात शुल्क पर सब्सिडी प्रदान करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।"
मंत्री ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने मेक इन इंडिया पहल के तहत स्थानीय मूल्यवर्धन को बढ़ाने के लिए भारत में घरेलू और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा, सरकार ने 18,100 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय के साथ एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी स्टोरेज के लिए पीएलआई योजना को मंजूरी दे दी है।
यह योजना देश में 50 गीगावाट घंटे के लिए गीगा स्केल एसीसी मैनुफेक्चरिंग सुविधाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करती है।
ये टिप्पणियां महत्वपूर्ण हैं क्योंकि अमेरिका स्थित इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला ने भारत में ईवी पर आयात शुल्क में कटौती की मांग की है।
इस समय पूरी तरह से निर्मित इकाइयों (सीबीयू) के रूप में आयातित कारों पर इंजन साइज और लागत, बीमा और माल ढुलाई (सीआईएफ) मूल्य 40,000 अमेरिकी डॉलर से कम या ज्यादा के आधार पर 60 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक सीमा शुल्क लगता है।
नवंबर में, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रेमोंट, कैलिफोर्निया में अमेरिका स्थित इलेक्ट्रिक वाहन प्रमुख टेस्ला की मैन्युफेक्चरिंग प्लांट का दौरा किया। और कहा कि कंपनी भारत से अपने ऑटो कंपोनेंट के आयात को दोगुना कर देगी।
दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला इंक के प्रमुख एलन मस्क ने जून में न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। और मुलाकात के बाद मस्क ने कहा था कि उन्होंने 2024 में भारत आने की योजना बनाई है।