{"_id":"67d57c85c3c14087390249a2","slug":"types-of-engines-used-in-vehicles-how-many-types-of-engines-are-used-in-cars-2025-03-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Engines: इंजन कितने तरह के होते हैं? इनलाइन, वी, डब्ल्यू, बॉक्सर और रोटरी - क्या है इनका मतलब?","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Engines: इंजन कितने तरह के होते हैं? इनलाइन, वी, डब्ल्यू, बॉक्सर और रोटरी - क्या है इनका मतलब?
Mon, 17 Mar 2025 02:18 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 17 Mar 2025 02:18 PM IST
सार
अगर आप कारों में दिलचस्पी रखते हैं, तो आपने Inline (इनलाइन), V (वी), W (डब्ल्यू), Boxer (बॉक्सर) और Rotary (रोटरी) इंजन के बारे में जरूर सुना होगा। ये सभी इंजन अलग-अलग डिजाइन और परफॉर्मेंस के लिए बनाए जाते हैं।
विज्ञापन
Mercedes AMG C 63 S E Performance
- फोटो : Amar Sharma
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अगर आप कारों में दिलचस्पी रखते हैं, तो आपने Inline (इनलाइन), V (वी), W (डब्ल्यू), Boxer (बॉक्सर) और Rotary (रोटरी) इंजन के बारे में जरूर सुना होगा। ये सभी इंजन अलग-अलग डिजाइन और परफॉर्मेंस के लिए बनाए जाते हैं। लेकिन आखिर ये इंजन होते कैसे हैं और कौन-सा इंजन किस तरह की गाड़ियों में इस्तेमाल किया जाता है? यहां हम इस बारे में पूरी जानकारी आसान भाषा में दे रहे हैं।
यह भी पढ़ें - Traffic Violation: होली पर ट्रैफिक उल्लंघनों में भारी इजाफा, दिल्ली में 100 प्रतिशत बढ़े मामले, ये दो रहे सबसे ऊपर
यह भी पढ़ें - Holi 2025: होली के बाद कार और बाइक पर लगे दाग को कैसे हटाएं? जानें गाड़ी को चमकदार बनाए रखने के आसान टिप्स
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Traffic Violation: होली पर ट्रैफिक उल्लंघनों में भारी इजाफा, दिल्ली में 100 प्रतिशत बढ़े मामले, ये दो रहे सबसे ऊपर
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Holi 2025: होली के बाद कार और बाइक पर लगे दाग को कैसे हटाएं? जानें गाड़ी को चमकदार बनाए रखने के आसान टिप्स
विज्ञापन
इनलाइन इंजन
इनलाइन इंजन, जिसे 'स्ट्रेट इंजन' भी कहा जाता है, सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला इंजन लेआउट है। इसमें सभी सिलेंडर एक सीधी लाइन में होते हैं, जिससे इसका डिजाइन सरल, कॉम्पैक्ट और किफायती हो जाता है। यह छोटे और मिड-साइज कारों के लिए एक बेहतरीन विकल्प होता है। इनलाइन इंजन आमतौर पर तीन से छह सिलेंडर तक के हो सकते हैं और इन्हें गाड़ियों में ट्रांसवर्स (साइड) पोजिशन में फिट किया जाता है ताकि कार के अंदर ज्यादा स्पेस मिल सके। मारुति वैगनआर, स्विफ्ट, ह्यूंदै क्रेटा और किया सेल्टॉस जैसी लोकप्रिय गाड़ियों में यही इंजन दिया जाता है।
यह भी पढ़ें - 2025 Tata Tiago NRG: नई टाटा टियागो NRG हुई लॉन्च, जानें कीमत, फीचर्स और इसमें क्या है खास
इनलाइन इंजन, जिसे 'स्ट्रेट इंजन' भी कहा जाता है, सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला इंजन लेआउट है। इसमें सभी सिलेंडर एक सीधी लाइन में होते हैं, जिससे इसका डिजाइन सरल, कॉम्पैक्ट और किफायती हो जाता है। यह छोटे और मिड-साइज कारों के लिए एक बेहतरीन विकल्प होता है। इनलाइन इंजन आमतौर पर तीन से छह सिलेंडर तक के हो सकते हैं और इन्हें गाड़ियों में ट्रांसवर्स (साइड) पोजिशन में फिट किया जाता है ताकि कार के अंदर ज्यादा स्पेस मिल सके। मारुति वैगनआर, स्विफ्ट, ह्यूंदै क्रेटा और किया सेल्टॉस जैसी लोकप्रिय गाड़ियों में यही इंजन दिया जाता है।
यह भी पढ़ें - 2025 Tata Tiago NRG: नई टाटा टियागो NRG हुई लॉन्च, जानें कीमत, फीचर्स और इसमें क्या है खास
वी इंजन
वी इंजन का नाम इसकी बनावट से आया है। इसमें सिलेंडर दो अलग-अलग पंक्तियों में 'V' आकार में सेट किए जाते हैं। यह डिजाइन हाई रेव (तेजी से घूमने वाली) स्पीड और अधिक सिलेंडर वाली गाड़ियों के लिए ज्यादा कॉम्पैक्ट होता है।
यह इंजन आमतौर पर हाई-परफॉर्मेंस और लग्जरी गाड़ियों में देखने को मिलता है, जहां ज्यादा पावर और स्मूद ड्राइविंग की जरूरत होती है। पहले के समय में होंडा एकॉर्ड, ह्यूंदै सोनाटा और स्कोडा सुपर्ब जैसी गाड़ियों में वी इंजन आता था। हालांकि, आजकल यह सिर्फ सुपर लग्जरी और स्पोर्ट्स कारों में देखने को मिलता है।
यह भी पढ़ें - Toll Collection: दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत, हट सकते हैं एमसीडी के टोल बूथ
वी इंजन का नाम इसकी बनावट से आया है। इसमें सिलेंडर दो अलग-अलग पंक्तियों में 'V' आकार में सेट किए जाते हैं। यह डिजाइन हाई रेव (तेजी से घूमने वाली) स्पीड और अधिक सिलेंडर वाली गाड़ियों के लिए ज्यादा कॉम्पैक्ट होता है।
यह इंजन आमतौर पर हाई-परफॉर्मेंस और लग्जरी गाड़ियों में देखने को मिलता है, जहां ज्यादा पावर और स्मूद ड्राइविंग की जरूरत होती है। पहले के समय में होंडा एकॉर्ड, ह्यूंदै सोनाटा और स्कोडा सुपर्ब जैसी गाड़ियों में वी इंजन आता था। हालांकि, आजकल यह सिर्फ सुपर लग्जरी और स्पोर्ट्स कारों में देखने को मिलता है।
यह भी पढ़ें - Toll Collection: दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत, हट सकते हैं एमसीडी के टोल बूथ
बॉक्सर (फ्लैट) इंजन
बॉक्सर इंजन, जिसे 'फ्लैट इंजन' भी कहा जाता है, बाकी इंजनों से थोड़ा अलग होता है। इसमें सिलेंडर समतल (फ्लैट) तरीके से दो विपरीत पंक्तियों में लगाए जाते हैं। इस डिजाइन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह कार का सेंटर ऑफ ग्रैविटी (गुरुत्वाकर्षण केंद्र) नीचे रखता है, जिससे गाड़ी की स्टेबिलिटी और हैंडलिंग बेहतर होती है।
यह इंजन कुछ खास कंपनियों की पहचान बन चुका है, जैसे पोर्शे और सुबारू। मिसाल के लिए, सुबारू WRX और पोर्शे 911 जैसी गाड़ियों में यही इंजन दिया जाता है।
यह भी पढ़ें - Petrol vs Electric Scooters: इलेक्ट्रिक या पेट्रोल स्कूटर, आपको कौन सा चुनना चाहिए? जानें किसे चलाना है फायदे का सौदा
बॉक्सर इंजन, जिसे 'फ्लैट इंजन' भी कहा जाता है, बाकी इंजनों से थोड़ा अलग होता है। इसमें सिलेंडर समतल (फ्लैट) तरीके से दो विपरीत पंक्तियों में लगाए जाते हैं। इस डिजाइन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह कार का सेंटर ऑफ ग्रैविटी (गुरुत्वाकर्षण केंद्र) नीचे रखता है, जिससे गाड़ी की स्टेबिलिटी और हैंडलिंग बेहतर होती है।
यह इंजन कुछ खास कंपनियों की पहचान बन चुका है, जैसे पोर्शे और सुबारू। मिसाल के लिए, सुबारू WRX और पोर्शे 911 जैसी गाड़ियों में यही इंजन दिया जाता है।
यह भी पढ़ें - Petrol vs Electric Scooters: इलेक्ट्रिक या पेट्रोल स्कूटर, आपको कौन सा चुनना चाहिए? जानें किसे चलाना है फायदे का सौदा
डब्ल्यू इंजन
डब्ल्यू इंजन असल में वी इंजन का एक मॉडिफाइड वर्जन है। इसमें दो वी-इंजन को आपस में जोड़कर एक कॉम्पैक्ट लेकिन पावरफुल डिजाइन बनाया जाता है। यह इंजन बेहद दुर्लभ होता है और सिर्फ सुपर-परफॉर्मेंस और लग्जरी गाड़ियों में देखने को मिलता है।
बुगाटी वेरॉन और बुगाटी चिरोन इस इंजन के सबसे मशहूर उदाहरण हैं। इसके अलावा, बेंटले कॉन्टिनेंटल जीटी में भी डब्ल्यू इंजन का इस्तेमाल किया गया था।
यह भी पढ़ें- Alloy Wheels: क्या एलॉय व्हील वाकई इतने खास हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान
डब्ल्यू इंजन असल में वी इंजन का एक मॉडिफाइड वर्जन है। इसमें दो वी-इंजन को आपस में जोड़कर एक कॉम्पैक्ट लेकिन पावरफुल डिजाइन बनाया जाता है। यह इंजन बेहद दुर्लभ होता है और सिर्फ सुपर-परफॉर्मेंस और लग्जरी गाड़ियों में देखने को मिलता है।
बुगाटी वेरॉन और बुगाटी चिरोन इस इंजन के सबसे मशहूर उदाहरण हैं। इसके अलावा, बेंटले कॉन्टिनेंटल जीटी में भी डब्ल्यू इंजन का इस्तेमाल किया गया था।
यह भी पढ़ें- Alloy Wheels: क्या एलॉय व्हील वाकई इतने खास हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान
रोटरी इंजन
रोटरी इंजन बाकी इंजनों से बिल्कुल अलग होता है, क्योंकि इसमें पिस्टन का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसकी जगह, इसमें एक त्रिकोणीय (ट्राइएंगल शेप) रोटर होता है, जो एक अंडाकार चेंबर में घूमता है।
यह डिजाइन पारंपरिक इंजनों की तुलना में छोटा, हल्का और हाई पावर-टू-वेट रेशियो वाला होता है। हालांकि, इस इंजन की सबसे बड़ी कमी यह थी कि यह बहुत ज्यादा फ्यूल और ऑयल की खपत करता था, जिससे इसे बनाए रखना महंगा हो जाता था।
रोटरी इंजन सबसे ज्यादा माजदा RX7 और RX8 जैसी स्पोर्ट्स कारों में देखा गया है।
यह भी पढ़ें - Simple OneS: सिंपल एनर्जी का सबसे किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटर सिंपल वनएस लॉन्च, जानें रेंज और कीमत
रोटरी इंजन बाकी इंजनों से बिल्कुल अलग होता है, क्योंकि इसमें पिस्टन का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसकी जगह, इसमें एक त्रिकोणीय (ट्राइएंगल शेप) रोटर होता है, जो एक अंडाकार चेंबर में घूमता है।
यह डिजाइन पारंपरिक इंजनों की तुलना में छोटा, हल्का और हाई पावर-टू-वेट रेशियो वाला होता है। हालांकि, इस इंजन की सबसे बड़ी कमी यह थी कि यह बहुत ज्यादा फ्यूल और ऑयल की खपत करता था, जिससे इसे बनाए रखना महंगा हो जाता था।
रोटरी इंजन सबसे ज्यादा माजदा RX7 और RX8 जैसी स्पोर्ट्स कारों में देखा गया है।
यह भी पढ़ें - Simple OneS: सिंपल एनर्जी का सबसे किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटर सिंपल वनएस लॉन्च, जानें रेंज और कीमत